पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड (Parag Parikh Flexi Cap Fund) भारत के सबसे बड़े एक्टिव फ्लेक्सी कैप फंड्स में से एक है, जो अपनी लंबी अवधि की निवेश रणनीति और विविधीकरण के लिए जाना जाता है। जनवरी 2026 में फंड ने अपने पोर्टफोलियो में चुनिंदा बदलाव किए, जिसमें ITC, TCS और HDFC बैंक जैसी मजबूत बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई गई। यह कदम बाजार की बदलती गतिशीलता के बीच फंड के सतर्क और संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है।
फंड का AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) दिसंबर 2025 के ₹1,33,308 करोड़ से बढ़कर जनवरी 2026 में ₹1,33,969 करोड़ हो गया। यह मामूली वृद्धि निवेशकों के स्थिर विश्वास को दिखाती है। फंड ने आक्रामक बदलाव की बजाय मौजूदा पोजीशन को मजबूत करने पर फोकस किया, जिससे पोर्टफोलियो में विविधता बनी रही।
ITC में हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रमुख कारण
ITC लिमिटेड में फंड ने काफी हिस्सेदारी बढ़ाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, फंड ने जनवरी में लगभग 6.12 करोड़ शेयर जोड़े, जिससे कुल होल्डिंग दिसंबर के 14.87 करोड़ से बढ़कर 20.99 करोड़ शेयर हो गई। ITC का पोर्टफोलियो वेटेज जनवरी अंत में लगभग 5.05% रहा।
ITC एक डिफेंसिव स्टॉक है, जिसमें FMCG, होटल, एग्रीकल्चर और पेपरबोर्ड जैसे विविध सेगमेंट हैं। यह कंपनी स्थिर डिविडेंड देती है और मुद्रास्फीति के दौर में अच्छा प्रदर्शन करती है। फंड मैनेजरों ने शायद ITC की मजबूत बैलेंस शीट, कैश फ्लो और लंबी अवधि की ग्रोथ पोटेंशियल को देखते हुए यह कदम उठाया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ITC में बढ़ोतरी से फंड ने कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत की है।
TCS में बढ़ाई गई हिस्सेदारी
Tata Consultancy Services (TCS) में भी फंड ने महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की। जनवरी में करीब 38.11 लाख शेयर जोड़े गए। IT सेक्टर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और AI की बढ़ती मांग के बीच TCS जैसी लीडिंग कंपनी में निवेश बढ़ाना स्वाभाविक है।
TCS भारत की सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी है, जिसका ग्लोबल क्लाइंट बेस मजबूत है और निरंतर रेवेन्यू ग्रोथ दिखाती है। फंड ने IT सेक्टर की रिकवरी और लंबी अवधि की संभावनाओं पर भरोसा जताया है।
HDFC बैंक में मजबूती
HDFC बैंक, जो भारतीय बैंकिंग सेक्टर का प्रमुख खिलाड़ी है, में भी फंड ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। जनवरी 2026 में HDFC बैंक फंड के टॉप होल्डिंग्स में शामिल रहा, जहां इसका वेटेज लगभग 8.04% था। बैंकिंग सेक्टर में घरेलू क्रेडिट ग्रोथ, रिटेल लेंडिंग और डिजिटल बैंकिंग की मजबूती के कारण यह फैसला लिया गया।
HDFC बैंक अपनी एसेट क्वालिटी, कम NPA और मजबूत फंडामेंटल्स के लिए प्रसिद्ध है। फंड ने बैंकिंग सेक्टर में घरेलू इकोनॉमी की रिकवरी पर दांव लगाया है।
अन्य महत्वपूर्ण बदलाव
- फंड ने Cipla, HCL Technologies, Infosys, Mahindra & Mahindra, Maruti Suzuki, Zydus Lifesciences, Power Grid Corporation और The Great Eastern Shipping Company जैसी कंपनियों में भी हिस्सेदारी बढ़ाई।
- नई एंट्री: CIE Automotive India और CMS Info Systems।
- कटौती: Coal India और MCX में हिस्सेदारी घटी, जबकि Bharti Airtel से पूरी तरह बाहर निकला।
- कैश लेवल: पहले उच्च स्तर से घटकर लगभग 18.8% रह गया, जो कैपिटल डिप्लॉयमेंट की ओर शिफ्ट दिखाता है।
फंड कुल 31 स्टॉक्स रखता है (दिसंबर में 30 थे), जो बड़े कैप पर फोकस्ड है। यह बदलाव लॉन्ग-टर्म वैल्यू इन्वेस्टिंग की रणनीति को दर्शाते हैं, जहां फंड मैनेजर बाजार की अस्थिरता में भी क्वालिटी कंपनियों पर भरोसा रखते हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड डाइवर्सिफाइड इक्विटी एक्सपोजर चाहने वालों के लिए अच्छा विकल्प रहा है। हालांकि, ये बदलाव केवल सूचना के लिए हैं। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें, फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें और जोखिम को समझें। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है, इसलिए लंबी अवधि का नजरिया अपनाएं।
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