बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड में प्रमोटर कंपनी यूके पेंट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी डायरेक्ट हिस्सेदारी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा लिया है। कोर्ट-अप्रूव्ड अमाल्गमेशन स्कीम के तहत ऑफ-मार्केट ट्रांसफर के जरिए यूके पेंट्स ने अतिरिक्त 14.48% हिस्सेदारी हासिल की है, जिससे उसकी कुल हिस्सेदारी 50.09% से बढ़कर 64.57% हो गई है।
यह ट्रांजेक्शन दिसंबर 2025 के अंत में पूरा हुआ, जिसमें 16.87 करोड़ इक्विटी शेयर (करीब 16,87,88,138 शेयर) का अधिग्रहण शामिल है। यह अधिग्रहण जेंसन एंड निकोलसन (एशिया) लिमिटेड से हुआ, जो प्रमोटर ग्रुप का ही हिस्सा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आंतरिक रिस्ट्रक्चरिंग है, इसलिए प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं आया है – यह पहले की तरह ही करीब 75% के आसपास बनी हुई है।
इस रिस्ट्रक्चरिंग का उद्देश्य क्या है?
- ग्रुप स्ट्रक्चर को सरल बनाना।
- कानूनी इकाइयों और ज्यूरिस्डिक्शन की संख्या कम करना।
- प्रशासनिक और रेगुलेटरी खर्चों में कटौती।
- पूंजी का बेहतर उपयोग और संसाधनों का कुशल प्रबंधन।
यह ट्रांजेक्शन निल कंसिडरेशन (बिना किसी नकद भुगतान) पर हुआ है और SEBI रेगुलेशंस के तहत ओपन ऑफर की जरूरत से छूट प्राप्त है, क्योंकि कंट्रोल में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बर्जर पेंट्स शेयर प्राइस और मार्केट रिएक्शन
इस खबर के बाद बर्जर पेंट्स के शेयर सुर्खियों में रहे। 2 जनवरी 2026 को शेयर करीब 523.90 रुपये के भाव पर क्लोज हुआ, शेयर में हल्की गिरावट देखी गई। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 61,082.93 करोड़ रुपये है। निवेशकों के लिए यह संकेत देता है कि प्रमोटर का कॉन्फिडेंस मजबूत है, जो लंबे समय में पॉजिटिव हो सकता है।
बर्जर पेंट्स कंपनी ओवरव्यू
बर्जर पेंट्स इंडिया भारत की प्रमुख पेंट कंपनियों में से एक है, जो डेकोरेटिव और इंडस्ट्रियल कोटिंग्स बनाती है। इसमें इमल्शन, एनामेल, वुड फिनिश और प्रोटेक्टिव कोटिंग्स शामिल हैं। कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ मजबूत है:
- ROCE: 24.9%
- ROE: 20.3%
- डेट-टू-इक्विटी रेशियो: 0.11 (कम कर्ज)
- डिविडेंड पेआउट: 36.2%
हालांकि हाल की तिमाहियों में सेल्स और प्रॉफिट में कुछ गिरावट आई है, लेकिन प्रमोटर की बढ़ती हिस्सेदारी कंपनी के भविष्य पर विश्वास दर्शाती है।
निवेश सलाह: शेयर मार्केट में निवेश जोखिम भरा होता है। कोई भी निर्णय लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें।
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