NSE IPO लेटेस्ट अपडेट: 4-4.5% शेयर OFS से डाइल्यूट होंगे, लिस्टिंग 7-8 महीने में संभव

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) जल्द ही अपना लंबे समय से इंतजार किया जा रहा IPO लॉन्च करने की तैयारी में है। हाल ही में जारी खबरों के अनुसार, NSE अपने मौजूदा शेयरों में से 4 से 4.5 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए पब्लिक को बेचने की योजना बना रहा है। यह जानकारी NSE के CEO अशिश कुमार चौहान ने दी है।

NSE IPO में क्या प्लान है?

NSE के पास वर्तमान में लगभग 1.91 लाख शेयरधारक हैं। कंपनी का मुख्य फोकस इन मौजूदा निवेशकों से ही 4-4.5% शेयर इकट्ठा करके IPO में ऑफर करने पर है। CEO चौहान ने कहा, “हमारे 1.91 लाख शेयरधारक हैं और हमारा प्रयास होगा कि IPO के लिए इनसे 4-4.5% शेयर प्राप्त किए जाएं।” यदि पर्याप्त शेयर नहीं मिलते हैं, तो वैकल्पिक रूप से फ्रेश इश्यू के जरिए नए शेयर जारी किए जा सकते हैं, लेकिन मुख्य रूप से यह प्योर OFS होगा, यानी कंपनी खुद कोई नया कैपिटल नहीं उठाएगी।

यह IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन अनलिस्टेड शेयरों में हाल के महीनों में बढ़कर लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया है। अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयरों की कीमत हाल ही में 10-15% बढ़ी है और कुछ प्लेटफॉर्म पर यह ₹2,050 प्रति शेयर तक पहुंच गई है।

रेगुलेटरी क्लियरेंस और टाइमलाइन

SEBI ने हाल ही में NSE को IPO के लिए No-Objection Certificate (NOC) जारी किया है, जो सालों की रेगुलेटरी जांच और देरी के बाद एक बड़ी राहत है। NSE ने 2016 में पहली बार IPO के लिए DRHP दाखिल किया था, लेकिन को-लोकेशन और अन्य मामलों में जांच के कारण इसे वापस लेना पड़ा था। अब सेटलमेंट प्रक्रिया अंतिम चरण में है और SEBI की मंजूरी मिलने से रास्ता साफ हो गया है।

CEO अशिश कुमार चौहान के अनुसार, IPO को मार्केट में लॉन्च होने में 7-8 महीने लग सकते हैं। इस दौरान ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) तैयार किया जाएगा और OFS प्रक्रिया को भी साथ-साथ चलाया जाएगा। DRHP फाइलिंग में 3-4 महीने लगने की उम्मीद है।

NSE IPO के फायदे और महत्व

यह IPO सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएशन का नया अध्याय होगा। NSE चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेटी ने कहा है कि SEBI की मंजूरी से कंपनी भारतीय अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग बनकर उभरेगी और कैपिटल मार्केट में एक मजबूत प्रतीक बनेगी। NSE ने इंटरनेट ट्रेडिंग शुरू करने वाला भारत का पहला एक्सचेंज होने का गौरव हासिल किया है और अब 26 साल बाद यह पब्लिक लिस्टिंग के करीब पहुंच गया है।

यह लिस्टिंग निवेशकों के लिए बड़ा अवसर हो सकता है, क्योंकि NSE का बिजनेस कैश-रिच है और यह भारतीय शेयर बाजार की रीढ़ माना जाता है। हालांकि, लिस्टिंग किस एक्सचेंज पर होगी, इस पर CEO ने मजाकिया अंदाज में कहा कि NSE पर तो नहीं, क्योंकि एक एक्सचेंज पर लिस्टेड शेयर उसी पर ट्रेड नहीं हो सकते।

निष्कर्ष

NSE का IPO भारतीय पूंजी बाजार के लिए मील का पत्थर साबित होगा। OFS के जरिए 4-4.5% शेयर डाइल्यूशन से मौजूदा शेयरधारकों को एग्जिट का मौका मिलेगा और नए निवेशक NSE जैसी मजबूत कंपनी में हिस्सेदारी ले सकेंगे। निवेशकों को सलाह है कि आधिकारिक DRHP और अपडेट्स पर नजर रखें, क्योंकि अगले कुछ महीनों में ज्यादा डिटेल्स सामने आएंगी।

यह खबर NSE के लंबे इंतजार के बाद बाजार में आने की दिशा में एक बड़ा कदम है। क्या आप NSE IPO में निवेश करने की प्लानिंग कर रहे हैं? कमेंट में बताएं!

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