एचडीएफसी बैंक Vs एसबीआई: Q3 तिमाही में दोनों बैंकों की मुख्य मेट्रिक्स पर तुलना

भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एचडीएफसी बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) दो सबसे बड़े नाम हैं। एचडीएफसी बैंक प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा बैंक है, जबकि एसबीआई पब्लिक सेक्टर का सबसे बड़ा और देश का सबसे बड़ा लेंडर है। हाल ही में घोषित Q3 (दिसंबर तिमाही, FY26) के नतीजों ने दोनों बैंकों की तुलना को और रोचक बना दिया है।

एसबीआई ने इस तिमाही में अपना अब तक का सबसे ऊंचा स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि एचडीएफसी बैंक ने स्थिर प्रदर्शन दिखाया। आइए जानते हैं कि दोनों बैंक मुख्य मेट्रिक्स पर कैसे खड़े हैं। (डेटा स्टैंडअलोन आधार पर, अपस्टॉक्स और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से लिया गया।)

नेट प्रॉफिट (Net Profit) की तुलना

एसबीआई ने Q3 में ₹21,028 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल की समान तिमाही से 24.4% ज्यादा है। यह आंकड़ा बैंक के इतिहास में सबसे ऊंचा है। हालांकि, इसमें एसबीआई म्यूचुअल फंड से ₹2,200 करोड़ का स्पेशल डिविडेंड शामिल है। इसे हटाने पर प्रॉफिट ₹18,828 करोड़ रह जाता है।

दूसरी ओर, एचडीएफसी बैंक का नेट प्रॉफिट ₹18,653 करोड़ रहा, जो YoY 11.5% बढ़ा।

निष्कर्ष: स्पेशल डिविडेंड को छोड़कर दोनों के प्रॉफिट लगभग बराबर हैं, लेकिन एसबीआई का कोर ग्रोथ मजबूत दिखा।

नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और NIM

  • एसबीआई: NII ₹45,190 करोड़ (YoY +9.0%)।
  • एचडीएफसी बैंक: NII ₹32,615 करोड़ (YoY +6.4%)।

एसबीआई ने NII में बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में एचडीएफसी बैंक आगे है:

  • एचडीएफसी बैंक: 3.35%
  • एसबीआई: 3.12%

एचडीएफसी बैंक अपनी लेंडिंग से बेहतर मार्जिन कमा रहा है।

एसेट क्वालिटी (NPA)

एसेट क्वालिटी में सुधार दोनों बैंकों में दिखा, लेकिन अलग-अलग तरीके से:

  • ग्रॉस NPA (GNPA):
    • एचडीएफसी बैंक: 1.24% (YoY -18 bps) – बेहतर।
    • एसबीआई: 1.57% (YoY -50 bps)।
  • नेट NPA (NNPA):
    • एसबीआई: 0.39% (YoY -14 bps) – बेहतर।
    • एचडीएफसी बैंक: 0.42% (YoY -4 bps)।

एसबीआई ने GNPA में ज्यादा सुधार दिखाया, जबकि नेट NPA में वह आगे है। कुल मिलाकर एसेट क्वालिटी मजबूत हो रही है।

ग्रोथ मेट्रिक्स: लोन और डिपॉजिट

  • ग्रॉस एडवांस (लोन):
    • एसबीआई: ₹46 लाख करोड़ (YoY +15.1%) – मजबूत ग्रोथ।
    • एचडीएफसी बैंक: ₹28.44 लाख करोड़ (YoY +11.9%)।
  • डिपॉजिट:
    • एसबीआई: ₹57 लाख करोड़ (YoY +9.02%)।
    • एचडीएफसी बैंक: ₹28.60 लाख करोड़ (YoY +11.5%) – बेहतर ग्रोथ रेट।
  • क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो:
    • एसबीआई: 72% (अधिक कंजर्वेटिव)।
    • एचडीएफसी बैंक: 99% (अधिक आक्रामक लेंडिंग)।

एसबीआई ने लोन ग्रोथ में लीड किया, जबकि एचडीएफसी बैंक डिपॉजिट ग्रोथ में आगे रहा। एसबीआई ने FY26 के लिए लोन ग्रोथ गाइडेंस 13-15% कर दी है।

बाजार पूंजीकरण और अन्य बातें

  • एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप लगभग ₹14.4 लाख करोड़ (भारत का सबसे वैल्यूएबल बैंक)।
  • एसबीआई का मार्केट कैप ₹10.49 लाख करोड़। एसबीआई के मजबूत नतीजों के बाद उसके शेयर 52-वीक हाई पर पहुंचे और 6%+ ऊपर ट्रेड हुए।

कौन बेहतर?

  • एसबीआई मजबूत NII, लोन ग्रोथ, और प्रॉफिट (स्पेशल फैक्टर सहित) में आगे।
  • एचडीएफसी बैंक NIM, GNPA, और डिपॉजिट ग्रोथ में बेहतर। दोनों बैंक भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तंभ हैं। निवेशकों के लिए चुनाव रिस्क प्रोफाइल, ग्रोथ vs स्टेबिलिटी, और वैल्यूएशन पर निर्भर करता है। एसबीआई बड़े स्केल और पब्लिक सेक्टर सपोर्ट के साथ आक्रामक ग्रोथ दिखा रहा है, जबकि एचडीएफसी बैंक क्वालिटी और मार्जिन पर फोकस करता है।

बैंकिंग सेक्टर में निवेश से पहले लेटेस्ट अपडेट और एक्सपर्ट एडवाइस जरूर लें। क्या आप इनमें से किसी बैंक के शेयर में निवेश करने की सोच रहे हैं? कमेंट में बताएं!

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