Groww म्यूचुअल फंड ने भारत के हॉस्पिटल सेक्टर में निवेश का नया अवसर पेश किया है। कंपनी ने दो नए पैसिव ETF लॉन्च किए हैं, जो निवेशकों को देश के बढ़ते हेल्थकेयर सेक्टर, खासकर हॉस्पिटल इंडस्ट्री में आसानी से भागीदारी का मौका देते हैं। ये स्कीम्स BSE Hospitals Index को ट्रैक करती हैं, जो BSE 1000 यूनिवर्स से चुनी गई लिस्टेड हॉस्पिटल कंपनियों पर आधारित है।
Groww BSE Hospitals ETF और FOF क्या हैं?
- Groww BSE Hospitals ETF: यह एक ओपन-एंडेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है, जो BSE Hospitals Index – TRI (Total Return Index) को मिरर करता है। फंड इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है, जो इंडेक्स के कंपोनेंट्स के अनुपात में होते हैं। यह भारत का पहला ऐसा ETF है जो BSE Hospitals Index को ट्रैक करता है, जिसे अक्टूबर 2025 में गठित किया गया था। इंडेक्स में लगभग 16 प्रमुख हॉस्पिटल स्टॉक्स शामिल हैं।
- Groww BSE Hospitals ETF FOF (Fund of Funds): यह फंड Groww BSE Hospitals ETF की यूनिट्स में निवेश करता है। FOF उन निवेशकों के लिए सुविधाजनक है जो डायरेक्ट ETF खरीदने के बजाय म्यूचुअल फंड के जरिए एक्सपोजर चाहते हैं।
दोनों स्कीम्स लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए डिजाइन की गई हैं, जो इक्विटी मार्केट की वोलेटिलिटी को सहन कर सकते हैं। NFO पीरियड 11 फरवरी 2026 से शुरू होकर 25 फरवरी 2026 तक चलेगा, और अलॉटमेंट 5 मार्च 2026 को होगा।
हॉस्पिटल सेक्टर में निवेश क्यों आकर्षक?
भारत का हेल्थकेयर सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। हॉस्पिटल्स घरेलू हेल्थकेयर मार्केट का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा कवर करते हैं और यह सबसे बड़ा सेगमेंट है। सेक्टर की ग्रोथ कई फैक्टर्स से संचालित हो रही है:
- हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज में लगातार वृद्धि।
- क्रॉनिक और लाइफस्टाइल डिजीज (जैसे डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम्स) का बढ़ता बोझ।
- बढ़ती उम्र की आबादी (एजिंग पॉपुलेशन) और मेडिकल टूरिज्म का उभरता ट्रेंड।
- सरकार की योजनाएं जैसे आयुष्मान भारत, जो हेल्थकेयर एक्सेस को बेहतर बना रही हैं।
लिस्टेड हॉस्पिटल कंपनियों की रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी में हाल के वर्षों में सुधार देखा गया है। बेहतर यूटिलाइजेशन, स्केल और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी के कारण सेक्टर मजबूत हुआ है। BSE Hospitals Index ने मीडियम से लॉन्ग-टर्म पीरियड में ब्रॉडर मार्केट बेंचमार्क्स के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन दिखाया है।
तुलनात्मक रूप से, ब्रॉडर हेल्थकेयर इंडेक्स जैसे Nifty Healthcare Index ने भी पिछले वर्षों में अच्छा रिटर्न दिया है (पिछले 3-5 सालों में 80%+ रिटर्न के आसपास), जो सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है। हालांकि, यह सेक्टरल फंड होने के कारण वोलेटाइल हो सकता है, इसलिए डाइवर्सिफिकेशन जरूरी है।
निवेश कैसे करें और फायदे
ये पैसिव फंड्स हैं, इसलिए मैनेजमेंट कम खर्चीला होता है (एक्सपेंस रेशियो आमतौर पर लो रहता है) और ट्रांसपेरेंसी ज्यादा। निवेशक Groww प्लेटफॉर्म या अन्य ब्रोकरेज/म्यूचुअल फंड ऐप्स के जरिए NFO में हिस्सा ले सकते हैं। मिनिमम इन्वेस्टमेंट आमतौर पर ₹500 से शुरू होता है (SIP या लंपसम)।
लॉन्ग-टर्म में हेल्थकेयर सेक्टर भारत की ग्रोइंग इकोनॉमी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। Groww के CEO वरुण गुप्ता के अनुसार, हेल्थकेयर डिलीवरी, खासकर हॉस्पिटल-बेस्ड केयर, भारत के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में तेजी से केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
यदि आप सेक्टरल एक्सपोजर चाहते हैं और रिस्क लेने को तैयार हैं, तो Groww BSE Hospitals ETF एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। निवेश से पहले अपनी रिस्क प्रोफाइल और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें। मार्केट रिस्क हमेशा रहता है, और पास्ट परफॉर्मेंस फ्यूचर रिटर्न की गारंटी नहीं है।
अपडेटेड जानकारी के लिए Groww की ऑफिशियल वेबसाइट या AMFI पोर्टल चेक करें।
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