सुजलॉन एनर्जी के Q3 नतीजे: नेट प्रॉफिट 15% बढ़कर 445 करोड़ रुपये, रेवेन्यू में 42% की शानदार उछाल

पुणे स्थित रिन्यूएबल एनर्जी की प्रमुख कंपनी सुजलॉन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के मजबूत वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने कंसोलिडेटेड आधार पर नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर लगभग 15% की वृद्धि दर्ज की है, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है। आइए जानते हैं इन नतीजों की पूरी डिटेल्स।

मुख्य वित्तीय हाइलाइट्स (Q3 FY26 vs Q3 FY25)

  • नेट प्रॉफिट: 445.28 करोड़ रुपये (पिछले साल की समान तिमाही में 387.76 करोड़ रुपये था) – YoY ग्रोथ 14.83% से 15% के आसपास।
  • ऑपरेशन से रेवेन्यू: 4,228.18 करोड़ रुपये (पिछले साल 2,968.81 करोड़ रुपये) – YoY बढ़ोतरी 42.42%
  • EBITDA: 739 करोड़ रुपये (पिछले साल 500 करोड़ रुपये) – YoY ग्रोथ लगभग 48%
  • EBITDA मार्जिन: 17.5% (पिछले साल 16.8%) – मार्जिन में सुधार।
  • रिकॉर्ड डिलीवरी: तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा 617 MW विंड टरबाइन डिलीवरी की गईं (पिछले साल 447 MW)।
  • ऑर्डर बुक: तिमाही के अंत में 6.4 GW का मजबूत ऑर्डर बुक, जो तिमाही की शुरुआत से भी ज्यादा है। 2.4 GW प्रोजेक्ट्स एग्जीक्यूशन में हैं।
  • नेट कैश पोजीशन: 1,556 करोड़ रुपये (31 दिसंबर 2025 तक) – कंपनी मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ दिखा रही है।

ग्रोथ के पीछे मुख्य कारण

सुजलॉन एनर्जी के CEO जेपी चालसानी ने कहा, “हमारे क्लोजिंग ऑर्डर बुक 6.4 GW का है, जो तिमाही की शुरुआत से ज्यादा है, जबकि हमने 30 साल में सबसे ज्यादा डिलीवरी की हैं। यह हमारे सॉल्यूशंस की डिमांड और एग्जीक्यूशन की क्षमता को दर्शाता है। हमारी बैलेंस्ड EPC स्ट्रैटेजी अच्छी चल रही है – EPC का शेयर 20% से बढ़कर 27% हो गया है। 2028 तक हम इसे 50% तक ले जाना चाहते हैं। साथ ही 25+ GW का प्रोजेक्ट डेवलपमेंट पाइपलाइन ग्रोथ को और मजबूत करेगा।”

भारत में रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती मांग, सरकारी सपोर्ट और विंड पावर सेक्टर की तेज ग्रोथ ने कंपनी को फायदा पहुंचाया है। आने वाले समय में पावर डिमांड तीन गुना होने की उम्मीद है, जिसमें रिन्यूएबल्स 10 गुना बढ़कर 1,600 TWh तक पहुंच सकती हैं। विंड एनर्जी का CAGR 10% रह सकता है।

मार्केट रिएक्शन और निवेशकों के लिए क्या मतलब?

नतीजे जारी होने के बाद सुजलॉन के शेयर में शुरुआती गिरावट देखी गई (करीब 4-5% तक), लेकिन लॉन्ग टर्म में कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, रिकॉर्ड एग्जीक्यूशन और EPC स्ट्रैटेजी से ग्रोथ की संभावनाएं मजबूत दिख रही हैं। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में सुजलॉन एक प्रमुख प्लेयर बनी हुई है, और भविष्य में और बेहतर परफॉर्मेंस की उम्मीद है।

निष्कर्ष: सुजलॉन एनर्जी के Q3 नतीजे कंपनी की ऑपरेशनल स्ट्रेंथ और विंड एनर्जी सेक्टर की तेज रफ्तार को साफ दिखाते हैं। अगर आप रिन्यूएबल एनर्जी स्टॉक्स में इंटरेस्टेड हैं, तो सुजलॉन पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, मार्केट वोलेटिलिटी को ध्यान में रखें और अपनी रिसर्च के आधार पर फैसला लें।

(नोट: यह जानकारी 5 फरवरी 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक डेटा पर आधारित है। निवेश से पहले लेटेस्ट अपडेट्स और एक्सपर्ट एडवाइस जरूर लें।)

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