फोनपे भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति का एक प्रमुख नाम बन चुका है। 2015 में स्थापित यह प्लेटफॉर्म UPI (Unified Payments Interface) के शुरुआती दिनों में छोटे-छोटे मोबाइल रिचार्ज और बिल पेमेंट्स से शुरू हुआ था। आज यह 65 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स के साथ भारत का सबसे बड़ा फिनटेक प्लेटफॉर्म है। कंपनी का फोकस हमेशा “Building for Bharat” रहा है, यानी टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों तक डिजिटल पेमेंट्स पहुंचाना।
फोनपे की शुरुआत और UPI क्रांति में योगदान
फोनपे की स्थापना Sameer Nigam, Rahul Chari और Burzin Engineer ने की थी। 2016 में UPI लॉन्च होने के साथ ही फोनपे ने इसे अपनाया और छोटे-मोटे ट्रांजेक्शंस पर फोकस किया। जबकि कई प्लेटफॉर्म बड़े लेन-देन पर ध्यान देते थे, फोनपे ने रोजमर्रा की जरूरतों जैसे बिल पेमेंट, रिचार्ज और छोटे पेमेंट्स को आसान बनाया। इससे यूजर्स की आदत बनी और प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ा।
UPI ने भारत में कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा दिया। जनवरी 2026 में UPI पर कुल 21.7 अरब ट्रांजेक्शंस हुए, जिनकी वैल्यू ₹28.33 लाख करोड़ थी। फोनपे ने इसमें 9.91 अरब ट्रांजेक्शंस प्रोसेस किए, जो कुल वॉल्यूम का 45.7% और वैल्यू का 48.6% है। यह लगातार मार्केट लीडर बना हुआ है।
ग्रोथ फॉर्मूला: क्या है फोनपे की सफलता का राज?
फोनपे की ग्रोथ का मुख्य फॉर्मूला यूजर-सेंट्रिक अप्रोच है:
- ग्रामीण और छोटे शहरों पर फोकस — 65% से ज्यादा यूजर्स टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण इलाकों से हैं।
- मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट — 11 भारतीय भाषाओं में ऐप उपलब्ध, जिससे पहुंच बढ़ी।
- सर्विसेज का विस्तार — सिर्फ पेमेंट्स नहीं, बल्कि डिजिटल गोल्ड, म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस (मोटर, हेल्थ, ट्रैवल), लोन और FASTag रिचार्ज जैसी सुविधाएं।
- मर्चेंट नेटवर्क — लगभग 4.7 करोड़ मर्चेंट्स, जिनमें SmartPod जैसे इनोवेटिव डिवाइस (स्मार्ट स्पीकर-POS हाइब्रिड) शामिल हैं। सितंबर 2025 तक 47 मिलियन मर्चेंट्स और 53.40 अरब कस्टमर ट्रांजेक्शंस (₹73.70 ट्रिलियन वैल्यू)।
- इंटरनेशनल एक्सपैंशन — UAE, सिंगापुर और श्रीलंका में इंटरनेशनल UPI पेमेंट्स लॉन्च किए।
2025 में फोनपे ने 600 मिलियन यूजर्स का माइलस्टोन पार किया। सितंबर 2025 तक रजिस्टर्ड यूजर्स 657 मिलियन से ज्यादा हो गए। कंपनी ने AI-पावर्ड वॉइस और टेक्स्ट पेमेंट फीचर्स भी लॉन्च किए, जिससे यूजर एक्सपीरियंस और बेहतर हुआ।
आगामी PhonePe IPO: क्या है प्लान?
फोनपे अब अपने 10वें साल में पब्लिक होने की तैयारी कर रहा है। SEBI से अप्रूवल मिल चुका है और IPO अप्रैल 2026 के आसपास लिस्टिंग की उम्मीद है। यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) होगा, जिसमें Walmart (72% स्टेकहोल्डर), Tiger Global और Microsoft शेयर बेचेंगे। कोई नया शेयर जारी नहीं होगा।
वैल्यूएशन $13-15 बिलियन (लगभग ₹1-1.25 लाख करोड़) के आसपास अनुमानित है। कंपनी $1.3-1.5 बिलियन रेज करने का लक्ष्य रख रही है। हालांकि, NPCI का प्रस्तावित 30% UPI मार्केट शेयर कैप (दिसंबर 2026 तक) चुनौती हो सकता है, क्योंकि फोनपे का शेयर 45%+ है।
फोनपे का फोकस अब सस्टेनेबल ग्रोथ, फाइनेंशियल इनक्लूजन और नए प्लेटफॉर्म्स (जैसे share.market, Indus Appstore) पर है। यह भारत की हर व्यक्ति की फाइनेंशियल जर्नी का डिजिटल इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
फोनपे की यह यात्रा छोटे ट्रांजेक्शंस से शुरू होकर आज भारत की डिजिटल इकोनॉमी का मजबूत स्तंभ बन गई है। UPI की सफलता और फोनपे की इनोवेशन ने मिलकर करोड़ों भारतीयों को कैशलेस दुनिया से जोड़ा है। भविष्य में और भी तेज ग्रोथ की उम्मीद है!
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