PhonePe, भारत की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी, जो Walmart के स्वामित्व में है, जल्द ही अपना IPO लॉन्च करने वाली है। कंपनी ने जनवरी 2026 में SEBI के पास Updated Draft Red Herring Prospectus (UDRHP) दाखिल किया है। यह एक Offer for Sale (OFS) होगा, जिसमें लगभग 50.66 मिलियन शेयर बेचे जाएंगे। कंपनी खुद को कोई नया फंड नहीं मिलेगा, बल्कि Walmart, Tiger Global, Microsoft जैसे मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचेंगे। PhonePe की वैल्यूएशन लगभग $15 बिलियन (करीब ₹1.2 लाख करोड़) के आसपास बताई जा रही है।
PhonePe UPI मार्केट में 48-49% शेयर के साथ लीडर है। दिसंबर में यह 9.8 बिलियन ट्रांजेक्शन प्रोसेस कर चुकी है। कंपनी पेमेंट्स के अलावा लेंडिंग, इंश्योरेंस, मर्चेंट सर्विसेज और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज में विस्तार कर रही है। FY25 में रेवेन्यू बढ़ा है, लेकिन नेट लॉस अभी भी जारी है (FY25 में ₹1,727 करोड़ का नेट लॉस, लेकिन ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव)। IPO अप्रैल-जून 2026 तक लिस्टिंग की उम्मीद है।
हालांकि, कंपनी के DRHP में कई जोखिम फैक्टर्स बताए गए हैं। यहां हम 10 प्रमुख जोखिमों पर विस्तार से चर्चा करते हैं (अपडेटेड DRHP के आधार पर), साथ ही कुछ अतिरिक्त जानकारी भी जोड़ रहे हैं जो निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है।
1. लगातार नेट लॉस और नेगेटिव कैश फ्लो
PhonePe पिछले कई सालों से नेट लॉस में चल रही है। सितंबर 2025 तक के 6 महीने में ₹14,444 करोड़ का लॉस, FY25 में ₹17,274 करोड़, FY24 में ₹19,962 करोड़ और FY23 में ₹27,961 करोड़ का लॉस रहा। ऑपरेटिंग कैश फ्लो भी नेगेटिव रहा है। हालांकि हाल के रिपोर्ट्स में लॉस कम हो रहा है और कुछ सेगमेंट में पॉजिटिव कैश फ्लो दिख रहा है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी का रास्ता अभी लंबा है।
2. कंज्यूमर पेमेंट्स सेगमेंट पर ज्यादा निर्भरता
कंपनी की ज्यादातर ऑपरेशनल रेवेन्यू (56-83% विभिन्न पीरियड में) कंज्यूमर पेमेंट्स से आती है। अगर इस सेगमेंट में कोई रुकावट आई (जैसे रेगुलेटरी चेंज या कॉम्पिटिशन), तो पूरी कंपनी प्रभावित हो सकती है।
3. पेमेंट प्रोसेसिंग फीस में बढ़ोतरी का खतरा
बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस से पेमेंट प्रोसेसिंग चार्जेस बढ़ने पर मार्जिन दब सकता है। अगर इन्हें मर्चेंट्स या यूजर्स पर पास नहीं किया जा सका, तो प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित होगी। UPI अभी जीरो MDR पर चलता है, लेकिन भविष्य में बदलाव की आशंका बनी हुई है।
4. यूजर और पार्टनर नेटवर्क बढ़ाने में असफलता
यूजर्स, मर्चेंट्स, लेंडिंग पार्टनर्स, इंश्योरेंस कंपनियों का नेटवर्क न बढ़ पाना या घटना बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकता है।
5. साइबर सिक्योरिटी थ्रेट्स
डिजिटल प्लेटफॉर्म होने से हैकिंग, डेटा ब्रिच का बड़ा रिस्क है, जो रेपुटेशन, खर्च और बिजनेस को प्रभावित कर सकता है।
6. टैलेंट और की मैनेजमेंट पर निर्भरता
की मैनेजमेंट पर्सनल और सीनियर टीम का योगदान महत्वपूर्ण है। टैलेंट रिटेन न कर पाना या कल्चर बनाए रखने में असफलता बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकती है।
7. कानूनी कार्यवाही का जोखिम
कंपनी और सब्सिडियरीज पर कई लीगल केस चल रहे हैं। अनुकूल फैसला न आने पर पेनल्टी या डैमेज का खतरा है। हाल ही में ED ने Winzo जैसे मामलों में PhonePe को समन भेजा है, जो जांच से जुड़ा है।
8. इनोवेशन और नए प्रोडक्ट्स पर निर्भरता
नए प्रोडक्ट्स (लेंडिंग, इंश्योरेंस) की डिमांड सही अनुमान न लगाना ग्रोथ रोक सकता है।
9. ब्रांड स्ट्रेंथ और यूजर ट्रस्ट
PhonePe का ब्रांड और यूजर विश्वास कमजोर होने पर बिजनेस प्रभावित होगा।
10. कानूनों का पालन न करने का रिस्क
एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग, एंटी-करप्शन, सैंक्शंस आदि कानूनों का उल्लंघन (कंपनी या पार्टनर्स द्वारा) पेनल्टी और रेपुटेशन डैमेज का कारण बन सकता है।
अतिरिक्त महत्वपूर्ण जोखिम और जानकारी
- NPCI का 30% UPI मार्केट कैप रूल: PhonePe की UPI में 48-49% हिस्सेदारी है। NPCI का प्रस्तावित नियम (दिसंबर 2026 तक डेफर्ड) किसी ऐप को 30% से ज्यादा ट्रांजेक्शन नहीं करने देगा। इससे ग्रोथ सीमित हो सकती है, नए यूजर्स जोड़ना मुश्किल और अन्य बिजनेस (लेंडिंग, इंश्योरेंस) प्रभावित होंगे।
- डाइवर्सिफिकेशन की चुनौतियां: पेमेंट्स से आगे बढ़ने में स्लो ग्रोथ, जैसे रेंट पेमेंट सर्विस बंद होना (RBI गाइडलाइंस से)। इंश्योरेंस बिजनेस में हाई ड्रॉप-आउट रेट।
- OFS होने से कंपनी को फंड नहीं: कोई नया कैपिटल नहीं आएगा, जो ग्रोथ के लिए चिंता का विषय है।
- कॉम्पिटिशन: Google Pay, Paytm आदि से कड़ी टक्कर।
PhonePe मजबूत मार्केट पोजिशन वाली कंपनी है, लेकिन फिनटेक सेक्टर में रेगुलेटरी रिस्क, लॉस और कॉम्पिटिशन ज्यादा हैं। निवेश से पहले DRHP पूरा पढ़ें, फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें और मार्केट कंडीशंस देखें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं।
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