भारती एयरटेल Q3 2026 वित्तीय परिणाम: राजस्व में शानदार वृद्धि, लाभ और सेगमेंट की पूरी डिटेल

भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक, एयरटेल ने आज 5 फरवरी 2026 अपनी तीसरी तिमाही (Q3) और दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों के वित्तीय परिणाम जारी किए हैं।

एयरटेल के Q3 2026 हाइलाइट्स: एक नजर में

भारती एयरटेल ने दिसंबर 2025 को खत्म होने वाली तीसरी तिमाही में शानदार परफॉर्मेंस दिखाई है। कंपनी का ऑपरेशन से राजस्व 539,816 मिलियन रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही (451,293 मिलियन) से काफी ज्यादा है। यानी साल-दर-साल ग्रोथ देखने को मिली। नौ महीनों में कुल राजस्व 1,555,886 मिलियन रुपये पहुंच गया।

कंपनी का प्रॉफिट (पीरियड के लिए) 85,028 मिलियन रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 161,346 मिलियन था। लेकिन ध्यान दें, पिछले साल में कुछ एक्सेप्शनल आइटम्स थे, जिनकी वजह से फिगर्स अलग दिख रहे हैं। कुल मिलाकर, एयरटेल की ग्रोथ स्टोरी मजबूत लग रही है, खासकर मोबाइल सर्विसेज और अफ्रीका सेगमेंट में।

वित्तीय परिणामों की डिटेल: आय, खर्च और लाभ

एयरटेल के ऑडिटेड कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स के मुताबिक:

  • आय (Income): Q3 में ऑपरेशन से राजस्व 539,816 मिलियन रुपये। अन्य आय 7,023 मिलियन जोड़कर कुल 546,839 मिलियन। नौ महीनों में यह 1,575,284 मिलियन पहुंचा।
  • खर्च (Expenses): नेटवर्क ऑपरेटिंग खर्च 98,786 मिलियन, एक्सेस चार्जेस 14,691 मिलियन, लाइसेंस फी/स्पेक्ट्रम चार्जेस 38,462 मिलियन। कुल खर्च 231,988 मिलियन। ये आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी ने कॉस्ट कंट्रोल पर फोकस किया है।
  • एक्सेप्शनल आइटम्स: इस तिमाही में 2,568 मिलियन का नेट एक्सेप्शनल आइटम, जो न्यू लेबर कोड्स से जुड़ा है (इस पर आगे डिटेल)।
  • टैक्स: करंट टैक्स 20,153 मिलियन और डिफर्ड टैक्स 17,832 मिलियन।
  • प्रॉफिट: पीरियड के लिए 85,028 मिलियन, जिसमें पैरेंट कंपनी के ओनर्स को 66,508 मिलियन और नॉन-कंट्रोलिंग इंटरेस्ट को 18,520 मिलियन के करीब।
  • अदर कॉम्प्रिहेंसिव इनकम (OCI): 7,083 मिलियन, जिसमें फॉरेन करेंसी ट्रांसलेशन और इन्वेस्टमेंट गेंस शामिल।
  • टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम: 92,111 मिलियन।

पिछले साल की तुलना में राजस्व में 19.6% की बढ़ोतरी हुई, जो 5G रोलआउट और डिजिटल सर्विसेज की वजह से लग रही है। लेकिन प्रॉफिट में गिरावट एक्सेप्शनल आइटम्स और हाई फाइनेंस कॉस्ट की वजह से है। EPS (बेसिक) 11.44 रुपये रहा।

सेगमेंट-वाइज परफॉर्मेंस: कहां से आई ग्रोथ?

एयरटेल के बिजनेस को कई सेगमेंट्स में बांटा गया है, जैसे मोबाइल इंडिया, अफ्रीका, बिजनेस, पैसिव इंफ्रास्ट्रक्चर आदि। यहां सेगमेंट-वाइज राजस्व और रिजल्ट्स:

  • मोबाइल सर्विसेज इंडिया: राजस्व 286,516 मिलियन (पिछले साल 262,687 से ज्यादा)। प्रॉफिट 90,908 मिलियन। ये सेगमेंट कंपनी की बैकबोन है।
  • मोबाइल सर्विसेज अफ्रीका: 150,100 मिलियन राजस्व, प्रॉफिट 50,695 मिलियन। अफ्रीका में मोबाइल मनी सर्विसेज ने अच्छा योगदान दिया।
  • एयरटेल बिजनेस: 53,531 मिलियन राजस्व, प्रॉफिट 15,790 मिलियन।
  • पैसिव इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज (इंडस टावर्स): 81,800 मिलियन राजस्व, प्रॉफिट 28,047 मिलियन। नवंबर 2024 से ये सब्सिडियरी बना।
  • होम्स सर्विसेज: 20,008 मिलियन राजस्व।
  • डिजिटल टीवी सर्विसेज: 7,552 मिलियन।

कुल सेगमेंट राजस्व 600,444 मिलियन, लेकिन इंटर-सेगमेंट एलिमिनेशन के बाद 539,816 मिलियन। एसेट्स और लायबिलिटीज भी मजबूत हैं, कुल एसेट्स 5,294,056 मिलियन। अफ्रीका सेगमेंट में ग्रोथ सबसे तेज रही, जो कंपनी की ग्लोबल स्ट्रैटेजी को दिखाता है।

महत्वपूर्ण नोट्स: क्या-क्या हुआ स्पेशल?

  1. इंडस टावर्स का कस्टमर इश्यू: इंडस टावर्स (एयरटेल की सब्सिडियरी) का एक बड़ा कस्टमर (संभवत: वोडाफोन आइडिया) है, जिसके रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा इसी से आता है। कस्टमर ने AGR मामले में पॉजिटिव अपडेट दिए, लेकिन एयरटेल मॉनिटर कर रही है।
  2. न्यू लेबर कोड्स: नवंबर 2025 से लागू हुए न्यू लेबर कोड्स की वजह से ग्रैच्युटी और कंपेंसेटेड एब्सेंस में 2,568 मिलियन का इंक्रीमेंट। इसे एक्सेप्शनल आइटम माना गया।
  3. टैक्स इश्यू: पिलर टू टैक्स से 1,377 मिलियन का चार्ज, लेकिन स्पेक्ट्रम चार्जेस पर टैक्स ट्रिब्यूनल से फेवरेबल जजमेंट।
  4. राइट्स इश्यू कॉल: दिसंबर 2025 में बोर्ड ने पार्टली पेड शेयर्स पर 401.25 रुपये का फाइनल कॉल अप्रूव किया, पेमेंट मार्च 2026 में।
  5. एयरटेल अफ्रीका शेयर बायबैक: अफ्रीका सब्सिडियरी ने शेयर बायबैक जारी रखा, एयरटेल की होल्डिंग 62.60% हो गई।
  6. अन्य: सभी अमाउंट्स मिलियन में राउंडेड, और ज्यादा डिटेल्स airtel.in पर उपलब्ध।

एयरटेल की फ्यूचर आउटलुक: क्या उम्मीद करें?

एयरटेल की ये रिजल्ट्स पॉजिटिव हैं, खासकर राजस्व ग्रोथ में। 5G एक्सपैंशन, डिजिटल सर्विसेज और अफ्रीका मार्केट कंपनी को मजबूत बनाएंगे। लेकिन हाई डेब्ट और फाइनेंस कॉस्ट चैलेंज हैं। निवेशकों के लिए, EPS और OCI अच्छे सिग्नल हैं।

कुल मिलाकर, भारती एयरटेल ने चुनौतियों के बावजूद मजबूत परफॉर्मेंस दी है।

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