यस बैंक Q3 रिजल्ट्स: मुनाफा 55% उछला, एसेट क्वालिटी स्थिर, NII में 11% की बढ़ोतरी

यस बैंक ने दिसंबर तिमाही के लिए मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, जहां बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 55.4% बढ़कर 951.6 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले साल की समान तिमाही में 612.3 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 11% की वृद्धि के साथ 2,465.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पहले 2,223.5 करोड़ रुपये थी। एसेट क्वालिटी में स्थिरता बनी रही, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

यस बैंक के Q3 परिणामों की मुख्य बातें

यस बैंक के तीसरी तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों से बेहतर साबित हुए हैं। बैंक ने न केवल मुनाफे में जोरदार उछाल दर्ज किया, बल्कि एसेट क्वालिटी को भी नियंत्रण में रखा। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) अनुपात 1.5% पर आ गया, जो पिछली तिमाही के 1.6% से कम है। नेट NPAs 0.3% पर स्थिर रहे। कुल ग्रॉस NPAs 4,014.6 करोड़ रुपये हो गए, जबकि नेट NPAs 671.2 करोड़ रुपये पर आकर रुके।

डिपॉजिट और एडवांस दोनों में सालाना आधार पर 5% से ज्यादा की ग्रोथ देखी गई, हालांकि तिमाही आधार पर डिपॉजिट में थोड़ी गिरावट आई। बैंकिंग सेक्टर में डिपॉजिट ग्रोथ एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, लेकिन यस बैंक ने अपनी रणनीति से इसे संभाला है।

बैंक के सीईओ का नजरिया

यस बैंक के एमडी और सीईओ प्रशांत कुमार ने हाल ही में कहा कि बैंकिंग सेक्टर के लिए डिपॉजिट बढ़ाना सबसे बड़ी संरचनात्मक समस्या है। लोन डिमांड, लाभप्रदता और एसेट क्वालिटी अच्छी बनी हुई है, लेकिन लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो ऊंचा होने से बैंक फंडिंग पर दोबारा विचार कर रहे हैं। कुमार ने बताया कि बैंक की परफॉर्मेंस उसके लक्ष्यों से मेल खाती है और भारत की आर्थिक गति, सरकारी पहल और रेगुलेटरी सपोर्ट से आगे का आउटलुक सकारात्मक है।

उन्होंने कॉरपोरेट लेंडिंग में सुधार का जिक्र किया, खासकर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में। प्राइवेट कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ने से यह और मजबूत होगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शहरी कंज्यूमर लेंडिंग में भी अच्छी डिमांड है। रिटेल लेंडिंग, जो बैंक के लोन बुक का लगभग आधा हिस्सा है, मुख्य फोकस एरिया बना हुआ है।

बाजार की प्रतिक्रिया और भविष्य की संभावनाएं

नतीजों से पहले यस बैंक के शेयर NSE पर 2.18% चढ़कर 23.45 रुपये पर बंद हुए। बैंक ने चुनिंदा एसेट क्लास में सख्ती बरतकर क्रेडिट क्वालिटी मजबूत की है। गोल्ड लोन जैसे तेजी से बढ़ते सेगमेंट में अभी बैंक की मौजूदगी कम है, लेकिन तीन से पांच साल की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी में इसे शामिल करने पर विचार हो रहा है।

कुल मिलाकर, यस बैंक के Q3 रिजल्ट्स से पता चलता है कि बैंक लाभदायक और टिकाऊ ग्रोथ पर फोकस कर रहा है, न कि सिर्फ वॉल्यूम पर। अगर आप बैंकिंग सेक्टर में निवेश की तलाश में हैं, तो यस बैंक के इन नतीजों पर नजर रखें। यह न केवल वर्तमान प्रदर्शन दिखाता है, बल्कि भविष्य की मजबूती का संकेत भी देता है।

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