HDFC Bank, भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक, इस सप्ताह शेयर बाजार में सुस्ती का शिकार बना हुआ है। 7 जनवरी 2026 को बैंक के शेयरों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई, जिससे इस सप्ताह कुल गिरावट 5% से अधिक हो गई। NSE पर शेयर 95.025 रुपये के स्तर प क्लोज हुए, जो पिछले बंद से 1.24% नीचे है। मजबूत Q3 बिजनेस अपडेट के बावजूद यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आइए समझते हैं कि आखिर इसके पीछे क्या कारण हैं।
Q3 अपडेट में क्या था खास?
HDFC Bank ने दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) के लिए अपने बिजनेस नंबर्स जारी किए, जो काफी सकारात्मक थे:
- कुल एडवांसेज (लोन) में सालाना आधार पर 11.9% की बढ़ोतरी, जो करीब 28.44 लाख करोड़ रुपये पहुंच गए।
- डिपॉजिट्स में 12.2% की ग्रोथ, कुल 27.52 लाख करोड़ रुपये।
- CASA डिपॉजिट्स (सस्ते बचत खाते) में 9.9% और टाइम डिपॉजिट्स में 13.4% की बढ़त।
ये आंकड़े बैंक की मजबूत ग्रोथ को दिखाते हैं, खासकर जब RBI की दरों में कटौती से लोन की डिमांड बढ़ रही है। फिर भी शेयर क्यों गिर रहे हैं?
मुख्य कारण: हाई लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो (LDR)
सबसे बड़ा ट्रिगर बना LDR, जो इस तिमाही में 50 बेसिस पॉइंट बढ़कर 99.5% हो गया। इसका मतलब है कि HDFC Bank के लोन डिपॉजिट्स से ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं।
- अगर LDR ज्यादा हो तो लिक्विडिटी का रिस्क बढ़ता है – बैंक को ग्राहकों की निकासी के लिए पर्याप्त कैश रखना पड़ता है।
- ज्यादा लोन देने पर महंगे फंड्स उधार लेने पड़ सकते हैं, जिससे मार्जिन पर दबाव आएगा।
- निवेशक प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, क्योंकि वे भविष्य में लिक्विडिटी इश्यूज की आशंका जता रहे हैं।
हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में हाई LDR बहुत चिंताजनक नहीं है, क्योंकि एसेट क्वालिटी स्थिर है और नई लिक्विडिटी कवरेज रेशियो से मदद मिल सकती है।
ब्लॉक डील ने बढ़ाई अस्थिरता
इसके अलावा, एक बड़ा ब्लॉक डील भी गिरावट का कारण बना। करीब 1.80 करोड़ शेयरों का सौदा हुआ, जिसकी वैल्यू लगभग 1,756 करोड़ रुपये थी। ऐसे बड़े ट्रांजेक्शन से शेयर प्राइस में वोलेटिलिटी आना स्वाभाविक है, हालांकि खरीदार-विक्रेता की डिटेल्स सामने नहीं आईं।
HDFC Bank Share परफॉर्मेंस का अवलोकन
- 1 सप्ताह: करीब 4.4% गिरावट
- 1 महीना: 5.5% नीचे
- साल की शुरुआत से (YTD): 4.3% गिरावट
- पिछले 1 साल: 10.6% रिटर्न (पॉजिटिव)
- 3 साल: 18.8% ग्रोथ
लंबे समय में बैंक का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत है, लेकिन शॉर्ट टर्म में मार्केट सेंटिमेंट नेगेटिव बना हुआ है।
आगे क्या?
HDFC Bank 17 जनवरी 2026 को अपने Q3 रिजल्ट्स घोषित करेगा, जहां नेट इंटरेस्ट मार्जिन और प्रॉफिट पर फोकस रहेगा। कई एनालिस्ट्स का मानना है कि डिपॉजिट ग्रोथ को बढ़ावा देने की स्ट्रैटजी से LDR कंट्रोल में आएगा। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह डिप खरीदारी का मौका हो सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में सतर्क रहें।
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आम है, इसलिए अपनी रिसर्च और रिस्क प्रोफाइल के आधार पर फैसला लें। अगर आप HDFC Bank जैसे मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स में निवेश कर रहे हैं, तो लंबी अवधि का नजरिया रखें।
नोट: यह जानकारी बाजार अपडेट पर आधारित है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।
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