FII और DII की धमाकेदार खरीदारी: Q3FY26 में Swiggy, Mphasis, RBL Bank समेत 5 स्टॉक्स में 10%+ बढ़ोतरी

Q3FY26 में FII और DII ने कई स्टॉक्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जो बाजार में संस्थागत निवेशकों की मजबूत रुचि दर्शाता है। खास तौर पर Mphasis, Swiggy, RBL Bank, Utkarsh Small Finance Bank और Ratnaveer Precision Engineering जैसे शेयरों में दोनों ने मिलकर महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की। इसके अलावा चार अन्य कंपनियों में पहली बार एंट्री ली गई। यह ट्रेंड बताता है कि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DII) मजबूती से खरीदारी कर रहे हैं, जबकि FII चुनिंदा सेक्टर्स में सक्रिय हुए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इन बदलावों के बारे में और कंपनियों की ताजा स्थिति।

Mphasis Limited में मजबूत बढ़ोतरी

IT सेक्टर की कंपनी Mphasis ने Q3FY26 में शानदार प्रदर्शन किया। DII ने अपनी हिस्सेदारी 8.2% बढ़ाकर 45.3% कर ली, जबकि FII ने 1.3% बढ़ाकर 19.8% पहुंचाई। कुल मिलाकर 9.5% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने AI-आधारित NeoIP™ Agentic Platform लॉन्च किया, जिससे AI से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स में 69% हिस्सा रहा। कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू ₹3,850 करोड़ रही। तिमाही में रेवेन्यू 12.4% बढ़कर ₹4,003 करोड़ और नेट प्रॉफिट 9% बढ़कर ₹442 करोड़ हो गया। AI फोकस के कारण कंपनी IT सेक्टर की चुनौतियों के बावजूद मजबूत बनी हुई है।

Swiggy में तेज ग्रोथ पर भरोसा

फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Swiggy में FII ने 3.8% और DII ने 6.6% हिस्सेदारी बढ़ाई, कुल 10.4% की बढ़ोतरी। तिमाही के अंत में FII की हिस्सेदारी 16.1% और DII की 22.5% हो गई। कंपनी ने ₹10,000 करोड़ का QIP किया। मंथली ट्रांजैक्टिंग यूजर्स 37% बढ़कर 2.4 करोड़ हुए, एडजस्टेड रेवेन्यू 51% उछलकर ₹6,431 करोड़ पहुंचा। फूड डिलीवरी GRR 20.5% और क्विक कॉमर्स 103% बढ़ा। हालांकि घाटा ₹799 करोड़ से बढ़कर ₹1,065 करोड़ हुआ, लेकिन लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल के कारण संस्थागत निवेशक आकर्षित हुए।

RBL Bank में बड़ा बदलाव

RBL Bank में FII ने 6.4% और DII ने 4.4% हिस्सेदारी बढ़ाई, कुल 10.8% की बढ़ोतरी। अंत में FII 21.9% और DII 39.7% हो गई। Emirates NBD ने ₹27,000 करोड़ से ज्यादा में 60% हिस्सेदारी खरीदी, जो बड़ा ट्रिगर रहा। रेवेन्यू 3.9% बढ़ा, नेट प्रॉफिट 555% उछलकर ₹214 करोड़ हुआ। ग्रॉस NPA 2.9% से घटकर 1.9% हुआ, एडवांस 14% और डिपॉजिट 12% बढ़े। यह बैंकिंग सेक्टर में मजबूत रिकवरी का संकेत है।

Utkarsh Small Finance Bank में सबसे ज्यादा उछाल

Utkarsh Small Finance Bank में सबसे बड़ी बढ़ोतरी देखी गई – FII ने 10.1% और DII ने 7.35% हिस्सेदारी बढ़ाई, कुल 17.45%। अंत में FII 11.8% और DII 9.7%, कंपनी ने ₹950 करोड़ का राइट्स इश्यू किया। हालांकि ग्रॉस लोन थोड़ा घटा और घाटा बढ़ा, ग्रॉस NPA बढ़कर 11.1% हुआ, लेकिन फाइनेंशियल इंक्लूजन और फ्यूचर ROE 15% टारगेट के कारण निवेशक आकर्षित हुए। स्मॉल फाइनेंस बैंक सेक्टर में ग्रोथ पोटेंशियल ज्यादा माना जा रहा है।

Ratnaveer Precision Engineering में सकारात्मक रिस्पॉन्स

Ratnaveer Precision Engineering (स्टेनलेस स्टील वॉशर मैन्युफैक्चरर) में FII ने 7% और DII ने 2.5% बढ़ोतरी की, कुल 9.5%। कंपनी ने ₹185 करोड़ का QIP किया। रेवेन्यू 5.8% बढ़कर ₹269 करोड़ और प्रॉफिट 49% उछलकर ₹17 करोड़ हुआ। FY26-28 के लिए आय टारगेट ₹1,100 करोड़, ₹1,500 करोड़ और ₹1,800 करोड़ रखा गया है।

नई एंट्री वाली कंपनियां

Q3FY26 में FII और DII ने चार कंपनियों में पहली बार एंट्री ली:

  • Synthiko Foils Ltd. – FII 3.7%, DII 6.4%
  • Belrise Industries Ltd. – FII 1.2%, DII 5.3%
  • MTAR Technologies Ltd. – FII 3%, DII 5.2%
  • LKP Finance Ltd. – FII 2.4%, DII 3.9%

ये बदलाव बताते हैं कि संस्थागत निवेशक ग्रोथ स्टोरीज, AI, फिनटेक, बैंकिंग रिफॉर्म्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर फोकस कर रहे हैं। 2025 में FII कुल मिलाकर नेट सेलर रहे, लेकिन DII ने ₹7.5 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश किया। Nifty 50 में DII की हिस्सेदारी 24.8% और FII की 24.3% हो गई है। यह ट्रेंड मार्केट को स्थिरता दे रहा है।

इन स्टॉक्स में निवेश से पहले लेटेस्ट फाइनेंशियल्स, एनालिस्ट रिपोर्ट्स और मार्केट कंडीशंस चेक करें। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।

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