भारत की अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (PSE) हमेशा से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आए हैं। अगर आप ऐसे निवेश की तलाश में हैं जो सरकारी कंपनियों की मजबूती और विकास क्षमता से जुड़ा हो, तो Groww Nifty PSE ETF एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) निफ्टी PSE इंडेक्स को ट्रैक करता है, जो भारत के प्रमुख PSE शेयरों का प्रतिनिधित्व करता है। इस लेख में हम इस ETF की पूरी जानकारी देंगे, जिसमें निवेश उद्देश्य, फायदे, जोखिम और निवेश कैसे करें, शामिल हैं। अगर आप PSE ETF में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह गाइड आपके लिए उपयोगी साबित होगी।
Groww Nifty PSE ETF क्या है?
Groww Nifty PSE ETF एक ओपन-एंडेड ETF है, जो Groww म्यूचुअल फंड द्वारा लॉन्च किया गया है। यह फंड निफ्टी PSE इंडेक्स के प्रदर्शन को ट्रैक करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इंडेक्स में वे कंपनियां शामिल हैं जहां केंद्र या राज्य सरकार की हिस्सेदारी कम से कम 51% है। इस ETF का न्यू फंड ऑफर (NFO) 22 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक खुला है, और अलॉटमेंट 12 फरवरी 2026 को होगा।
यह ETF निवेशकों को PSE सेक्टर में विविधता प्रदान करता है, जिसमें ऊर्जा, बिजली, खनन और वित्तीय सेवाएं जैसे क्षेत्र शामिल हैं। फंड मैनेजर निकhil सतम, आकाश चौहान और शशि कुमार हैं, जो इंडेक्स के अनुसार पोर्टफोलियो को मैनेज करते हैं।
निवेश उद्देश्य और बेंचमार्क
ETF का मुख्य उद्देश्य निफ्टी PSE इंडेक्स के कुल रिटर्न को ट्रैक करके लंबी अवधि में कैपिटल ग्रोथ प्रदान करना है। यह इंडेक्स के शेयरों में उसी अनुपात में निवेश करता है, ताकि ट्रैकिंग एरर कम से कम रहे। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी PSE TRI (टोटल रिटर्न इंडेक्स) है, जो डिविडेंड और कैपिटल गेन्स को शामिल करता है।
निफ्टी PSE इंडेक्स में 20 कंपनियां शामिल हैं, जो बाजार कैपिटलाइजेशन और लिक्विडिटी के आधार पर चुनी जाती हैं। इंडेक्स का कुल मार्केट कैप लगभग 31 लाख करोड़ रुपये है, और यह PSE सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है।
निफ्टी PSE इंडेक्स की मुख्य विशेषताएं
निफ्टी PSE इंडेक्स PSE कंपनियों के प्रदर्शन को मापता है। यहां कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां:
- टॉप होल्डिंग्स: इंडेक्स में प्रमुख कंपनियां जैसे ONGC, NTPC, Power Grid Corporation, Coal India, Bharat Electronics, Indian Oil Corporation और SJVN शामिल हैं। ये कंपनियां तेल, गैस, बिजली और कैपिटल गुड्स जैसे सेक्टरों से आती हैं।
- सेक्टर वितरण:
- तेल, गैस और ईंधन: 42%
- बिजली: 31%
- कैपिटल गुड्स: 10%
- धातु और खनन: 6%
- वित्तीय सेवाएं: 5%
- अन्य: शेष
- पिछला प्रदर्शन: पिछले 3 वर्षों में इंडेक्स ने 133% रिटर्न दिया है, जबकि 5 वर्षों में 269%। हालांकि, पिछले प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देते। 1 वर्ष का औसत रिटर्न लगभग 10% रहा है।
- वर्तमान मूल्य: 28 जनवरी 2026 को इंडेक्स 10,179.50 पर बंद हुआ, जो 4.61% की बढ़त दर्शाता है।
यह इंडेक्स सरकारी नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़ा है, जो भारत की आर्थिक वृद्धि में योगदान देता है।
Groww Nifty PSE ETF के फायदे
PSE ETF में निवेश करने के कई लाभ हैं, खासकर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए:
- विविधता: एक ही फंड से 20 PSE कंपनियों में निवेश, जो जोखिम को फैलाता है।
- स्थिरता: सरकारी बैकिंग के कारण ये कंपनियां आर्थिक उतार-चढ़ाव में मजबूत रहती हैं। अक्सर हाई डिविडेंड देती हैं।
- कम लागत: ETF का एक्सपेंस रेशियो आमतौर पर कम होता है (विवरण NFO में उपलब्ध)।
- लिक्विडिटी: स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होता है, इसलिए आसानी से खरीद-बिक्री कर सकते हैं।
- पैसिव निवेश: कोई एक्टिव स्टॉक सिलेक्शन नहीं, सिर्फ इंडेक्स ट्रैकिंग, जो ट्रैकिंग एरर को कम रखता है।
- भारत की विकास कहानी: PSE कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और राष्ट्रीय विकास में अहम भूमिका निभाती हैं, जो निवेशकों को ग्रोथ का अवसर देती हैं।
अगर आप PSE सेक्टर में निवेश चाहते हैं, तो यह ETF प्राइवेट सेक्टर की तुलना में अधिक स्थिर रिटर्न प्रदान कर सकता है।
जोखिम और सावधानियां
हर निवेश में जोखिम होते हैं, और PSE ETF कोई अपवाद नहीं:
- सरकारी नीतियों का प्रभाव: राजनीतिक बदलाव या नियामकीय फैसले PSE शेयरों को प्रभावित कर सकते हैं।
- सेक्टर-केंद्रित जोखिम: इंडेक्स मुख्य रूप से ऊर्जा और बिजली पर निर्भर है, इसलिए इन सेक्टरों में मंदी का असर पड़ सकता है।
- ट्रैकिंग एरर: हालांकि कम, लेकिन इंडेक्स से थोड़ा विचलन हो सकता है।
- मार्केट रिस्क: शेयर बाजार की अस्थिरता से प्रभावित।
- प्रतिस्पर्धा: प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां PSE को चुनौती दे सकती हैं।
निवेश से पहले अपनी रिस्क टॉलरेंस और फाइनेंशियल गोल्स को ध्यान में रखें। बहुत हाई रिस्क लेवल वाला फंड है, इसलिए लंबी अवधि (5+ वर्ष) के लिए उपयुक्त।
Groww Nifty PSE ETF में निवेश कैसे करें?
Groww प्लेटफॉर्म पर निवेश आसान है:
- Groww ऐप या वेबसाइट पर अकाउंट बनाएं या लॉगिन करें।
- NFO सेक्शन में Groww Nifty PSE ETF खोजें।
- न्यूनतम निवेश राशि (लगभग ₹500) चुनें और पेमेंट करें।
- NFO बंद होने के बाद, ETF स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होगा, जहां आप डीमैट अकाउंट से ट्रेड कर सकते हैं।
- SIP या लंपसम तरीके से निवेश करें।
Groww पर कोई कमीशन नहीं लगता, जो इसे आकर्षक बनाता है। अगर आपके पास डीमैट अकाउंट नहीं है, तो Groww से ही खोल सकते हैं। साथ ही अन्य रेगुलर और डिस्काउंट ब्रोकर के माध्यम से भी इस NFO में निवेश किया जा सकता है, अपने ब्रोकर के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर NFO सेक्शन चेक करें।
निष्कर्ष: क्या यह आपके लिए सही है?
Groww Nifty PSE ETF PSE सेक्टर में पैसिव निवेश का एक शानदार माध्यम है, जो सरकारी कंपनियों की ताकत से लाभ उठाने का मौका देता है। अगर आप लंबी अवधि के कैपिटल अप्रीसिएशन की तलाश में हैं और PSE स्टॉक्स में विश्वास रखते हैं, तो यह विचार करने लायक है। हालांकि, बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।
अधिक जानकारी के लिए Groww की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या स्कीम इंफॉर्मेशन डॉक्यूमेंट पढ़ें। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है – सावधानी से निवेश करें!
(यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य से है और निवेश सलाह नहीं।)
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