CDSL Vs NSDL: Q3 में कौन से डिपॉजिटरी स्टॉक बेहतर प्रदर्शन किया?

भारत के पूंजी बाजार में दो प्रमुख डिपॉजिटरी कंपनियां हैं – सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) और नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL)। ये दोनों कंपनियां डीमैट खातों का प्रबंधन करती हैं, जिससे निवेशक इलेक्ट्रॉनिक रूप से शेयर और सिक्योरिटीज रख सकते हैं। हाल ही में Q3 FY26 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के नतीजों ने इन दोनों के बीच तुलना को और रोचक बना दिया है।

यह लेख CDSL और NSDL के Q3 प्रदर्शन की गहराई से तुलना करता है, जिसमें वित्तीय आंकड़े, खाता वृद्धि, बाजार हिस्सेदारी और स्टॉक रिटर्न शामिल हैं। साथ ही, अतिरिक्त जानकारी जैसे कंपनी की पृष्ठभूमि, भविष्य की संभावनाएं और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु भी जोड़े गए हैं।

CDSL और NSDL की संक्षिप्त जानकारी

  • CDSL: BSE द्वारा प्रमोटेड (15% हिस्सेदारी), रिटेल निवेशकों पर फोकस। यह “रिटेल जायंट” के रूप में जानी जाती है क्योंकि इसमें डीमैट खातों की संख्या बहुत अधिक है।
  • NSDL: NSE, IDBI बैंक और अन्य बैंकों द्वारा समर्थित, कोई एकल प्रमोटर नहीं। यह “वैल्यू जायंट” है क्योंकि कुल डीमैट मूल्य (कस्टडी वैल्यू) में इसका दबदबा है।

दोनों कंपनियां SEBI के तहत काम करती हैं और भारत के बढ़ते डिजिटल निवेश को सपोर्ट करती हैं।

Q3 FY26 में खाता वृद्धि (BO अकाउंट्स)

CDSL ने Q3 में 76 लाख नए Beneficial Owner (BO) खाते जोड़े, जिससे कुल खाते 17.27 करोड़ हो गए (पिछले साल Q3 में 14.65 करोड़ थे)। यह रिटेल निवेशकों की मजबूत भागीदारी दिखाता है।

NSDL ने केवल 13 लाख नए खाते जोड़े, कुल 4.32 करोड़ पहुंचे। हालांकि, इसका नेट BO मार्केट शेयर Q3 FY25 के 6.9% से बढ़कर 14.7% हो गया, जो मजबूत विस्तार दर्शाता है।

CDSL के खाते NSDL से लगभग चार गुना अधिक हैं, लेकिन NSDL कुल डीमैट कस्टडी वैल्यू में 86.2% हिस्सा रखता है (CDSL से अधिक)।

Q3 FY26 वित्तीय प्रदर्शन की तुलना

पैरामीटरCDSL (Q3 FY26)YoY बदलावNSDL (Q3 FY26)YoY बदलाव
रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस₹304 करोड़+9%₹360 करोड़-1%
EBITDA₹160 करोड़-1%₹106 करोड़+17%
नेट प्रॉफिट₹133 करोड़+2%₹89.7 करोड़+4.6%
EPS₹6.38+3%₹4.48+4%

CDSL ने रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट में स्थिर वृद्धि दिखाई, जबकि NSDL का रेवेन्यू थोड़ा घटा लेकिन EBITDA और प्रॉफिट में बेहतर सुधार हुआ। CDSL की प्रॉफिटेबिलिटी मजबूत रही, जबकि NSDL ने ऑपरेशनल एफिशिएंसी में बढ़त बनाई।

बाजार हिस्सेदारी और अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • CDSL: ISINs में 31% YoY वृद्धि (91,593 से 1,20,277), इश्यूअर्स में भी मजबूत बढ़ोतरी। रिटेल फोकस के कारण नए निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
  • NSDL: अनलिस्टेड इक्विटी में 72.5% मार्केट शेयर (4,446 कंपनियां), 300 डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स (DPs) और 56,858 DP सर्विस सेंटर्स। संस्थागत और हाई-वैल्यू क्लाइंट्स में मजबूत।
  • दोनों कंपनियां भारत के बढ़ते स्टॉक मार्केट और डिजिटल ट्रेडिंग से फायदा उठा रही हैं। डीमैट खातों की संख्या में तेज वृद्धि जारी है।

स्टॉक प्रदर्शन (फरवरी 2026 तक)

  • CDSL: मार्केट कैप ₹27,598 करोड़, शेयर प्राइस ₹1,320.50, 1-वर्ष रिटर्न +5.70%
  • NSDL: मार्केट कैप ₹18,467 करोड़, शेयर प्राइस ₹923.35, 1-वर्ष रिटर्न -29% (नकारात्मक)।

CDSL का स्टॉक हाल के वर्षों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, जबकि NSDL का हालिया रिटर्न कमजोर रहा है।

कौन बेहतर प्रदर्शन किया?

Q3 FY26 में CDSL ने खाता वृद्धि, नेट प्रॉफिट और EPS में बेहतर प्रदर्शन दिखाया, जो रिटेल सेगमेंट की मजबूती दर्शाता है। NSDL ने कस्टडी वैल्यू और मार्केट शेयर में लीडरशिप बनाए रखी, साथ ही EBITDA ग्रोथ में बढ़त ली।

कुल मिलाकर, CDSL ने Q3 में शेयरधारकों के लिए बेहतर रिटर्न दिया, जबकि NSDL लंबे समय में वैल्यू और इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूत है।

भविष्य की संभावनाएं

भारत में रिटेल निवेश बढ़ रहा है, म्यूचुअल फंड्स और IPOs की भागीदारी बढ़ रही है। CDSL रिटेल बूम से ज्यादा फायदा उठा सकती है, जबकि NSDL संस्थागत और अनलिस्टेड सेगमेंट में मजबूत रहेगी। दोनों कंपनियां उच्च मार्जिन वाली बिजनेस मॉडल वाली हैं, जो लंबे समय में आकर्षक हैं।

निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। बाजार जोखिम भरा है।

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