भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (ICICI Prudential AMC) ने Specialised Investment Fund (SIF) कैटेगरी में अपनी एंट्री की है। कंपनी दो नए NFO (New Fund Offer) लॉन्च करने जा रही है, जो पारंपरिक म्यूचुअल फंड और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) के बीच की कड़ी भरने वाले हैं। ये फंड हाई-नेटवर्थ निवेशकों के लिए खासतौर पर डिजाइन किए गए हैं, जो ज्यादा लचीली और एडवांस्ड इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी चाहते हैं।
SIF क्या है और ये क्यों खास है?
SEBI ने हाल ही में SIF कैटेगरी शुरू की है, जो म्यूचुअल फंड्स के नियमों के तहत काम करती है लेकिन ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देती है। इसमें फंड मैनेजर लॉन्ग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी, डेरिवेटिव्स और हेजिंग जैसे एडवांस्ड टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। मिनिमम निवेश ₹10 लाख रखा गया है, इसलिए ये आम रिटेल निवेशकों के लिए नहीं बल्कि अनुभवी और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है। CIO संकरण नारेन के मुताबिक, मॉडरेट रिटर्न वाले माहौल में ऐसी स्ट्रैटेजी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती हैं।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दो नए SIF NFO की पूरी जानकारी
1. iSIF Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund
- फोकस: टॉप 100 कंपनियों के बाहर वाली कंपनियां (ज्यादातर मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स)
- स्ट्रैटेजी: लॉन्ग और शॉर्ट दोनों पोजीशंस का इस्तेमाल करके मार्केट के उतार-चढ़ाव को मैनेज करना। इक्विटी डेरिवेटिव्स के जरिए 25% तक अनहेज्ड शॉर्ट एक्सपोजर की अनुमति।
- उद्देश्य: लॉन्ग टर्म कैपिटल एप्रिशिएशन और बेहतर रिस्क एडजस्टेड रिटर्न।
- फंड मैनेजर: CIO संकरण नारेन, मनन तिजोरीवाला और दिव्या जैन की टीम।
2. iSIF Hybrid Long-Short Fund
- फोकस: इक्विटी, डेट और डेरिवेटिव्स में बैलेंस्ड निवेश।
- स्ट्रैटेजी: डायनेमिक एसेट अलोकेशन, हेजिंग और सेलेक्टिव शॉर्ट पोजीशंस के जरिए रिस्क कंट्रोल। इक्विटी और डेट में लिमिटेड शॉर्ट एक्सपोजर।
- उद्देश्य: वोलेटाइल मार्केट में स्थिरता और बेहतर रिटर्न।
- फंड मैनेजर: इक्विटी साइड पर रजत चंडाक और आयुष शाह; डेट साइड पर मनीष बंथिया और अखिल कक्कड़।
महत्वपूर्ण तारीखें और निवेश की शर्तें (2026)
- NFO ओपन डेट: 16 जनवरी 2026
- NFO क्लोज डेट: 30 जनवरी 2026
- मिनिमम निवेश: ₹10 लाख (एकमुश्त या SIP दोनों में लागू)
- प्लान: डायरेक्ट और रेगुलर दोनों उपलब्ध (ग्रोथ ऑप्शन)
- एग्जिट लोड: एलॉटमेंट के 1 साल के अंदर रिडेम्पशन पर 1%
- एनएफओ प्राइस: ₹10 प्रति यूनिट
ये दोनों फंड हाई रिस्क कैटेगरी में आते हैं क्योंकि लॉन्ग-शॉर्ट और डेरिवेटिव्स का इस्तेमाल होता है। इसलिए निवेश से पहले अपनी रिस्क टॉलरेंस और फाइनेंशियल गोल्स जरूर चेक करें।
इन फंड में निवेश क्यों करें?
- मार्केट में ज्यादा उतार-चढ़ाव के समय हेजिंग से रिस्क कम हो सकता है
- मिड और स्मॉलकैप में बेहतर ऑपर्च्युनिटी मिल सकती है
- अनुभवी फंड मैनेजमेंट टीम (ICICI Pru की मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड)
- म्यूचुअल फंड स्ट्रक्चर में PMS जैसी फ्लेक्सिबिलिटी
नोट: म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले स्कीम इंफॉर्मेशन डॉक्यूमेंट (SID) अच्छे से पढ़ें और जरूरत पड़ने पर फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।
अगर आप हाई-नेटवर्थ निवेशक हैं और पोर्टफोलियो में कुछ अलग और एडवांस्ड स्ट्रैटेजी जोड़ना चाहते हैं, तो ये NFO आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है। 16 जनवरी से निवेश शुरू हो रहा है – तैयारी कर लीजिए!
क्या आप भी इन SIF फंड्स में निवेश करने की सोच रहे हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
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