ITC के Q3 FY26 रिजल्ट्स पर Motilal Oswal ने टारगेट प्राइस कम किया, लेकिन रेटिंग बरकरार रखी, जानिए क्यों

ITC लिमिटेड ने हाल ही में दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने स्थिर प्रदर्शन दिखाया, खासकर अपने कोर सिगरेट बिजनेस और FMCG सेगमेंट में। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने टैक्स में भारी बढ़ोतरी के चलते सतर्क रुख अपनाया है और स्टॉक का टारगेट प्राइस घटा दिया है, लेकिन रेटिंग को न्यूट्रल पर ही बनाए रखा है। आइए विस्तार से समझते हैं ITC के लेटेस्ट रिजल्ट्स, Motilal Oswal की राय और आगे क्या हो सकता है।

ITC Q3 FY26 के प्रमुख वित्तीय नतीजे

ITC ने Q3 FY26 में मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दिखाई। कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में अच्छी बढ़ोतरी हुई, जबकि FMCG सेगमेंट में डबल-डिजिट ग्रोथ देखी गई। मुख्य हाइलाइट्स इस प्रकार हैं:

  • स्टैंडअलोन ग्रॉस रेवेन्यू: ₹19,200 करोड़ (YoY +6.3%)
  • EBITDA: ₹6,271 करोड़ (YoY +7.6%, पेपर सेगमेंट को छोड़कर +8.3%)
  • EBITDA मार्जिन: 35.1% (YoY +50 bps)
  • नेट प्रॉफिट (बिफोर एक्सेप्शनल आइटम्स): मजबूत ग्रोथ, लेकिन एक बार के खर्च के कारण कुल PAT प्रभावित
  • कंसॉलिडेटेड ग्रॉस रेवेन्यू: ₹21,578 करोड़ (YoY +7.1%)
  • कंसॉलिडेटेड EBITDA: +8.2% YoY
  • FMCG-ओदर्स सेगमेंट: रेवेन्यू +11% YoY, EBITDA मार्जिन में 145 bps की बढ़ोतरी। स्टेपल्स, बिस्किट्स, नूडल्स, डेयरी, प्रीमियम पर्सनल वॉश और होम केयर जैसे कैटेगरी में मजबूत ग्रोथ।
  • सिगरेट सेगमेंट: स्थिर प्रदर्शन, वॉल्यूम और रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी।
  • एग्री बिजनेस: वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स और लीफ टोबैको एक्सपोर्ट्स से ग्रोथ।
  • पेपरबोर्ड्स एंड पैकेजिंग: इंपोर्ट्स और रियलाइजेशन में चुनौतियां, लेकिन पैकेजिंग बिजनेस में ग्रोथ।

कंपनी ने एक इंटरिम डिविडेंड ₹6.50 प्रति शेयर घोषित किया है, जो निवेशकों के लिए पॉजिटिव सिग्नल है। हालांकि, नए लेबर कोड्स से जुड़े वन-टाइम कॉस्ट (लगभग ₹274-355 करोड़) ने प्रॉफिट पर असर डाला, जिससे YoY कुछ गिरावट आई।

Motilal Oswal की रिव्यू और टारगेट प्राइस कट क्यों?

Motilal Oswal ने ITC के Q3 रिजल्ट्स को “हेल्दी परफॉर्मेंस” बताया, लेकिन सिगरेट बिजनेस पर हालिया टैक्स हाइक (फरवरी 2026 से लागू) के कारण सतर्कता बरती। ब्रोकरेज ने नोट किया:

  • सिगरेट डिवीजन में स्थिरता बनी रही।
  • FMCG में ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में हेल्दी उछाल।
  • लेकिन 1 जनवरी 2026 को घोषित टैक्स बढ़ोतरी (GST और एक्साइज में तेज वृद्धि) से सिगरेट बिजनेस का अर्निंग आउटलुक डिस्टर्ब हुआ।
  • इलिसिट सिगरेट्स से कॉम्पिटिशन बढ़ सकता है, जो फॉर्मल इंडस्ट्री पर असर डालेगा।
  • स्टॉक जनवरी 2026 में टैक्स अनाउंसमेंट के बाद लगभग 20% करेक्ट हो चुका है।
  • निकट भविष्य में कोई मजबूत कैटलिस्ट नहीं दिख रहा, क्योंकि इंडस्ट्री नए टैक्स स्ट्रक्चर में एडजस्ट कर रही है।

इस वजह से Motilal Oswal ने अपना टारगेट प्राइस घटाकर ₹365 प्रति शेयर कर दिया है (SoTP-बेस्ड, Dec’27E P/E पर 21× वैल्यूएशन)। रेटिंग Neutral बरकरार रखी गई है। ब्रोकरेज का मानना है कि सिगरेट बिजनेस में अर्निंग प्रेशर से वैल्यूएशन कम्फर्ट के बावजूद शॉर्ट-टर्म कैटलिस्ट्स सीमित हैं।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

ITC का डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो (FMCG, होटल्स, अग्री, पेपर) कंपनी को रेसिलिएंट बनाता है। FMCG में रिकवरी और न्यू जेन चैनल्स में मजबूत परफॉर्मेंस पॉजिटिव है। लेकिन सिगरेट्स पर टैक्स हाइक और इलिसिट ट्रेड से चुनौतियां बनी हुई हैं।

स्टॉक हाल के महीनों में करेक्शन के बाद ट्रेडिंग लेवल्स पर है, और ₹365 का टारगेट करंट लेवल्स से करीब 15% अपसाइड दिखाता है। लॉन्ग-टर्म इनवेस्टर्स डिविडेंड यील्ड और डाइवर्सिफिकेशन पर फोकस कर सकते हैं, लेकिन शॉर्ट-टर्म में टैक्स इंपैक्ट मॉनिटर करना जरूरी है।

अन्य ब्रोकरेज जैसे Nuvama ने भी होल्ड रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस घटाया है, जबकि कुछ का मानना है कि Q3 परफॉर्मेंस एक्सपेक्टेशंस के अनुरूप था।

कुल मिलाकर, ITC मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनी बनी हुई है, लेकिन रेगुलेटरी चेंजेस से सतर्क रहना होगा। निवेश से पहले अपनी रिसर्च और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।

यूनियन बजट 2026 में एआई स्टॉक्स पर रहेगी खास नजर: डेटा सेंटर और टेक सेक्टर को मिल सकता है बड़ा बूस्ट

1 फरवरी 2026 को रविवार के दिन भारतीय शेयर बाजार खुलेगा! NSE और BSE में होगी स्पेशल ट्रेडिंग

चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: MCX पर 15% लोअर सर्किट लगने से बाजार में हड़कंप

Leave a Comment