आर्मर सिक्योरिटी इंडिया आईपीओ: अंतिम दिन पर 2 गुना सब्सक्रिप्शन, 22 जनवरी को लिस्टिंग की उम्मीद

प्राइवेट सिक्योरिटी सर्विसेज सेक्टर में सक्रिय आर्मर सिक्योरिटी इंडिया का SME IPO निवेशकों के बीच अच्छा रिस्पॉन्स पा रहा है। कंपनी का यह IPO आज यानी 19 जनवरी 2026 को अपने अंतिम दिन में प्रवेश कर चुका है और अब तक कुल मिलाकर लगभग 2 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।

यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और मार्केट अपडेट्स के आधार पर है, जहां अंतिम दिन के दौरान सब्सक्रिप्शन में अच्छी तेजी देखी गई। शुरुआती दिनों में रिस्पॉन्स थोड़ा धीमा था, लेकिन जैसे-जैसे डेडलाइन नजदीक आई, निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती चली गई।

आईपीओ की मुख्य जानकारी (एक नजर में)

  • इश्यू साइज → ₹26.51 करोड़ (पूरी तरह फ्रेश इश्यू)
  • प्राइस बैंड → ₹55 से ₹57 प्रति शेयर
  • लॉट साइज → 2000 शेयर (रिटेल निवेशक के लिए न्यूनतम 4000 शेयर यानी करीब ₹2.28 लाख का निवेश)
  • सब्सक्रिप्शन पीरियड → 14 जनवरी से 19 जनवरी 2026
  • एलॉटमेंट डेट → 20 जनवरी 2026 (संभावित)
  • रिफंड/क्रेडिट डेट → 21 जनवरी 2026
  • लिस्टिंग डेट → 22 जनवरी 2026 (NSE SME प्लेटफॉर्म पर)

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) का हाल

ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर ₹4 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे, यानी अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹61 के आसपास रह सकती है। यह ऊपरी प्राइस बैंड (₹57) से लगभग 7% की लिस्टिंग गेन की संभावना दिखाता है। हालांकि GMP हमेशा बदलता रहता है, इसलिए लिस्टिंग के दिन असली तस्वीर साफ होगी।

कंपनी के बारे में संक्षेप में

आर्मर सिक्योरिटी इंडिया 1999 में स्थापित एक अनुभवी कंपनी है जो मुख्य रूप से सशस्त्र गार्ड्स, मैनपावर सपोर्ट, सुरक्षा कंसल्टेंसी, हाउसकीपिंग और इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट जैसी सेवाएं देती है। कंपनी का फोकस वाणिज्यिक, रिहायशी और विभिन्न सेक्टर्स के क्लाइंट्स पर है।

पैन-इंडिया मौजूदगी के साथ दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब, हिमाचल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ब्रांच ऑफिस हैं। कंपनी लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स पर काम करती है, जिससे रेवेन्यू काफी हद तक रेकरिंग (बार-बार आने वाला) होता है।

पिछले कुछ सालों का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

  • FY23 → कुल आय: ₹28.97 करोड़
  • FY25 → कुल आय: ₹36.56 करोड़ (अच्छी ग्रोथ दिखी)
  • प्रॉफिट आफ्टर टैक्स भी लगातार बढ़कर FY25 में ₹3.97 करोड़ तक पहुंचा

कंपनी आईपीओ से जुटाई राशि का इस्तेमाल बिजनेस ग्रोथ, वर्किंग कैपिटल और बैलेंस शीट मजबूत करने में करेगी।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

अगर आप SME IPO में इंटरेस्ट रखते हैं और सिक्योरिटी सर्विस सेक्टर की ग्रोथ पर भरोसा करते हैं, तो यह IPO देखने लायक है। हालांकि SME सेगमेंट में वोलेटिलिटी ज्यादा रहती है, इसलिए रिस्क के हिसाब से फैसला लें।

नोट: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें या फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। मार्केट रिस्क अपने साथ लाता है।

विजय केडिया ने अद्वैत एनर्जी ट्रांजिशन्स में नया दांव लगाया, शेयर 9% से ज्यादा उछला!

चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड: 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार, ETFs में 30% तक का उछाल – अब बेचें या और इंतजार करें?

2026 में BESS क्षमता 10 गुना उछाल: भारत के 3 टॉप केमिकल स्टॉक्स जो मुनाफा कमा सकते हैं!

Leave a Comment