वारन बफेट ने बर्कशायर हैथवे की 180 बिलियन डॉलर से ज्यादा की नकदी को लेकर दिया बड़ा बयान – जानिए क्यों नहीं लगा रहे हैं पूरा पैसा?

दुनिया के सबसे सफल निवेशकों में शुमार वारन बफेट हमेशा से अपने स्मार्ट फैसलों के लिए जाने जाते हैं। उनकी कंपनी बर्कशायर हैथवे ने लंबे समय में निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिए हैं। 1964 से 2023 तक कंपनी ने कुल 43 लाख प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया, जबकि S&P 500 इंडेक्स सिर्फ 31 हजार प्रतिशत के आसपास रहा। लेकिन हाल ही में बर्कशायर हैथवे के पास 188 बिलियन डॉलर (लगभग 180 बिलियन डॉलर से ज्यादा) की कैश और शॉर्ट-टर्म ट्रेजरी बिल्स जमा हो गई हैं। यह रकम इतनी बड़ी है कि कई लोग हैरान हैं – आखिर बफेट इतना पैसा क्यों नहीं निवेश कर रहे?

बफेट का साफ जवाब: “हम सिर्फ पसंदीदा मौके पर ही बल्लेबाजी करते हैं”

2024 के बर्कशायर हैथवे के एनुअल शेयरहोल्डर्स मीटिंग में एक शेयरहोल्डर ने पूछा कि इतनी बड़ी कैश क्यों रखी जा रही है? बफेट ने बहुत ही सरल और मजेदार अंदाज में जवाब दिया:

“मुझे नहीं लगता कि इस टेबल पर बैठा कोई भी व्यक्ति जानता है कि इस पैसे का इस्तेमाल कैसे प्रभावी तरीके से किया जाए, इसलिए हम इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम सिर्फ उन गेंदों पर ही स्विंग करते हैं जो हमें पसंद आती हैं।” यानी बफेट बेसबॉल के उस नियम की तरह निवेश करते हैं – जहां खिलाड़ी हर गेंद पर नहीं बल्कि सिर्फ सही और आसान मौके पर ही बल्ला चलाता है। अगर कोई अच्छा निवेश का अवसर नहीं दिख रहा, तो पैसा कैश में रखना ही बेहतर है।

दुनिया ज्यादा जटिल हो गई है, इसलिए तैयार रहना जरूरी

बफेट ने एक और महत्वपूर्ण बात कही – आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा जुड़ी हुई, जटिल और परस्पर निर्भर हो गई है। उन्होंने कहा:

“जैसे-जैसे दुनिया ज्यादा sophisticated, complicated और intertwined हो रही है, वैसे-वैसे ज्यादा चीजें गड़बड़ हो सकती हैं।”

इसलिए बर्कशायर हैथवे हमेशा तैयार रहना चाहता है। जब कोई बड़ा मौका आए या बाजार में कोई संकट हो, तब यह कैश तुरंत काम आ सकता है। यह कैश सिर्फ बचत नहीं, बल्कि “तैयारी” है – एक ऐसा हथियार जो सही समय पर इस्तेमाल करने के लिए रखा गया है।

क्या यह बाजार की ऊंची वैल्यूएशन का संकेत है?

कई एनालिस्ट मानते हैं कि बफेट की यह कैश पोजीशन बाजार की महंगाई (high valuations) और आने वाले आर्थिक अनिश्चितताओं के प्रति उनकी सतर्कता दिखाती है। बफेट ने हमेशा सस्ते और मजबूत बिजनेस में निवेश किया है, और अगर आजकल ऐसे अच्छे डील नहीं मिल रहे, तो वे इंतजार करना पसंद करते हैं।

निवेशकों के लिए सबक: सिर्फ शेयरों पर निर्भर न रहें

यह लेख सिर्फ बफेट की कैश स्ट्रैटेजी पर नहीं रुकता। इसमें निवेशकों को सलाह दी गई है कि पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करें। स्टॉक मार्केट के अलावा गोल्ड और रियल एस्टेट जैसे एसेट्स में निवेश करके रिस्क कम किया जा सकता है। गोल्ड महंगाई के खिलाफ अच्छा हेज काम करता है, और रियल एस्टेट स्टॉक से अलग व्यवहार करता है, जिससे लंबे समय में वोलेटिलिटी कम होती है।

निष्कर्ष: धैर्य और अनुशासन ही असली कमाई का राज

वारन बफेट की यह रणनीति हमें सिखाती है कि निवेश में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। अच्छा मौका मिले तभी आगे बढ़ें, वरना कैश में रहना ही समझदारी है। उनकी सफलता का राज यही है – सही समय पर सही फैसला। अगर आप भी लंबे समय के निवेशक हैं, तो बफेट की इस सोच से सीख लें: बाजार हमेशा मौके देता है, बस इंतजार और समझदारी चाहिए।

(नोट: यह जानकारी हालिया रिपोर्ट्स और बफेट के बयानों पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।

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