NSE लॉन्च करेगा 10 ग्राम गोल्ड फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट: 16 मार्च 2026 से ट्रेडिंग शुरू, छोटे निवेशकों के लिए बड़ी सुविधा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने सोने के निवेशकों के लिए एक बड़ी सुविधा की घोषणा की है। अब से छोटे निवेशक भी आसानी से गोल्ड फ्यूचर्स में ट्रेड कर सकेंगे। NSE ने 10 ग्राम गोल्ड फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च करने का ऐलान किया है, जो 16 मार्च 2026 से ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होगा। यह कदम SEBI की मंजूरी के बाद उठाया गया है और इससे रिटेल निवेशकों, ज्वैलर्स तथा छोटे ट्रेडर्स को काफी फायदा होगा।

NSE का नया 10 ग्राम गोल्ड फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट क्या है?

यह नया कॉन्ट्रैक्ट कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में लॉन्च होगा। मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • ट्रेडिंग यूनिट: 10 ग्राम सोना
  • ट्रेडिंग सिंबल: GOLD10G
  • कॉन्ट्रैक्ट डिस्क्रिप्शन: GOLD10GYYMMM (जैसे GOLD10G26MAR मार्च 2026 के लिए)
  • डिलीवरी: अनिवार्य डिलीवरी (Compulsory Delivery) आधारित। एक्सपायरी पर ओपन पोजीशन को डिलीवरी के लिए मार्क किया जाएगा।
  • डिलीवरी यूनिट: 10 ग्राम 999 प्योरिटी का सोना, LBMA या NSE-अप्रूव्ड सप्लायर्स से, क्वालिटी सर्टिफिकेट के साथ।
  • डिलीवरी स्थान: अहमदाबाद में क्लियरिंग हाउस फैसिलिटी।
  • टिक साइज: 1 रुपये प्रति 10 ग्राम (सबसे छोटा प्राइस मूवमेंट)।
  • मैक्सिमम ऑर्डर साइज: 10 किलोग्राम।
  • ट्रेडिंग टाइम: सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9 बजे से रात 11:30 या 11:55 बजे तक (कॉमोडिटी सेगमेंट के अनुसार)।
  • फाइनल सेटलमेंट प्राइस: एक्सपायरी डे पर अहमदाबाद स्पॉट प्राइस (995 प्योरिटी) के आधार पर 999 प्योरिटी में कन्वर्ट करके तय होगा, शाम करीब 5 बजे घोषित।
  • प्राइस लिमिट: शुरुआती डेली प्राइस लिमिट 6%, अगर क्रॉस हो तो 15 मिनट कूलिंग पीरियड के बाद 9% तक बढ़ सकता है। ज्यादा वोलेटिलिटी में स्टेपवाइज बढ़ोतरी संभव।
  • मार्जिन: वोलेटिलिटी बेस्ड मार्जिन + 1% एक्सट्रीम लॉस मार्जिन लागू होगा।

यह कॉन्ट्रैक्ट पहले से मौजूद बड़े साइज वाले गोल्ड फ्यूचर्स (जैसे 1 किलो) से अलग है, जहां लॉट साइज बड़ा होने से कैपिटल ज्यादा लगता था। अब 10 ग्राम साइज से छोटे निवेशक भी कम पूंजी में भाग ले सकेंगे।

क्यों लॉन्च किया जा रहा है यह नया कॉन्ट्रैक्ट?

भारत में सोना एक पारंपरिक निवेश है, लेकिन फ्यूचर्स मार्केट में रिटेल पार्टिसिपेशन सीमित था क्योंकि बड़े लॉट साइज के कारण। NSE का यह कदम गोल्ड डेरिवेटिव्स मार्केट को डीप बनाने, लिक्विडिटी बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा निवेशकों को जोड़ने के लिए है। इससे:

  • छोटे निवेशक हेजिंग आसानी से कर सकेंगे (जैसे ज्वैलर्स प्राइस रिस्क से बचाव)।
  • ट्रेडिंग में ज्यादा पारदर्शिता और आसानी आएगी।
  • मार्केट में डेप्थ बढ़ेगी, जिससे प्राइस डिस्कवरी बेहतर होगी।

हाल ही में सोने की कीमतें MCX पर अप्रैल 2026 कॉन्ट्रैक्ट में करीब 1,55,000-1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड $4,900-$5,000 प्रति औंस के स्तर पर है। 2026 में गोल्ड की मांग मजबूत बनी रहने की उम्मीद है, खासकर जियो-पॉलिटिकल टेंशन, इन्फ्लेशन और सेंट्रल बैंक खरीदारी के कारण।

मौजूदा गोल्ड फ्यूचर्स से तुलना

NSE पहले से गोल्ड फ्यूचर्स ऑफर करता है, लेकिन बड़े साइज में (जैसे 1 किलो, 100 ग्राम आदि)। MCX पर भी गोल्ड मिनी (100 ग्राम) और गोल्ड (1 किलो) उपलब्ध हैं। यह नया 10 ग्राम कॉन्ट्रैक्ट सबसे छोटा साइज होगा, जो इसे और भी एक्सेसिबल बनाता है।

निवेशकों के लिए सलाह

  • अगर आप नए हैं तो डेमेट अकाउंट और कमोडिटी ट्रेडिंग एक्टिवेट करें।
  • रिस्क मैनेजमेंट जरूरी है, क्योंकि फ्यूचर्स में लीवरेज होता है और नुकसान भी बड़ा हो सकता है।
  • मार्केट ट्रेंड, ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा और डॉलर इंडेक्स पर नजर रखें।
  • टैक्स: फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर बिजनेस इनकम टैक्स लगता है, और डिलीवरी पर GST भी लागू हो सकता है।

यह लॉन्च भारतीय कमोडिटी मार्केट के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सोने को और डेमोक्रेटाइज करेगा। 16 मार्च 2026 से ट्रेडिंग शुरू होने पर निवेशक इसमें हिस्सा ले सकेंगे। अपडेट्स के लिए NSE की ऑफिशियल वेबसाइट या ब्रोकर से संपर्क करें।

(नोट: निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें और मार्केट रिस्क समझें।)

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