वेदांता लिमिटेड ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में 1.59% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका हो सकता है। आइए जानते हैं इस डील के बारे में पूरी जानकारी, कारण और बाजार पर इसका संभावित प्रभाव।
हिंदुस्तान जिंक की शानदार परफॉर्मेंस
हिंदुस्तान जिंक पिछले कुछ समय से शेयर बाजार में धमाल मचा रही है। पिछले छह महीनों में इसके शेयरों में 66% तक की तेजी आई है। चांदी और अन्य धातुओं की कीमतों में भारी उछाल के कारण कंपनी की मार्केट वैल्यूएशन अब 3.2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। इससे हिंदुस्तान जिंक भारत की सबसे मूल्यवान मेटल कंपनी बन गई है, यहां तक कि अपनी पैरेंट कंपनी वेदांता से भी आगे निकल गई है।
कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक है और चांदी व लेड का भी प्रमुख उत्पादक है। हाल ही में घोषित Q3FY26 के आंकड़ों में कंपनी ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया:
- नेट प्रॉफिट 46% बढ़कर 3,916 करोड़ रुपये हो गया।
- रेवेन्यू 27% बढ़कर 10,980 करोड़ रुपये रहा।
- माइंड मेटल प्रोडक्शन में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
चांदी की कीमतों में पिछले एक साल में तीन गुना उछाल ने हिंदुस्तान जिंक को मल्टीबैगर स्टॉक बना दिया है।
OFS की डिटेल्स क्या हैं?
वेदांता ने 27 जनवरी 2026 को अपनी डायरेक्टर्स कमिटी के जरिए यह फैसला लिया। मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- कुल बिक्री: अधिकतम 6.7 करोड़ इक्विटी शेयर (1.59% हिस्सेदारी)।
- फ्लोर प्राइस: 685 रुपये प्रति शेयर।
- संभावित वैल्यू: मौजूदा भावों के आधार पर यह डील 4,500-4,872 करोड़ रुपये के आसपास की हो सकती है (कुछ रिपोर्ट्स में $500 मिलियन के करीब बताया गया है)।
- OFS दो दिनों का होगा:
- 28 जनवरी 2026: नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए।
- 29 जनवरी 2026: रिटेल निवेशकों के लिए (प्लस कैरी-फॉरवर्ड बिड्स)।
- शुरुआत में 0.79% (3.35 करोड़ शेयर) नॉन-रिटेल के लिए, और ओवरसब्सक्रिप्शन पर अतिरिक्त 0.79% उपलब्ध।
- यह स्टॉक एक्सचेंज के स्पेशल विंडो में 9:15 AM से 3:30 PM तक खुलेगा।
वेदांता के पास दिसंबर 2025 के अंत तक हिंदुस्तान जिंक में 61.84% हिस्सेदारी थी। इस बिक्री के बाद भी प्रमोटर का बड़ा कंट्रोल बना रहेगा।
वेदांता क्यों बेच रही है हिस्सेदारी?
यह कदम हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में आई तेज रैली का फायदा उठाने के लिए है। वेदांता पिछले कुछ सालों में भी ऐसी बिक्री कर चुकी है, मुख्य रूप से बैलेंस शीट मजबूत करने और फाइनेंशियल जरूरतों को पूरा करने के लिए। चूंकि सब्सिडियरी का वैल्यूएशन बहुत ऊंचा है, इसलिए प्रमोटर कंपनी के लिए यह हिस्सेदारी बेचकर अच्छी रकम जुटाने का अच्छा अवसर है।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
- हिंदुस्तान जिंक के शेयर हाल ही में मजबूत ट्रेंड में हैं (50-डे और 200-डे SMA से ऊपर)।
- OFS में फ्लोर प्राइस 685 रुपये है, जबकि हालिया क्लोजिंग प्राइस 726 रुपये के आसपास था, इसलिए डिस्काउंट पर खरीदारी का मौका मिल सकता है।
- रिटेल निवेशकों को कम से कम 10% आवंटन मिलेगा, जबकि म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों को नॉन-रिटेल में 25% रिजर्वेशन।
- हालांकि, OFS के दौरान स्टॉक में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, यह खबर मेटल सेक्टर और खासकर सिल्वर-प्ले स्टॉक्स में दिलचस्पी रखने वाले निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है। बाजार की नजर अब OFS की सब्सक्रिप्शन और फाइनल कट-ऑफ प्राइस पर होगी।
(नोट: निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें, क्योंकि मार्केट में जोखिम हमेशा रहता है।)
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