विप्रो के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) नतीजे: मुनाफा 7% घटा, फिर भी 6 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित

बेंगलुरु स्थित प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 7% घटकर 3,119 करोड़ रुपये रहा। पिछली तिमाही की तुलना में यह आंकड़ा 4% कम है।

मुनाफे पर मुख्य असर नए लेबर कोड लागू होने से जुड़े कर्मचारी लाभ खर्चों (लगभग 302 करोड़ रुपये) और कुछ रीस्ट्रक्चरिंग लागतों का पड़ा। अगर इन एकबारगी प्रभावों को हटा दें, तो एडजस्टेड नेट इनकम पिछले साल के मुकाबले मामूली बढ़त दिखाती है।

राजस्व में आई अच्छी बढ़ोतरी

कंपनी का कुल राजस्व सालाना आधार पर 5.5-6% बढ़कर 23,556 करोड़ रुपये के आसपास पहुंचा। आईटी सर्विसेज सेगमेंट का राजस्व 23,378 करोड़ रुपये रहा, जो तिमाही आधार पर 3.3% (कॉन्स्टेंट करेंसी में 1.4%) की बढ़त दर्शाता है।

हालांकि सालाना आधार पर कॉन्स्टेंट करेंसी में राजस्व में 1.2% की गिरावट दर्ज हुई, लेकिन मैनेजमेंट का कहना है कि डिमांड एनवायरनमेंट सतर्क बने रहने के बावजूद कंपनी ने स्थिर प्रदर्शन किया।

मार्जिन और डील्स पर नजर

  • आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन (IFRS आधार पर) 17.6% रहा, जो पिछली तिमाही से 90 बेसिस पॉइंट बेहतर है।
  • कुल डील बुकिंग्स 3.3 बिलियन डॉलर रही, जिसमें लार्ज डील्स 0.9 बिलियन डॉलर की थीं।
  • ऑपरेटिंग कैश फ्लो मजबूत रहा – 4,259 करोड़ रुपये, जो नेट इनकम का 135.4% है।

सीईओ श्रीनिवास पलिया ने कहा कि AI अब कंपनी के लिए बड़ा गेम-चेंजर बन रहा है। विप्रो इंटेलिजेंस, WINGS और WEGA जैसे प्लेटफॉर्म्स से कई बड़ी डील्स हासिल हुई हैं। कंपनी ने ग्लोबल स्तर पर AI इनोवेशन नेटवर्क भी बढ़ाया है।

अगली तिमाही (Q4 FY26) का गाइडेंस

विप्रो ने मार्च 2026 तिमाही के लिए आईटी सर्विसेज राजस्व 2.64 से 2.69 बिलियन डॉलर के बीच रहने का अनुमान जताया है, जो कॉन्स्टेंट करेंसी में 0 से 2% की सिक्वेंशियल ग्रोथ दर्शाता है।

शेयरहोल्डर्स के लिए खुशखबरी – अंतरिम डिविडेंड

कंपनी के बोर्ड ने 6 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

  • रिकॉर्ड डेट: 27 जनवरी 2026
  • पेमेंट डेट: 14 फरवरी 2026 तक

इस डिविडेंड के साथ वित्त वर्ष में कुल पेआउट लगभग 1.3 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा।

निवेशकों के लिए संक्षेप में

विप्रो के नतीजे मिश्रित रहे – राजस्व और डील पाइपलाइन अच्छी दिखी, मार्जिन में सुधार आया, लेकिन लेबर कोड से जुड़े खर्चों ने मुनाफे पर दबाव डाला। AI पर फोकस और मजबूत कैश फ्लो कंपनी के लिए पॉजिटिव संकेत हैं।

क्या आप विप्रो के शेयर में निवेश करने की सोच रहे हैं? मार्केट की प्रतिक्रिया और आगे के गाइडेंस पर नजर रखें।

(नोट: निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।)

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