₹15,000 करोड़ AMCA प्रोजेक्ट: HAL को झटका या अफवाह?

भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट पर हालिया खबरों ने सुर्खियां बटोरी हैं। यह ₹15,000 करोड़ का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम भारत का पहला स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट विकसित करने के लिए है। हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इस प्रोजेक्ट की बिडिंग प्रक्रिया से बाहर हो गई है, और अब टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) तथा भारत फोर्ज जैसी प्राइवेट कंपनियां आगे हैं।

लेकिन क्या HAL वाकई AMCA प्रोजेक्ट से पूरी तरह बाहर हो गया है? कंपनी ने खुद स्पष्ट बयान जारी कर इन अफवाहों पर विराम लगाने की कोशिश की है।

HAL का आधिकारिक स्पष्टीकरण क्या है?

4 फरवरी 2026 को HAL ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजे गए बयान में कहा कि AMCA प्रोग्राम को लेकर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स उसके ध्यान में आई हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया:

“HAL को इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, इसलिए इन रिपोर्ट्स पर इस स्तर पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।”

HAL ने आगे जोर दिया कि वह सभी स्टेकहोल्डर्स को हर विकास की पूरी जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने अपनी मजबूत स्थिति पर भी प्रकाश डाला:

  • HAL के पास मजबूत ऑर्डर बुक है, जो 2032 तक रेवेन्यू विजिबिलिटी और प्रोडक्शन पाइपलाइन प्रदान करती है।
  • कंपनी LCA Mk2, इंडियन मल्टी रोल हेलीकॉप्टर (IMRH), कॉम्बैट एयर टीमिंग सिस्टम (CATS) जैसे कई स्ट्रैटेजिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जो 2032 के बाद प्रोडक्शन में आएंगे।
  • सिविल एविएशन सेगमेंट में डाइवर्सिफिकेशन के साथ Dhruv NG, Hindustan 228 और SJ 100 जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फोकस है, जो लंबे समय तक ग्रोथ सुनिश्चित करेंगे।

AMCA प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति

AMCA भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देने वाला प्रोजेक्ट है। DRDO के अंतर्गत एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) इसे लीड कर रही है। पिछले साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कॉम्पिटिटिव इंडस्ट्री पार्टनरशिप मॉडल को मंजूरी दी थी।

2024 में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने AMCA के डिजाइन और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट को लगभग ₹15,000 करोड़ की लागत से मंजूरी दी। मुख्य टाइमलाइन:

  • पहला प्रोटोटाइप फ्लाइट: 2029 में संभावित
  • डेवलपमेंट पूरा: 2034 तक
  • इंडियन एयर फोर्स में इंडक्शन: 2035 से शुरू, कुल 120 स्टेल्थ फाइटर्स की योजना

हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेक्निकल बिड्स की जांच के बाद तीन कंसोर्टिया (मुख्यतः प्राइवेट) को अगले स्टेज में भेजा गया है, जहां वे पांच प्रोटोटाइप्स और एक स्ट्रक्चरल टेस्ट स्पेसिमेन बनाने के लिए कॉस्ट बिड्स जमा करेंगे। HAL ने दो छोटी कंपनियों के साथ बिड किया था, लेकिन वे अनिवार्य क्राइटेरिया पूरी नहीं कर सकीं, जिसके कारण रिपोर्ट्स में HAL को बाहर बताया गया।

फाइनल पार्टनर का चयन अगले कुछ महीनों में होने की उम्मीद है। साथ ही, फ्रांस की Safran और भारत के Gas Turbine Research Establishment के साथ जॉइंट इंजन डेवलपमेंट पर भी विचार चल रहा है।

HAL के बाहर होने की खबरों का प्रभाव

इन रिपोर्ट्स के बाद HAL के शेयरों में 6-8% तक की गिरावट देखी गई। लेकिन कंपनी का स्पष्टीकरण निवेशकों को आश्वस्त करने की कोशिश है कि कोई आधिकारिक बदलाव नहीं हुआ है।

यह प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की दिशा में बड़ा कदम है, जहां प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ रही है। HAL का अनुभव (Tejas, LCA आदि) अभी भी महत्वपूर्ण रहेगा, भले ही मैन्युफैक्चरिंग में नया मॉडल अपनाया जाए।

अंत में, AMCA प्रोजेक्ट पर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है। HAL ने साफ कहा है कि बिना DRDO से कम्युनिकेशन के कोई कमेंट नहीं किया जा सकता। यह भारत की डिफेंस इंडस्ट्री में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत हो सकता है, जहां प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर साथ मिलकर काम करेंगे।

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