मॉसचिप टेक्नोलॉजीज के Q3 परिणाम: मुनाफा 60% गिरा, लेकिन रेवेन्यू में मजबूत 18.5% की बढ़ोतरी; सेमीकंडक्टर स्टॉक पर निवेशकों की नजर

मॉसचिप टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (Moschip Technologies Ltd), जो सेमीकंडक्टर और एम्बेडेड सिस्टम डिजाइन सर्विसेज में सक्रिय है, ने हाल ही में दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ दिखाई है, लेकिन मुनाफे में भारी गिरावट देखी गई है। यह स्टॉक हाल के समय में निवेशकों के फोकस में रहा है, खासकर भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों के कारण।

Q3 FY26 के प्रमुख वित्तीय आंकड़े

  • रेवेन्यू: कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही से 18.5% बढ़कर ₹149.3 करोड़ हो गया (पिछले साल ₹126 करोड़ था)। कुछ रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा ₹149.39 करोड़ तक बताया गया है, जो कंपनी के लिए अब तक का सबसे ऊंचा तिमाही रेवेन्यू है।
  • नेट प्रॉफिट: नेट प्रॉफिट में 60.8% की भारी गिरावट आई और यह ₹4.3 करोड़ रह गया (पिछले साल ₹11 करोड़ था)।
  • EBITDA: EBITDA 12% घटकर ₹14.8 करोड़ हो गया (पिछले साल ₹16.8 करोड़), जबकि मार्जिन 13.3% से घटकर 9.9% रह गया।
  • असाधारण खर्च: मुनाफे में गिरावट का मुख्य कारण ₹5.8 करोड़ का एक असाधारण (exceptional) आइटम है, जो नए लेबर कोड के लागू होने से ग्रेच्युटी और लीव लायबिलिटी में बढ़ोतरी के कारण आया है। यह एक बार का खर्च है, जो कंपनी के नियमित ऑपरेशंस पर लंबे समय में असर नहीं डालेगा।

स्टैंडअलोन आधार पर भी रेवेन्यू 17.46% बढ़ा, लेकिन प्रॉफिट में 71.63% की गिरावट दर्ज की गई।

कंपनी के बिजनेस और ग्रोथ ड्राइवर्स

मॉसचिप टेक्नोलॉजीज सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में सक्रिय है, जिसमें चिप डिजाइन, SoC इंजीनियरिंग, एम्बेडेड सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर डिजाइन और टेस्टिंग शामिल हैं। कंपनी ऑटोमोटिव, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम, एयरोस्पेस, डिफेंस और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स को सर्विस देती है। IoT, AI, 5G और प्रोडक्ट इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में फोकस है।

भारत सरकार की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं (जैसे PLI स्कीम और सेमीकंडक्टर मिशन) से कंपनी को लंबे समय में फायदा होने की उम्मीद है। यह सेक्टर में बढ़ती मांग के साथ कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट कर सकता है।

शेयर प्राइस और मार्केट रिएक्शन

परिणाम घोषणा के बाद (31 जनवरी 2026 को जारी) स्टॉक में मिश्रित रिएक्शन देखा गया। पिछले सेशन में शेयर ₹208 के आसपास बंद हुआ था, जिसमें 0.9% की मामूली बढ़त थी। हाल के 6 महीनों में स्टॉक ने करीब 20% रिटर्न दिया है, लेकिन यह अपने 52-वीक हाई से लगभग 28% नीचे ट्रेड कर रहा है।

वर्तमान मार्केट कैप लगभग ₹4,060 करोड़ है। शेयर प्राइस हाल के दिनों में ₹196-215 के रेंज में ट्रेड कर रहा है (30 जनवरी 2026 क्लोजिंग के अनुसार NSE पर ₹210.42)। सेमीकंडक्टर सेक्टर में रुचि के कारण यह स्टॉक लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है, लेकिन हाई वैल्यूएशन और मार्जिन प्रेशर पर नजर रखनी होगी।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

Q3 में रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत है, जो कंपनी की बिजनेस डिमांड और ऑर्डर बुक को दर्शाता है। हालांकि, असाधारण खर्च के कारण प्रॉफिट प्रभावित हुआ। अगर यह एक बार का इंपैक्ट है, तो फ्यूचर क्वार्टर्स में रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में भारत की बढ़ती भूमिका (जैसे टाटा, माइक्रॉन आदि के प्लांट्स) से मॉसचिप जैसी कंपनियों को फायदा होगा।

निवेश से पहले कंपनी की बैलेंस शीट, फ्यूचर गाइडेंस और मार्केट ट्रेंड्स का गहन विश्लेषण जरूरी है। यह लेख केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं।

ITC के Q3 FY26 रिजल्ट्स पर Motilal Oswal ने टारगेट प्राइस कम किया, लेकिन रेटिंग बरकरार रखी, जानिए क्यों

यूनियन बजट 2026 में एआई स्टॉक्स पर रहेगी खास नजर: डेटा सेंटर और टेक सेक्टर को मिल सकता है बड़ा बूस्ट

1 फरवरी 2026 को रविवार के दिन भारतीय शेयर बाजार खुलेगा! NSE और BSE में होगी स्पेशल ट्रेडिंग

Leave a Comment