कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के शेयरों में नए साल के शुरुआत में ही जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। कंपनी के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद शेयर 7% से अधिक चढ़कर 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। यह फैसला है पड़ोसी देशों के कोयला खरीदारों को सिंगल विंडो मोड एग्नॉस्टिक (SWMA) ई-नीलामी में सीधी भागीदारी की अनुमति देना। आइए जानते हैं इस खबर की पूरी डिटेल्स और इसके शेयर मार्केट पर प्रभाव।
कोल इंडिया शेयर प्राइस आज: क्या है लेटेस्ट अपडेट?
- 2 जनवरी 2026 को एनएसई पर कोल इंडिया का शेयर 7.15% की बढ़त के साथ ₹429.10 पर बंद हुआ।
- इंट्राडे में शेयर ने ₹429.50 का 52-सप्ताह हाई छुआ, जो 7% से ज्यादा की तेजी दर्शाता है।
- पिछले एक महीने में शेयर में 12% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
- छह महीनों में 10% और सालाना आधार पर 8.5% का रिटर्न।
- कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹2.64 लाख करोड़ पहुंच गया।
यह तेजी मुख्य रूप से कंपनी की नई पॉलिसी से जुड़ी है, जिससे निवेशकों में उत्साह देखने को मिला।
विदेशी कोयला खरीदारों को ई-ऑक्शन में सीधी एंट्री: क्या है नया नियम?
कोल इंडिया ने 1 जनवरी 2026 से प्रभावी एक नया फ्रेमवर्क लागू किया है। इसके तहत बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के कोयला उपभोक्ता अब SWMA ई-नीलामी में घरेलू खरीदारों के साथ सीधे भाग ले सकेंगे।
- पहले विदेशी खरीदार केवल भारतीय ट्रेडर्स के माध्यम से ही कोयला खरीद सकते थे।
- अब कंपनी के बोर्ड ने स्कीम में बदलाव कर विदेशी भागीदारी को मंजूरी दी है।
- मुख्य सुविधाएं:
- वन-टाइम रजिस्ट्रेशन।
- डिजिटल बिडिंग।
- एडवांस इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट।
- निर्धारित लॉजिस्टिक्स चैनल से एक्सपोर्ट।
- पेमेंट FEMA नियमों के अनुरूप: नेपाल के खरीदार रुपये या डॉलर में भुगतान कर सकते हैं, जबकि बांग्लादेश और भूटान को डॉलर में (रुपये से लिंक्ड वैल्यूएशन)।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “यह कदम घरेलू कोयला जरूरतों की पूरी सुरक्षा करते हुए मार्केट विस्तार की दिशा में है। इससे पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और ग्लोबल इंटीग्रेशन बढ़ेगा।”
यह बदलाव कोल इंडिया की रणनीति का हिस्सा है, जो घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बढ़ाने पर फोकस कर रही है।
कोल इंडिया प्रोडक्शन और फाइनेंशियल अपडेट
- दिसंबर 2025 में प्रोडक्शन 4.6% YoY बढ़कर 75.7 मिलियन टन।
- हालांकि ऑफटेक में 5.2% की गिरावट।
- अप्रैल-दिसंबर FY26 में कुल प्रोडक्शन 2.6% कम।
- Q2 FY26 में नेट प्रॉफिट 31% गिरा, लेकिन नई पॉलिसी से भविष्य में रेवेन्यू बूस्ट की उम्मीद।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
कोल इंडिया जैसे PSU स्टॉक में यह तेजी लंबे समय तक निवेश के लिए आकर्षक सिग्नल दे रही है। विदेशी मार्केट एक्सेस से कंपनी की सेल्स और प्रीमियम रेट पर बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि, कोयला सेक्टर में ग्लोबल ट्रेंड और घरेलू डिमांड पर नजर रखें।
यह खबर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले एक्सपर्ट सलाह लें।
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