5 फरवरी 2026 को सोने और चांदी के बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोने के अप्रैल वायदा भाव में ₹3000 की गिरावट आई, जबकि चांदी के मार्च वायदा में ₹32,000 तक की भारी कमी दर्ज हुई। गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में भी तेज बिकवाली देखी गई, जहां सिल्वर ईटीएफ 11% से ज्यादा और गोल्ड ईटीएफ 4% तक नीचे बंद हुए। यह गिरावट पिछले दिनों के रिकॉर्ड हाई से आई है, जहां चांदी ₹4.20 लाख प्रति किलो तक पहुंची थी और अब यह ₹1.84 लाख सस्ती हो चुकी है। सोना भी अपने पीक से ₹43,000 तक कम हुआ है।
सोना-चांदी क्यों इतना गिरा? तीन मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेज गिरावट के पीछे तीन प्रमुख वजहें हैं:
- अमेरिकी फेड चेयरमैन के नाम पर बदलाव की उम्मीद: केविन वॉर्श को अगला फेड चेयरमैन बनाने की चर्चा से रेट कट की संभावनाएं कम हुईं। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जो सोने-चांदी जैसी कमोडिटी के लिए नकारात्मक है। डॉलर इंडेक्स के ऊपर जाने से निवेशक सतर्क हो गए और मुनाफावसूली शुरू हो गई।
- भू-राजनीतिक तनाव में कमी: अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को ओमान में बातचीत होने की खबर से न्यूक्लियर टेंशन कम होने की उम्मीद बनी। इससे सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग घटी और सोने-चांदी पर बिकवाली का दबाव बढ़ा।
- अमेरिका-चीन संबंधों में सुधार: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच सकारात्मक फोन कॉल हुई। ट्रंप ने इसे पूरी तरह पॉजिटिव बताया, जिससे दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की उम्मीद बढ़ी। इससे ग्लोबल रिस्क कम हुआ और प्रीशियस मेटल्स की अपील घटी।
इन कारणों से बाजार में हाई वोलेटिलिटी देखी गई, जहां निवेशक छोटी-छोटी रैलियों पर भी प्रॉफिट बुक कर रहे हैं।
आज के लेटेस्ट सोना-चांदी रेट्स (5 फरवरी 2026, शाम 8 बजे तक एमसीएक्स पर)
- सोना (अप्रैल वायदा): ₹1,50,000 प्रति 10 ग्राम (₹3000 की गिरावट)
- चांदी (मार्च वायदा): ₹2,36,000 प्रति किलो (₹32,000 की गिरावट)
यह गिरावट 4 फरवरी के उछाल के बाद आई, जहां कीमतें तेजी से बढ़ी थीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी पर दबाव रहा, जिसका असर घरेलू बाजार पर पड़ा।
निवेशकों के लिए सलाह
यह गिरावट मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों से जुड़ी है, लेकिन लंबे समय में सोना-चांदी मजबूत बने रह सकते हैं। अगर आप निवेश की सोच रहे हैं तो वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए जल्दबाजी से बचें।
कीमतों में यह बदलाव शादियों के सीजन में खरीदारों को राहत दे सकता है, लेकिन आगे क्या होगा, यह वैश्विक घटनाओं पर निर्भर करेगा। अपडेट्स के लिए बाजार पर नजर रखें!
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