क्या Ola Electric के फाउंडर और CEO भाविष अग्रवाल ने रिटेल निवेशकों को एक बार फिर “फंसाया” है? दिसंबर 2025 में भविष अग्रवाल ने अपने पर्सनल शेयरों की बड़ी बिक्री की, जिससे कंपनी का स्टॉक 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया। स्टॉक IPO प्राइस ₹76 से गिरकर ₹30-35 के आसपास ट्रेड कर रहा है – यानी 60% से ज्यादा का नुकसान! आइए जानते हैं इस विवाद की पूरी कहानी, कंपनी का पक्ष और रिटेल निवेशकों की निराशा।
भाविष अग्रवाल की शेयर बिक्री: क्या हुआ?
दिसंबर 2025 में तीन दिनों (16-18 दिसंबर) में भाविष अग्रवाल ने Ola Electric के करीब 9.6 करोड़ शेयर बेचे, जिनकी वैल्यू लगभग ₹324 करोड़ थी।
- दिन 1: ₹92 करोड़
- दिन 2: ₹142 करोड़
- दिन 3: ₹90 करोड़
इस बिक्री से स्टॉक में भारी गिरावट आई और यह ऑल-टाइम लो ₹30.76 तक पहुंच गया। 2025 में अब तक स्टॉक 63% तक गिर चुका है।
कंपनी का पक्ष: लोन चुकाने और प्लेज हटाने के लिए बिक्री
Ola Electric का कहना है कि यह बिक्री पर्सनल लेवल पर थी और कंपनी के ऑपरेशंस से कोई लेना-देना नहीं:
- भाविष ने ₹260 करोड़ का पर्सनल लोन चुकाया (जो उनकी AI कंपनी Krutrim के लिए लिया गया था)।
- पहले 3.93% शेयर प्लेज (गिरवी) थे – अब सभी प्लेज हटा दिए गए, यानी जीरो प्लेज ओवरहैंग।
- प्रमोटर ग्रुप की होल्डिंग अब भी 34.6% है – न्यू-एज कंपनियों में सबसे ज्यादा।
- कंपनी का दावा: यह “वन-टाइम” ट्रांजेक्शन था, जो गवर्नेंस को मजबूत करता है और स्टॉक में अनावश्यक वोलेटिलिटी कम करता है।
बिक्री पूरी होने के बाद स्टॉक में 10% तक की रिकवरी भी देखी गई।

रिटेल निवेशकों की शिकायतें: “फिर धोखा दिया?”
सोशल मीडिया (X और Reddit) पर रिटेल निवेशक गुस्से में हैं:
- कई कह रहे हैं कि IPO के समय हाइप बनाकर रिटेल को ऊंचे दाम पर फंसाया गया, अब प्रमोटर लो प्राइस पर बेचकर निकल रहे हैं।
- “भाविष का विश्वास कंपनी पर नहीं रहा” जैसी बातें।
- सर्विस इश्यू, प्रोडक्ट क्वालिटी और सेल्स गिरने की शिकायतें पहले से हैं।
- Reddit पर कमेंट्स: “पंप एंड डंप स्कीम”, “रिटेल होल्डिंग द बैग”।
कई निवेशक मानते हैं कि प्रमोटर की बिक्री फ्यूचर ग्रोथ पर कॉन्फिडेंस की कमी दिखाती है।
Ola Electric की चुनौतियां: सिर्फ बिक्री नहीं, बिजनेस भी कमजोर
- नवंबर 2025 में सेल्स मात्र 8,400 यूनिट्स – पिछले साल से 71% गिरावट।
- मार्केट शेयर 45% से गिरकर 7% के आसपास।
- कंपटीशन बढ़ा: TVS, Bajaj, Ather आगे निकल गए।
- कंपनी लगातार लॉस में: Q2 FY26 में ₹418 करोड़ का नेट लॉस।
निवेशकों के लिए सबक
- प्रमोटर एक्शन पर नजर रखें: प्लेज हटाना अच्छा है, लेकिन बड़े सेल्स सिग्नल हो सकते हैं।
- EV सेक्टर में ग्रोथ है, लेकिन कंपटीशन और एक्जीक्यूशन महत्वपूर्ण।
- रिटेल निवेशक अक्सर हाइप में फंसते हैं – फंडामेंटल चेक करें।
क्या यह “धोखा” है या जरूरी फाइनेंशियल क्लीनअप? मार्केट दोनों नजरिए देख रहा है। आप क्या सोचते हैं? कमेंट में बताएं!
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