सोना भारतीय संस्कृति और निवेश का अभिन्न अंग है। चाहे शादी-विवाह हो, त्योहार हों या भविष्य के लिए बचत, सोना हमेशा से लोगों की पहली पसंद रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोने से जुड़े आयकर नियम काफी सख्त हैं? नए खरीदने, विरासत में मिलने, बेचने और घर में रखने तक हर स्टेप पर टैक्स के नियम लागू होते हैं। अगर इन नियमों को नहीं समझा तो बाद में टैक्स नोटिस या जुर्माना भी आ सकता है।
आइए 2026 के लेटेस्ट नियमों के अनुसार सोने पर टैक्स की पूरी जानकारी सरल भाषा में समझते हैं।
1. नए सोना खरीदने पर कितना GST लगता है?
जब आप ज्वेलरी शॉप से सोना, गहने, सिक्के या बार खरीदते हैं तो 3% GST चुकाना पड़ता है। यह GST सोने की शुद्ध कीमत पर लगता है।
अगर आप गहनों में मेकिंग चार्ज देते हैं तो उस पर अतिरिक्त 5% GST लगता है।
टिप: हमेशा हॉलमार्क बिल लें जिसमें GST ब्रेकअप साफ दिखे। बिना बिल के सोना रखना जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि इनकम टैक्स विभाग स्रोत पूछ सकता है।
2. विरासत या इनहेरिटेंस में मिले सोने पर टैक्स
यह सबसे अच्छी खबर है – विरासत में मिला सोना पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। चाहे माता-पिता, दादा-दादी या किसी करीबी रिश्तेदार से मिला हो, प्राप्ति के समय कोई इनकम टैक्स नहीं लगता।
लेकिन जब आप इसे बेचते हैं तो मुनाफा कैपिटल गेन माना जाता है। यहां महत्वपूर्ण बात: होल्डिंग पीरियड मूल खरीददार (जिससे विरासत मिली) की खरीद तारीख से गिना जाता है।
उदाहरण: अगर आपकी दादी ने 1995 में सोना खरीदा था और आप 2026 में बेचते हैं, तो यह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन होगा।
3. सोना बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स कैसे लगता है? (2026 नियम)
सोना बेचने पर मुनाफे को दो भागों में बांटा जाता है:
- शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG): अगर 24 महीने (2 साल) से कम समय में बेचा → मुनाफा आपकी कुल आय में जुड़ता है और आपके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है (5% से 30% तक + सेस)।
- लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG): अगर 24 महीने से ज्यादा रखा → 12.5% फ्लैट टैक्स (इंडेक्सेशन का फायदा अब नहीं मिलता)।
यह नियम फिजिकल गोल्ड, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF पर एक समान लागू होता है।
ध्यान दें: अगर आप सोने की बिक्री से मिले पैसे से घर खरीदते हैं तो सेक्शन 54F के तहत कुछ छूट भी मिल सकती है।
4. घर में कितना सोना रख सकते हैं? (लीगल लिमिट)
इनकम टैक्स विभाग ने अनुमानित सीमा तय की है (बिना किसी सबूत के):
- विवाहित महिला → 500 ग्राम तक
- अविवाहित महिला → 250 ग्राम तक
- पुरुष → 100 ग्राम तक
इससे ज्यादा सोना रखने पर विभाग स्रोत पूछ सकता है। लेकिन अगर आपके पास वैध बिल, विरासत के दस्तावेज या आय का प्रमाण है तो कितना भी सोना रख सकते हैं – कोई ऊपरी लिमिट नहीं।
5. सोने में निवेश के स्मार्ट तरीके (टैक्स बचाने के लिए)
- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): मैच्योरिटी तक रखें तो कैपिटल गेन टैक्स से पूरी छूट + 2.5% सालाना ब्याज (टैक्सेबल)।
- गोल्ड ETF या म्यूचुअल फंड: आसान ट्रेडिंग, लेकिन बिक्री पर वही 12.5% LTCG नियम।
- डिजिटल गोल्ड: सुविधाजनक, लेकिन GST और कैपिटल गेन नियम समान।
सोना सिर्फ भावनाओं का नहीं, बल्कि समझदारी से निवेश का भी साधन है। नियमों का पालन करके आप टैक्स बचत के साथ सुरक्षित निवेश कर सकते हैं।
अगर आपके पास कोई पुराना सोना है या नया खरीदने का प्लान है तो बिल और दस्तावेज जरूर संभालकर रखें। टैक्स नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं, इसलिए लेटेस्ट अपडेट के लिए इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट या किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह जरूर लें।
आपका सोने से जुड़ा अनुभव क्या है? कमेंट में बताएं!
क्या ITC स्टॉक दोबारा 400 रुपये के पार जाएगा? एनालिस्ट्स की ताजा राय और भविष्य का अनुमान
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम वरुण सिंह है, मैं अपने खाली समय में Youtube Channel पर फाइनेंस संबंधी वीडियो अपलोड करता हूं साथ ही ब्लॉगिंग भी कर रहा हूं। हमारी कोशिश है की हम अपने पाठकों के लिए फाइनेंस सम्बंधित विषयों पर उच्च गुणवत्ता से युक्त आर्टिकल प्रकाशित करें।