भारतीयों की बचत की आदत विश्व प्रसिद्ध है, लेकिन मुकेश अंबानी के अनुसार यह बचत अक्सर बेकार पड़ी रह जाती है और लंबे समय तक अच्छा रिटर्न नहीं दे पाती। अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपनी नई वेंचर जियोब्लैकरॉक के माध्यम से इस समस्या का समाधान प्रस्तुत किया है।
जियोब्लैकरॉक क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य
जियोब्लैकरॉक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक के बीच 50:50 संयुक्त उद्यम है। यह वेंचर भारतीय निवेशकों को डिजिटल और आसान तरीके से निवेश के अवसर प्रदान करने पर फोकस कर रहा है।
मुकेश अंबानी ने हाल ही में एक फायरसाइड चैट में ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक के साथ बातचीत में कहा, “भारतीय दशकों से लगातार बचत कर रहे हैं, लेकिन इस पूंजी का कुशल उपयोग नहीं हो पाया है जिससे लंबी अवधि के रिटर्न मिल सकें। जियोब्लैकरॉक का मुख्य अवसर बचत करने वालों को निवेशक बनाने में है, ताकि उनकी निष्क्रिय बचत को आय उत्पन्न करने वाली संपत्तियों में बदला जा सके।”
वे आगे बोले, “हमारा उद्देश्य भारतीयों को बचत करने के लिए प्रोत्साहित करना है, लेकिन साथ ही उन्हें विकल्प देना कि वे अपनी बचत को कमाई में बदल सकें और कंपाउंडिंग के जरिए इसे बढ़ा सकें। इससे न केवल व्यक्ति लाभान्वित होगा, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।”
भारतीय बचत की पुरानी आदत और नई जरूरत
भारत में घरेलू बचत का बड़ा हिस्सा सोने-चांदी, फिक्स्ड डिपॉजिट या नकदी में रहता है, जो उत्पादक नहीं माना जाता। अंबानी ने इसे “अनप्रोडक्टिव” बताया और कहा कि इस बचत को कैपिटल मार्केट में लाकर सुरक्षित, पारदर्शी और लगातार निवेश से कंपाउंड रिटर्न प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने जोर दिया कि “निवेश तक पहुंच हर घरेलू परिवार का बुनियादी अधिकार होना चाहिए।” जियोब्लैकरॉक इसी दिशा में काम कर रहा है, जहां तकनीक का उपयोग करके हर भारतीय तक निवेश की सुविधा पहुंचाई जाएगी।
जियोब्लैकरॉक की उपलब्धियां और भविष्य
लॉन्च के कुछ महीनों में ही जियोब्लैकरॉक ने 12 स्कीम्स के जरिए 13,700 करोड़ रुपये से अधिक एसेट्स अंडर मैनेजमेंट हासिल कर लिए हैं। यह म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी पर्सनलाइज्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइस जैसी नई सुविधाएं भी लॉन्च कर रही है, जहां मात्र 350 रुपये सालाना की फीस पर व्यक्तिगत सलाह मिल सकती है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण
- भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए घरेलू बचत को उत्पादक निवेश में बदलना जरूरी है।
- इससे म्यूचुअल फंड और इक्विटी में हिस्सेदारी बढ़ेगी।
- आम आदमी को सुरक्षित और आसान निवेश के रास्ते मिलेंगे।
- लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
मुकेश अंबानी का मानना है कि अगले 20-30 साल भारत का दौर होंगे, जहां निवेशक इस विकास यात्रा का हिस्सा बनकर लाभ उठा सकते हैं। जियोब्लैकरॉक इसी विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यदि आप भी अपनी बचत को स्मार्ट तरीके से बढ़ाना चाहते हैं, तो जियोब्लैकरॉक जैसी प्लेटफॉर्म्स पर नजर रखें। सुरक्षित और पारदर्शी निवेश से भविष्य सुरक्षित बनाएं!
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