ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर ने छुआ नया ऑल-टाइम लो, एक साल में 55% से ज्यादा की गिरावट – कारण और अपडेट

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड (Ola Electric Mobility Ltd) के शेयरों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। 20 फरवरी 2026 को कंपनी के शेयर नए ऑल-टाइम लो स्तर पर पहुंच गए, जहां वे लगभग 26.30-26.80 रुपये के बीच कारोबार कर रहे थे। एक दिन में ही शेयर में 3-4% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले एक साल में स्टॉक करीब 55-56% तक टूट चुका है। इसी अवधि में सेंसेक्स ने 8-9% की बढ़त हासिल की है, जो ओला इलेक्ट्रिक के प्रदर्शन की कमजोरी को और उजागर करता है।

शेयर प्राइस का हालिया ट्रेंड

  • आज का लो: लगभग 26.30 रुपये (20 फरवरी 2026)
  • 52-सप्ताह का हाई: 71.25 रुपये (सितंबर 2025)
  • IPO प्राइस से गिरावट: IPO मूल्य 76 रुपये से अब तक 64-65% की भारी कमी
  • पीक लेवल से गिरावट: अगस्त 2024 में 157.40 रुपये के उच्चतम स्तर से अब तक 83% से ज्यादा की गिरावट
  • मार्केट कैप: वर्तमान में करीब 11,700-12,000 करोड़ रुपये, जबकि पीक पर यह 69,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा था – यानी 57,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की वैल्यू एरोजन।

पिछले एक महीने में शेयर 16-18% और तीन महीने में 35-37% तक गिर चुके हैं। निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है।

गिरावट के प्रमुख कारण

ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में भारी गिरावट के पीछे कई वजहें हैं, जो कंपनी की ऑपरेशनल और मार्केट चुनौतियों को दर्शाती हैं:

  1. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में मांग में कमी: EV दोपहिया वाहनों की ग्रोथ उम्मीद से कम रही है। GST में कटौती और अन्य फैक्टर्स ने इलेक्ट्रिफिकेशन की रफ्तार को धीमा कर दिया है।
  2. बाजार हिस्सेदारी में तेज गिरावट: 2024 में कंपनी की मार्केट शेयर 35-50% तक थी, लेकिन जनवरी 2026 तक यह घटकर मात्र 5-6% रह गई। Q3 FY26 में यह और कम होकर कंपनी पांचवें स्थान पर आ गई। प्रतिस्पर्धा बढ़ने और सर्विस संबंधी शिकायतों ने ग्राहकों का भरोसा कम किया।
  3. कमजोर वित्तीय नतीजे: दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) में रेवेन्यू सालाना आधार पर 55% गिरकर 470 करोड़ रुपये रह गया (पिछले साल 1,045 करोड़)। शुद्ध घाटा 487 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, हालांकि पिछले साल के 564 करोड़ से थोड़ा कम। वॉल्यूम में भारी गिरावट आई – स्कूटर बिक्री 84,000 से घटकर 32,000 यूनिट रह गई।
  4. स्टोर नेटवर्क में बड़े पैमाने पर कटौती: कंपनी ने आक्रामक विस्तार के बाद अब रणनीतिक बदलाव किया है। पहले 4,000 लोकेशन्स तक पहुंचा नेटवर्क अब घटाकर 700 और मार्च 2026 तक 550 तक करने की योजना है। इससे लागत कम करने का प्रयास है, लेकिन यह मांग में ठंडक और बाजार हिस्सेदारी घटने का संकेत भी देता है। कुछ जगहों पर कर्मचारियों की छंटनी भी हुई।
  5. ब्रोकरेज की नेगेटिव रेटिंग: सिटी (Citi) ने ‘बाय’ से ‘सेल’ रेटिंग कर दी और टारगेट प्राइस 55 रुपये से घटाकर 27 रुपये किया (51% कटौती)। अन्य ब्रोकरेज ने भी डाउनग्रेड किया, कमजोर वॉल्यूम, सर्विस इश्यूज, प्रतिस्पर्धा और कैश बर्न का हवाला देते हुए।

कंपनी अब शॉर्ट-टर्म सेल्स बढ़ाने के बजाय लॉन्ग-टर्म स्थिरता, सर्विस क्वालिटी सुधार और लागत में 50% तक कटौती पर फोकस कर रही है। CEO भाविश अग्रवाल ने नए मॉडल्स और गिगाफैक्टरी (6 GWh क्षमता तक) पर जोर दिया है, लेकिन बाजार में चुनौतियां बनी हुई हैं।

निवेशकों के लिए सलाह

ओला इलेक्ट्रिक EV सेक्टर में महत्वपूर्ण प्लेयर है, लेकिन वर्तमान में हाई रिस्क वाला स्टॉक माना जा रहा है। बाजार हिस्सेदारी में सुधार, सर्विस इश्यूज का समाधान और EV मांग में रिकवरी ही रिवाइवल की कुंजी हो सकती है। निवेश से पहले प्रमाणित एक्सपर्ट से सलाह लें, क्योंकि स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव सामान्य है और पिछला प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं।

(नोट: यह जानकारी सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है और निवेश सलाह नहीं है। बाजार की स्थिति बदल सकती है।)

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