भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। सरकार की इंडिया एआई मिशन और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों से देश को ग्लोबल एआई हब बनाने की दिशा में काम हो रहा है। इसी बीच, यूनियन बजट 2026 (जो 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला है) से निवेशकों की नजर एआई से जुड़े स्टॉक्स पर टिकी हुई है। विशेष रूप से डेटा सेंटर सेक्टर के स्टॉक्स फोकस में रह सकते हैं, क्योंकि एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और 5जी की वजह से डेटा की मांग बढ़ रही है।
डेटा सेंटर सेक्टर की ग्रोथ: एआई का मुख्य आधार
एआई एप्लिकेशन्स के लिए हाई-डेंसिटी कंप्यूटिंग और बड़े पैमाने पर डेटा स्टोरेज जरूरी है। क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के डेटा सेंटर ऑपरेटर्स की रेवेन्यू FY28 तक 20-22% की सालाना दर से बढ़कर लगभग 20,000 करोड़ रुपये पहुंच सकती है। जेफरीज की नवंबर 2025 रिपोर्ट में अनुमान है कि 2030 तक भारत की डेटा सेंटर क्षमता 8 गीगावॉट तक पहुंच जाएगी, जिसके लिए 30 बिलियन डॉलर का निवेश चाहिए।
इस ग्रोथ के पीछे मुख्य वजहें:
- एंटरप्राइजेज द्वारा पब्लिक क्लाउड का तेज अपनाना
- एआई में बढ़ते निवेश से हाई-डेंसिटी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत
- 5जी रोलआउट से वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और IoT जैसी सेवाओं की मांग
उद्योग जगत बजट से पावर की विश्वसनीय उपलब्धता, ग्रीन एनर्जी एक्सेस और आसान फाइनेंसिंग जैसी पॉलिसी सपोर्ट की उम्मीद कर रहा है, क्योंकि डेटा सेंटर एनर्जी-इंटेंसिव होते हैं।
बजट 2026 में एआई से जुड़े स्टॉक्स जो फोकस में रह सकते हैं
बजट से पहले मार्केट में इन स्टॉक्स पर चर्चा हो रही है:
- Barti Airtel – टेलीकॉम और डेटा सेंटर में मजबूत उपस्थिति। जेफरीज रिपोर्ट में रिलायंस, भारती और अदानीकॉनेक्स जैसे बड़े प्लेयर्स 2030 तक 35-40% क्षमता के साथ प्रमुख रहेंगे।
- Tata Communications – क्लाउड और डेटा सर्विसेज में मजबूत, एआई-ड्रिवन डिमांड से फायदा मिल सकता है।
- Anant Raj – रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़ा, डेटा सेंटर बिल्डिंग में योगदान दे रहा है।
इसके अलावा, Reliance Industries और Adani Group (AdaniConneX के जरिए) जैसे बड़े नाम भी डेटा सेंटर क्षमता बढ़ा रहे हैं। ग्लोबल टेक जायंट्स जैसे माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अमेजन भारत में अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं, जो लोकल एआई इकोसिस्टम को मजबूत करेगा।
इंडस्ट्री की बजट 2026 से प्रमुख उम्मीदें
- इंडिया एआई मिशन के लिए आवंटन दोगुना या उससे ज्यादा (वर्तमान में FY26 में 2,000 करोड़ रुपये, उम्मीद 5,000 करोड़+ तक बढ़ने की)।
- डेटा सेंटर को स्ट्रैटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस, कंप्यूट सब्सिडी और GPU इंफ्रा पर फोकस।
- स्किलिंग, R&D और MSME में एआई एडॉप्शन के लिए इंसेंटिव्स।
- ग्रीन एनर्जी, पावर और फाइनेंसिंग में सपोर्ट से एआई ग्रोथ को बूस्ट।
एआई भारत की इकोनॉमी में 2035 तक 1.7 ट्रिलियन डॉलर जोड़ सकता है। बजट में अगर ये ऐलान होते हैं, तो एआई और डेटा सेंटर स्टॉक्स में तेज रैली देखने को मिल सकती है।
निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें, क्योंकि मार्केट रिस्की होता है। बजट 2026 भारत को एआई पावरहाउस बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है!
1 फरवरी 2026 को रविवार के दिन भारतीय शेयर बाजार खुलेगा! NSE और BSE में होगी स्पेशल ट्रेडिंग
चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: MCX पर 15% लोअर सर्किट लगने से बाजार में हड़कंप
Semicon 2.0 भारत का सेमीकंडक्टर रोडमैप: 2035 तक ग्लोबल टॉप प्लेयर बनने की मजबूत योजना
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम वरुण सिंह है, मैं अपने खाली समय में Youtube Channel पर फाइनेंस संबंधी वीडियो अपलोड करता हूं साथ ही ब्लॉगिंग भी कर रहा हूं। हमारी कोशिश है की हम अपने पाठकों के लिए फाइनेंस सम्बंधित विषयों पर उच्च गुणवत्ता से युक्त आर्टिकल प्रकाशित करें।