Motilal Oswal BSE Select IPO ETF से मल्टीबैगर कमाई का सीक्रेट फॉर्मूला – निवेश से पहले ये 10 बातें जरूर जान लें!

Motilal Oswal BSE Select IPO ETF: अगर आप IPO बाजार के नए-नए सितारों से लंबी अवधि में मोटी कमाई का प्लान बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने सेबी के पास मोतीलाल ओसवाल BSE Select IPO ETF के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज जमा कर दिए हैं। यह एक ओपन एंडेड स्कीम है जो BSE Select IPO Total Return Index को ट्रैक करेगी और हाल ही में लिस्ट हुई कंपनियों में निवेश का मौका देगी।

एनएफओ के दौरान यूनिट्स सिर्फ दस रुपये में उपलब्ध होंगी। बाद में एनएसई पर लिस्टिंग के साथ ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। लेकिन लॉन्च से पहले निवेशकों को दस महत्वपूर्ण बातें पता होनी चाहिए। ये जानकारी आपको सही फैसला लेने में मदद करेगी।

क्विक फैक्ट के तौर पर बता दें कि यह ETF ट्रैकिंग एरर को ध्यान में रखते हुए BSE Select IPO TRI के रिटर्न्स प्रदान करेगा। फरवरी 2025 में इंडेक्स का स्तर चार हजार उनचास रुपये के आसपास था। साल 2025 में IPO बूम की वजह से इसमें ऊंची ग्रोथ की संभावना दिख रही है।

BSE Select IPO TRI क्या है और यह क्यों खास है

BSE Select IPO TRI हाल ही में IPO के जरिए लिस्ट हुई चुनिंदा कंपनियों का इंडेक्स है। यह टोटल रिटर्न इंडेक्स है जो डिविडेंड और कैपिटल गेन्स दोनों को शामिल करता है।

IPO शेयर्स लिस्टिंग के बाद अक्सर ऊंची अस्थिरता दिखाते हैं लेकिन लंबी अवधि में मल्टीबैगर साबित होते हैं। यह ETF आपको डाइवर्सिफाइड एक्सपोजर देगा और सिंगल स्टॉक रिस्क से बचाएगा। सितंबर 2025 तक इंडेक्स ने सालाना आधार पर पंद्रह से बीस प्रतिशत रिटर्न दिए हैं जो ब्रॉड मार्केट से बेहतर हैं।

ट्रस्टी के रूप में मोतीलाल ओसवाल ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड काम करेगी। फंड मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड के अंतर्गत मैनेज होगा।

मोतीलाल ओसवाल BSE Select IPO ETF: निवेशकों के लिए दस जरूरी बातें

पहली बात यह है कि यूनिट्स एनएसई पर लिस्ट होंगी। हर ट्रेडिंग दिन पर लिक्विडिटी उपलब्ध रहेगी। आप स्टॉक की तरह आसानी से खरीद-बिक्री कर सकेंगे।

दूसरी बात यह है कि एक्सचेंज पर यूनिट प्राइस एनएवी से अलग हो सकता है। यह डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करेगा। मार्केट मूड के अनुसार डिस्काउंट या प्रीमियम मिल सकता है। स्मार्ट ट्रेडिंग से फायदा उठाएं।

तीसरी बात यह है कि डायरेक्ट खरीद या रिडेम्पशन सिर्फ क्रिएशन यूनिट साइज में संभव है। न्यूनतम ट्रांजेक्शन वैल्यू पच्चीस करोड़ रुपये होगी। यह बड़े निवेशकों और मार्केट मेकर्स के लिए है। रिटेल निवेशकों के लिए एक्सचेंज सबसे अच्छा विकल्प रहेगा।

चौथी बात यह है कि यूनिट्स सिर्फ डिमैट फॉर्म में जारी होंगी। ट्रेडिंग और सेटलमेंट भी इलेक्ट्रॉनिक होगी। पेपरवर्क की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। अपना डीमैट अकाउंट तैयार रखें।

पांचवीं बात यह है कि अलॉटमेंट के पांच बिजनेस डेज में पहला एनएवी घोषित होगा। उसके बाद रोजाना ग्यारह बजे रात से पहले अपडेट मिलेगा। आप motilaloswalmf.com, amfiindia.com और एनएसई की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं। ट्रांसपेरेंसी पूरी रहेगी।

छठी बात न्यूनतम निवेश की है। एनएफओ में पांच सौ रुपये से शुरूआत होगी और उसके बाद एक रुपये के मल्टीपल्स में निवेश कर सकेंगे। एक्सचेंज पर एक यूनिट से ट्रेडिंग शुरू होगी। छोटे निवेशक आसानी से शामिल हो सकते हैं।

सातवीं बात एग्जिट लोड की है। यह जीरो रहेगा। बिना किसी पेनल्टी के बाहर निकल सकेंगे। यह फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करता है।

आठवीं बात रिडेम्पशन विकल्पों की है। एनएसई पर मार्केट प्राइस पर बेच सकते हैं। एएमसी से सिर्फ एलिजिबल निवेशक क्रिएशन यूनिट्स में रिडीम कर सकेंगे। लिक्विडिटी विंडो भी उपलब्ध होगी। अगर ETF एनएवी से एक प्रतिशत से ज्यादा डिस्काउंट पर सात दिन ट्रेड करे या तीन दिन कोट्स न हों या सात दिन कम बिड साइज रहे तो एएमसी पच्चीस करोड़ रुपये तक सपोर्ट देगी। लिक्विडिटी की चिंता खत्म हो जाएगी।

नौवीं बात इश्यू प्राइस की है। दस रुपये प्रति यूनिट होगी और अलॉटमेंट प्राइस व फेस वैल्यू के अंतर के बराबर प्रीमियम लगेगा। एनएफओ में सस्ती एंट्री मिलेगी।

दसवीं बात अतिरिक्त सुविधाओं की है। एनएफओ में ASBA सुविधा उपलब्ध रहेगी। कोई IDCW ऑप्शन, प्लान या सब-ऑप्शन नहीं होगा। स्ट्रक्चर सरल रहेगा और फोकस सिर्फ ग्रोथ पर होगा।

क्यों है यह ETF IPO प्रेमियों के लिए आदर्श

मोतीलाल ओसवाल का ETF पोर्टफोलियो पहले से सफल रहा है। उदाहरण के लिए मोतीलाल ओसवाल BSE Enhanced Value ETF का एनएवी अट्ठाईस अक्टूबर 2025 को एक सौ दस रुपये सड़सठ पैसे था। यह नया ETF हालिया IPO जैसे जोमैटो या पेटीएम के बाद की सफल कंपनियों को कवर करेगा।

रिस्क और रिवार्ड का बैलेंस रहेगा। ऊंची अस्थिरता होगी लेकिन डाइवर्सिफिकेशन से रिस्क कम हो जाएगा। तीन से पांच साल की अवधि में बीस प्रतिशत से ज्यादा CAGR संभव है। यह पास्ट IPO इंडेक्स परफॉर्मेंस पर आधारित अनुमान है।

तुलना करें तो मिराए एसेट का BSE Select IPO ETF पहले से चल रहा है। इसका एनएवी उनचास रुपये पचास पैसे है और AUM सत्रह करोड़ रुपये। मोतीलाल ओसवाल का वर्जन कम एक्सपेंस रेशियो के साथ आएगा जो शून्य दशमलव तीन से शून्य दशमलव चार प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

टिप यह है कि 2025 में IPO बाजार गर्म है। सौ से ज्यादा IPO लाइन में हैं। यह ETF आपके पोर्टफोलियो को भविष्य के लिए मजबूत बनाएगा।

अभी क्या करें: तीन स्टेप एक्शन प्लान

पहला स्टेप डीमैट अकाउंट चेक करना है। उपस्टॉक्स या जीरोधा पर मुफ्त खाता खोलें और ASBA तैयार रखें।

दूसरा स्टेप एनएफओ ट्रैक करना है। ओपनिंग और क्लोजिंग डेट्स जल्द घोषित होंगी। मौका न गंवाएं।

तीसरा स्टेप रिसर्च करना है। फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें और लॉन्ग टर्म होल्ड पर ध्यान दें।

रिस्क अलर्ट के रूप में याद रखें कि ETF मार्केट रिस्क के अधीन है। पास्ट परफॉर्मेंस भविष्य की गारंटी नहीं देता।

क्या यह ETF आपका अगला मल्टीबैगर बनेगा

लाभों में कम लागत, ऊंची लिक्विडिटी और IPO ग्रोथ एक्सपोजर शामिल हैं। नुकसान में शॉर्ट टर्म अस्थिरता है। यह धैर्यवान निवेशकों के लिए उपयुक्त है।

आपकी राय क्या है। कमेंट में बताएं कि आप एनएफओ में निवेश करेंगे या इंतजार करेंगे।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सूचना के उद्देश्य से है। उपस्टॉक्स कोई निवेश सलाह नहीं दे रहा। निवेश से पहले अपना शोध करें या रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श लें।

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