MCX शेयर प्राइस में 80% गिरावट: स्टॉक स्प्लिट के बाद निवेशकों को क्यों नहीं घबराना चाहिए?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) के शेयरों में 2 जनवरी 2026 को ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर 80% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। कई निवेशकों को लगा कि कंपनी के शेयर एक झटके में क्रैश हो गए हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि यह गिरावट वास्तविक नहीं है। यह सिर्फ MCX के 1:5 स्टॉक स्प्लिट के तकनीकी एडजस्टमेंट के कारण हुई है। निवेशकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके निवेश की कुल वैल्यू बिल्कुल वैसी ही बनी हुई है।

MCX स्टॉक स्प्लिट क्या है और क्यों हुआ?

MCX ने अपनी इतिहास में पहली बार 1:5 अनुपात में स्टॉक स्प्लिट की घोषणा की थी। इसका मतलब है कि हर ₹10 फेस वैल्यू वाले एक शेयर को अब 5 शेयरों में बांटा गया है, जिनकी फेस वैल्यू ₹2 प्रत्येक हो गई है।

  • रिकॉर्ड डेट: 2 जनवरी 2026
  • पहले की क्लोजिंग प्राइस: 1 जनवरी को लगभग ₹10,989 – ₹11,015
  • स्प्लिट के बाद ओपनिंग: लगभग ₹2,220 – ₹2,278 के आसपास

इस एडजस्टमेंट के कारण शेयर प्राइस में करीब 80% की “गिरावट” दिख रही है, लेकिन यह सिर्फ अकाउंटिंग एडजस्टमेंट है। कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन और फंडामेंटल्स पर कोई असर नहीं पड़ा है।

स्टॉक स्प्लिट से निवेशकों को क्या फायदा?

स्टॉक स्प्लिट का मुख्य उद्देश्य शेयरों को अधिक किफायती बनाना है:

  • पहले एक शेयर की कीमत ₹11,000 के करीब थी, जो छोटे निवेशकों के लिए महंगी थी।
  • अब प्रति शेयर कीमत ₹2,200 के आसपास होने से रिटेल निवेशक आसानी से खरीद सकते हैं।
  • लिक्विडिटी बढ़ती है: ज्यादा शेयरों की ट्रेडिंग से मार्केट में गतिविधि बढ़ेगी।
  • कुल निवेश वैल्यू: उदाहरण से समझिए –मान लीजिए आपके पास 10 शेयर थे, प्रत्येक ₹10,000 के।
    • कुल वैल्यू: ₹1,00,000
    • स्प्लिट के बाद: 50 शेयर, प्रत्येक ₹2,000 के।
    • कुल वैल्यू: अभी भी ₹1,00,000

कोई नुकसान नहीं, सिर्फ शेयरों की संख्या बढ़ी है!

स्प्लिट के बाद MCX शेयर का परफॉर्मेंस

स्प्लिट एडजस्टमेंट के बाद MCX शेयर ने पॉजिटिव ट्रेडिंग दिखाई। दिन में यह 3.6% तक ऊपर चढ़कर ₹2,278 तक पहुंचा और बाद में 1.5% की बढ़त के साथ ₹2,230 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यह दर्शाता है कि मार्केट में सेंटिमेंट मजबूत है।

स्टॉक स्प्लिट vs बोनस इश्यू: अंतर जानें

कई निवेशक स्टॉक स्प्लिट को बोनस इश्यू से कन्फ्यूज कर लेते हैं:

  • स्टॉक स्प्लिट: शेयरों की संख्या बढ़ती है, प्राइस घटती है, लेकिन फेस वैल्यू बदलती है। डिविडेंड प्रति शेयर कम हो जाता है।
  • बोनस इश्यू: फ्री शेयर मिलते हैं, फेस वैल्यू नहीं बदलती, कुल डिविडेंड एंटाइटलमेंट बढ़ जाता है।

MCX के मामले में सिर्फ स्टॉक स्प्लिट है, कोई बोनस नहीं।

निष्कर्ष: निवेशकों को क्या करना चाहिए?

MCX स्टॉक स्प्लिट एक पॉजिटिव कॉर्पोरेट एक्शन है, जो लंबे समय में शेयर की पहुंच और लिक्विडिटी बढ़ाएगा। अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं, तो घबराएं नहीं – आपका निवेश सुरक्षित है। कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत हैं, और कमोडिटी ट्रेडिंग में ग्रोथ की संभावना बनी हुई है।

(नोट: शेयर मार्केट में निवेश जोखिम भरा है। कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।)

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