भारत तेजी से वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर अग्रसर है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के जेवर में India Chip Pvt Ltd की आधारशिला रखी, जो HCL ग्रुप और ताइवान की दिग्गज कंपनी फॉक्सकॉन के बीच 60:40 अनुपात वाला जॉइंट वेंचर है। यह आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) प्लांट विशेष रूप से डिजिटल स्क्रीन ड्राइवर चिप्स का उत्पादन करेगा, जो मोबाइल फोन, लैपटॉप, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में इस्तेमाल होते हैं।
HCL का बड़ा दावा: 25% घरेलू डिमांड पूरी करने की क्षमता
HCL ग्रुप की चेयरपर्सन रोशनी नडार मल्होत्रा ने इस मौके पर बताया कि यह प्लांट भारत में सेमीकंडक्टर की कुल घरेलू मांग का लगभग 25 प्रतिशत पूरा करने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा, “देश में सेमीकंडक्टर की अधिकतम डिमांड भारत से ही आएगी। हम अपनी कुल उत्पादन का 20-30 प्रतिशत निर्यात करने की योजना बना रहे हैं, जबकि 60-70 प्रतिशत घरेलू बाजार में खपत होगी।” यह कदम भारत की आयात निर्भरता को कम करने और आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
प्लांट की मुख्य विशेषताएं और निवेश
- निवेश: कुल ₹3,700 करोड़ से अधिक, जिसमें केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रोजेक्ट कॉस्ट का करीब 70 प्रतिशत सब्सिडी/सहायता दी जाएगी।
- क्षमता: प्रति माह 20,000 वेफर्स प्रोसेसिंग, जिससे लाखों चिप्स का उत्पादन संभव।
- उत्पादन शुरू: 2028 तक प्लांट पूरी तरह ऑपरेशनल होने की उम्मीद।
- रोजगार: 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होंगी।
- स्थान: यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA), जेवर, ग्रेटर नोएडा।
यह सुविधा मॉडिफाइड स्कीम फॉर सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग एंड पैकेजिंग (ATMP) के तहत स्थापित की जा रही है, जो भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति
पिछले वित्त वर्ष में भारत का सेमीकंडक्टर आयात 18.5% बढ़कर लगभग ₹1.71 लाख करोड़ पहुंच गया। स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), AI, 6G, डिफेंस और अन्य सेक्टर्स में चिप्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “मेड इन इंडिया चिप” विकसित भारत के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम मजबूत बनाने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उत्तर प्रदेश अब मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में देश का आधा से अधिक हिस्सा संभाल रहा है। यह नया प्लांट यूपी को सेमीकंडक्टर का टेक्नोलॉजी पावरहाउस बनाने में मदद करेगा, जहां डिजाइन हाउस, R&D सेंटर और स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित होंगे।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल पावरहाउस बन चुका है, जहां निर्यात में देश तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
अन्य महत्वपूर्ण पहलें
भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन के तहत कई यूनिट्स को मंजूरी दी है, जिनमें से चार जल्द उत्पादन शुरू करेंगी। टाटा ग्रुप जैसे अन्य बड़े घराने भी विदेशी कंपनियों के साथ टाई-अप कर रहे हैं। यह सब मिलकर भारत को 2026 तक $64 बिलियन और 2030 तक $110 बिलियन की सेमीकंडक्टर मार्केट में मजबूत स्थिति दिलाने का लक्ष्य रखता है।
निष्कर्ष: HCL-फॉक्सकॉन का यह जॉइंट वेंचर न केवल आयात पर निर्भरता घटाएगा, बल्कि भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत खिलाड़ी बनाएगा। यह टेकएड (टेक्नोलॉजी दशक) की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो आत्मनिर्भरता, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा।
CDSL Vs NSDL: Q3 में कौन से डिपॉजिटरी स्टॉक बेहतर प्रदर्शन किया?
फोनपे की सफलता की कहानी: छोटे UPI लेन-देन से 65 करोड़ यूजर्स तक का सफर और IPO की तैयारी
GMDC शेयरों में 4% से अधिक की तेजी: भारत ने अमेरिका की AI पहल ‘Pax Silica’ ज्वाइन की
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम वरुण सिंह है, मैं अपने खाली समय में Youtube Channel पर फाइनेंस संबंधी वीडियो अपलोड करता हूं साथ ही ब्लॉगिंग भी कर रहा हूं। हमारी कोशिश है की हम अपने पाठकों के लिए फाइनेंस सम्बंधित विषयों पर उच्च गुणवत्ता से युक्त आर्टिकल प्रकाशित करें।