Tempsens Instruments (India) IPO GMP: आज करीब 36-37% प्रीमियम, जानें लिस्टिंग गेन के पूरे आंकड़े और जरूरी जानकारी

थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Tempsens Instruments (India) Limited का ₹650 करोड़ का मेनबोर्ड IPO 20 अगस्त 2026 को बिडिंग के लिए खुलेगा और 24 अगस्त 2026 को बंद होगा। कंपनी ने प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया है। 17 अगस्त 2026 तक इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब ₹110 के आसपास रिपोर्ट किया गया, जो लगभग 36-37% के अनुमानित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि GMP कोई आधिकारिक या SEBI-रेगुलेटेड आंकड़ा नहीं है, इसलिए निवेश का फैसला केवल इसी पर आधारित नहीं होना चाहिए।

Tempsens Instruments IPO GMP आज कितना है?

Tempsens Instruments IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम पिछले कुछ दिनों में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है:

  • 14 अगस्त 2026: GMP का निम्नतम स्तर ₹0 दर्ज किया गया
  • 15 अगस्त 2026: GMP ₹85 पर स्थिर रहा
  • 17 अगस्त 2026: GMP अपने उच्चतम स्तर ₹135 तक पहुंचा
  • 18 अगस्त 2026 (नवीनतम रिपोर्ट): GMP करीब ₹110 पर बताया गया

₹110 के GMP के हिसाब से, ऊपरी प्राइस बैंड ₹300 पर अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब ₹410 प्रति शेयर बैठती है, जो करीब 36.67% के प्रीमियम को दर्शाती है। हालांकि, चूंकि पिछले एक हफ्ते में ही यह आंकड़ा ₹0 से लेकर ₹135 तक बदल चुका है, इसलिए यह साफ है कि यह डेटा कितना अस्थिर और अप्रत्याशित हो सकता है।

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ध्यान दें: GMP एक अनौपचारिक (unofficial) आंकड़ा है जो ग्रे मार्केट में होने वाले सौदों पर आधारित होता है। यह SEBI, BSE या NSE द्वारा रेगुलेटेड नहीं है और इसकी सटीकता की कोई गारंटी नहीं है। छोटे/मध्यम आकार के इश्यू में ग्रे मार्केट पतला (thin) होता है, जिससे मुट्ठी भर बड़े ऑर्डर भी GMP को काफी हिला सकते हैं। सबसे भरोसेमंद संकेत आमतौर पर इश्यू के आखिरी सब्सक्रिप्शन दिन और लिस्टिंग से एक दिन पहले का GMP माना जाता है, न कि शुरुआती दिनों का।

Tempsens Instruments IPO के मुख्य विवरण

विवरणजानकारी
IPO ओपन डेट20 अगस्त 2026 (गुरुवार)
IPO क्लोज डेट24 अगस्त 2026 (सोमवार)
प्राइस बैंड₹285 – ₹300 प्रति शेयर
फेस वैल्यू₹4 प्रति शेयर
लॉट साइज़50 शेयर
न्यूनतम निवेश (रिटेल)₹15,000 (ऊपरी बैंड पर)
इश्यू टाइपमेनबोर्ड, बुक-बिल्ट इश्यू
कुल इश्यू साइज़₹650 करोड़
फ्रेश इश्यू₹95 करोड़ (करीब 0.32 करोड़ शेयर)
ऑफर फॉर सेल (OFS)₹555 करोड़ (1,85,00,000 शेयर)
एम्प्लॉयी कोटा₹1.5 करोड़
अलॉटमेंट डेट25 अगस्त 2026 (संभावित)
लिस्टिंग डेट28 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)
रजिस्ट्रारKfin Technologies Ltd.
लीड मैनेजर्सICICI Securities Ltd., JM Financial Ltd.
प्री-IPO प्लेसमेंटमई 2026 में ₹343 प्रति शेयर पर 8,00,000 शेयरों का प्लेसमेंट

निवेशक कैटेगरी के अनुसार आरक्षण

  • रिटेल निवेशक: 35%
  • बाकी हिस्सा QIB और NII के बीच बंटा हुआ है (सटीक प्रतिशत के लिए RHP देखें)

Tempsens Instruments कंपनी के बारे में

1990 में स्थापित, Tempsens Instruments (India) Limited एक थर्मल इंजीनियरिंग कंपनी है, जो टेम्परेचर सेंसिंग सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सिस्टम्स और स्पेशलाइज्ड केबल सॉल्यूशंस में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी वडोदरा (गुजरात) में मुख्यालय रखती है, जबकि इसकी 11 में से 8 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स उदयपुर (राजस्थान) में स्थित हैं।

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कंपनी की खासियतें

  • भारत की सबसे बड़ी निर्माता: F&S रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी राजस्व के हिसाब से भारत में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेम्परेचर सेंसर की सबसे बड़ी निर्माता है, जिसका वित्त वर्ष 2026 तक टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में करीब 10.5% मार्केट शेयर है
  • कंपनी भारत में इलेक्ट्रिकल हीटर्स की सबसे बड़ी निर्माताओं में से एक भी है
  • 80 से ज्यादा देशों में ग्राहकों को सेवाएं, जो कंपनी की मजबूत अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी दिखाती हैं
  • कंपनी के प्रोडक्ट्स पावर जनरेशन, स्टील, ऑयल एंड गैस, पेट्रोकेमिकल्स, एयरोस्पेस, फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोटिव, सीमेंट, न्यूक्लियर, डिफेंस और फूड प्रोसेसिंग जैसे मिशन-क्रिटिकल इंडस्ट्रीज़ में इस्तेमाल होते हैं
  • कंपनी की कई अंतरराष्ट्रीय सब्सिडियरीज़/JVs हैं, जिनमें इंडोनेशिया की Tempsens Asia Jaya, दक्षिण कोरिया की Tempsens Korea Co. Limited, UAE की Tempsens Gulf LLC (60% हिस्सेदारी) और जर्मनी की Tempsens Instruments GmbH (50% हिस्सेदारी) शामिल हैं
  • FY26 में कंपनी ने जर्मनी की Tempsens Instruments GmbH और पोलैंड की Tempsens Polska sp. z o.o. का अधिग्रहण किया, जबकि FY25 में Marathon Heater का समामेलन (amalgamation) किया गया — इसलिए FY24, FY25 और FY26 के वित्तीय आंकड़े पूरी तरह तुलनीय (comparable) नहीं हैं

प्रमोटर्स

कंपनी के प्रमोटर वीरेंद्र प्रकाश राठी (Virendra Prakash Rathi), विनय राठी (Vinay Rathi) और प्रताप सिंह तलेसरा (Pratap Singh Talesara) हैं। IPO के बाद उनकी कुल हिस्सेदारी में कमी आने की उम्मीद है, क्योंकि इश्यू का बड़ा हिस्सा ऑफर फॉर सेल है।

वित्तीय प्रदर्शन

स्रोतों के अनुसार आंकड़ों में थोड़ी भिन्नता है (कुछ जगह ऑपरेशनल रेवेन्यू, तो कुछ जगह टोटल इनकम दिखाई गई है), नीचे मुख्य आंकड़े दिए गए हैं:

टोटल इनकम / रेवेन्यू (स्टैंडअलोन आधार पर):

वित्त वर्षटोटल इनकमPAT (शुद्ध लाभ)
FY24₹278.04 करोड़₹40.92 करोड़
FY25₹382.47 करोड़₹62.56 करोड़ (कुछ स्रोतों में ₹62.55 करोड़)
FY26₹455.86 करोड़₹71.07 करोड़

ऑपरेशनल रेवेन्यू (कुछ स्रोतों के अनुसार): FY24 में ₹274.81 करोड़, FY25 में ₹378.53 करोड़ और FY26 में ₹444.88 करोड़

अन्य प्रमुख आंकड़े (FY26):

  • EBITDA: ₹113.17 करोड़ (FY24 में ₹61.13 करोड़ था)
  • EBITDA मार्जिन: करीब 24.83%
  • PAT मार्जिन: करीब 15.59% (FY26)
  • नेटवर्थ: ₹180.61 करोड़ (FY24) से बढ़कर ₹496.89 करोड़ (FY26) — यानी दो सालों में करीब तीन गुना
  • कुल उधारी (borrowings): ₹30.13 करोड़ (FY24) से बढ़कर ₹77.95 करोड़ (FY26); 31 जुलाई 2026 तक कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों की कुल बकाया उधारी ₹108.32 करोड़ रही
  • डेट-टू-इक्विटी अनुपात: करीब 0.15, जो अपेक्षाकृत कम और आरामदायक माना जाता है

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महत्वपूर्ण नोट: एक अन्य विश्लेषण में कंसॉलिडेटेड आधार पर अलग आंकड़े भी सामने आए हैं, जिनमें FY23 से FY25 तक PAT मार्जिन में गिरावट (17.56% से 8.97%) और फिर 9M-FY26 (अप्रैल-दिसंबर 2025) में अचानक तेज़ उछाल (16.65% मार्जिन के साथ ₹38.69 करोड़ का मुनाफा) दिखाया गया है, जिसे कुछ विश्लेषक प्री-IPO अवधि में असाधारण (extraordinary) मुनाफे के तौर पर देख रहे हैं और इसकी दीर्घकालिक स्थिरता पर सवाल उठा रहे हैं। साथ ही, दिसंबर 2025 तक कंपनी की कंसॉलिडेटेड कुल उधारी ₹242.57 करोड़ आंकी गई है, जो ऊपर बताए गए स्टैंडअलोन आंकड़ों से अलग है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम और सटीक जानकारी के लिए कंपनी के आधिकारिक RHP का ही संदर्भ लें, क्योंकि विभिन्न अधिग्रहणों (GmbH, Polska) के चलते साल-दर-साल तुलना जटिल हो गई है।

वैल्यूएशन

अलग-अलग विश्लेषणों में वैल्यूएशन के आंकड़े भी अलग-अलग तरीकों से निकाले गए हैं:

  • एक विश्लेषण के अनुसार, ऊपरी प्राइस बैंड पर पोस्ट-IPO P/E अनुपात करीब 35.38 गुना है
  • एक अन्य विश्लेषण के अनुसार, यदि FY26 के “सुपर अर्निंग्स” को पोस्ट-IPO फुली डाइल्यूटेड इक्विटी पर लागू करें तो P/E करीब 15.51 गुना बैठता है, जबकि FY25 की कमाई के आधार पर यह 28.44 गुना है
  • P/BV (प्राइस-टू-बुक वैल्यू) अनुपात: करीब 2.44 गुना, दिसंबर 2025 तक ₹140.81 प्रति शेयर की NAV के आधार पर

चूंकि इश्यू में वैल्यूएशन के अलग-अलग अनुमान सामने आए हैं, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे RHP में दिए गए आधिकारिक और अंतिम आंकड़ों की जांच जरूर करें।

IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कैसे होगा?

फ्रेश इश्यू (₹95 करोड़) से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी मुख्य रूप से इन उद्देश्यों के लिए करेगी:

  1. कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex): करीब ₹18.13 करोड़
  2. कर्ज़ का पुनर्भुगतान (Debt Repayment): करीब ₹55 करोड़
  3. सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए बाकी राशि

चूंकि इश्यू का बड़ा हिस्सा (₹555 करोड़ यानी कुल इश्यू का करीब 85%) ऑफर फॉर सेल है, इसका मतलब है कि ज्यादातर जुटाई गई राशि मौजूदा शेयरधारकों (सेलिंग शेयरहोल्डर्स) को जाएगी, न कि सीधे कंपनी के कारोबार में निवेश होगी।

Tempsens Instruments IPO में निवेश के फायदे और जोखिम

संभावित फायदे

  • भारत में टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में राजस्व के हिसाब से अग्रणी निर्माता (करीब 10.5% मार्केट शेयर), जिससे प्रतिस्पर्धियों के लिए ऊंचा प्रवेश अवरोध (entry barrier) बनता है
  • तीन दशकों से ज्यादा का परिचालन अनुभव और निशे, कस्टमाइज्ड सॉल्यूशंस पर फोकस
  • FY24 से FY26 तक रेवेन्यू और मुनाफे में लगातार मजबूत वृद्धि
  • 80 से ज्यादा देशों में मौजूदगी के साथ मजबूत अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति
  • स्वस्थ EBITDA मार्जिन (24.83%) और अपेक्षाकृत कम डेट-टू-इक्विटी अनुपात (0.15)
  • पावर, स्टील, ऑयल एंड गैस, डिफेंस, न्यूक्लियर जैसे विविध और मिशन-क्रिटिकल इंडस्ट्रीज़ में मौजूदगी, जो एक ही सेक्टर पर निर्भरता का जोखिम कम करती है

संभावित जोखिम

  • इश्यू का बड़ा हिस्सा (₹555 करोड़, कुल का करीब 85%) ऑफर फॉर सेल है, यानी ज्यादातर राशि मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगी, कंपनी में सीधे निवेश नहीं होगी
  • GMP पिछले कुछ दिनों में ₹0 से ₹135 तक बेहद अस्थिर रहा है, जिससे यह भरोसेमंद संकेतक नहीं माना जा सकता
  • FY24-FY26 के वित्तीय आंकड़े अधिग्रहणों (GmbH, Polska) और समामेलन (Marathon Heater) के चलते पूरी तरह तुलनीय नहीं हैं
  • कुछ विश्लेषणों में प्री-IPO अवधि में असाधारण मुनाफे को लेकर चिंता जताई गई है, जिसकी स्थिरता भविष्य में बनी रहना जरूरी है
  • मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हिस्सा उदयपुर में केंद्रित (11 में से 8 यूनिट्स), जिससे भौगोलिक संकेंद्रण का जोखिम बना रहता है
  • कच्चे माल और सप्लायर संकेंद्रण (concentration) का जोखिम भी कंपनी ने स्वयं बताया है
  • कस्टमाइज्ड इंजीनियरिंग ऑर्डर्स में लंबे एग्जीक्यूशन साइकिल और ग्राहक-विशिष्ट तकनीकी जरूरतें शामिल होती हैं
  • इंडस्ट्रियल डिमांड, स्टील, पावर, ऑयल एंड गैस, सीमेंट जैसे सेक्टर्स के कैपेक्स साइकिल के प्रति संवेदनशील होती है
  • कुछ अंतरराष्ट्रीय सहायक कंपनियों/JVs (जैसे Tempsens Gulf LLC, Tempsens Poland) को हाल के वित्तीय वर्षों में घाटा हुआ है

Tempsens Instruments IPO में अप्लाई कैसे करें?

  1. अपने डीमैट खाते से जुड़े ब्रोकर ऐप या नेट बैंकिंग (ASBA) में लॉगिन करें
  2. IPO सेक्शन में जाकर “Tempsens Instruments (India) Limited” सर्च करें (20 अगस्त से उपलब्ध होगा)
  3. न्यूनतम 50 शेयर (एक लॉट) या उसके गुणकों में बोली लगाएं और प्राइस बैंड ₹285-300 के भीतर कीमत चुनें
  4. UPI मैनडेट अप्रूव करें, जिससे आपकी राशि ब्लॉक हो जाएगी (डेबिट अलॉटमेंट के बाद ही होगा)
  5. अलॉटमेंट का स्टेटस 25 अगस्त 2026 को रजिस्ट्रार (Kfin Technologies) की वेबसाइट पर चेक करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. Tempsens Instruments IPO GMP आज कितना है?

Ans: 18 अगस्त 2026 तक की जानकारी के अनुसार GMP करीब ₹110 है, जो अपर प्राइस बैंड ₹300 से लगभग 36.67% ज्यादा है। पिछले हफ्ते यह ₹0 से लेकर ₹135 तक बदल चुका है, इसलिए यह आंकड़ा लिस्टिंग तक और बदल सकता है।

2. Tempsens Instruments IPO कब खुलेगा?

Ans: IPO 20 अगस्त 2026 को खुलेगा और 24 अगस्त 2026 को बंद होगा।

3. Tempsens Instruments IPO की लिस्टिंग डेट क्या है?

Ans: कंपनी के शेयर 28 अगस्त 2026 को BSE और NSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

4. Tempsens Instruments IPO के लिए न्यूनतम निवेश राशि कितनी है?

Ans: रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट (50 शेयर) की न्यूनतम राशि ऊपरी बैंड पर ₹15,000 है।

5. Tempsens Instruments कंपनी क्या काम करती है?

Ans: यह 1990 में स्थापित एक थर्मल इंजीनियरिंग कंपनी है, जो टेम्परेचर सेंसिंग सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल्स बनाती है। यह भारत की सबसे बड़ी टेम्परेचर सेंसर निर्माता कंपनी है।

6. Tempsens Instruments IPO का साइज़ कितना बड़ा है?

Ans: यह ₹650 करोड़ का इश्यू है, जिसमें सिर्फ ₹95 करोड़ फ्रेश इश्यू है और बाकी ₹555 करोड़ ऑफर फॉर सेल है।

7. क्या GMP के आधार पर IPO में निवेश करना सही रणनीति है?

Ans: नहीं। GMP सिर्फ एक अनौपचारिक संकेतक है, और इस IPO में यह हाल ही में ₹0 से ₹135 तक बदल चुका है। निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स, बड़े OFS हिस्से, वित्तीय आंकड़ों की तुलनीयता और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन जरूर करें।

8. Tempsens Instruments IPO का अलॉटमेंट कब फाइनल होगा?

Ans: अलॉटमेंट 25 अगस्त 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। इस लेख में कंपनी के कुछ वित्तीय आंकड़ों को लेकर अलग-अलग स्रोतों में भिन्नता पाई गई है (स्टैंडअलोन बनाम कंसॉलिडेटेड, ऑपरेशनल रेवेन्यू बनाम टोटल इनकम), जिसे यथासंभव स्पष्ट किया गया है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) एक अनौपचारिक, गैर-रेगुलेटेड आंकड़ा है जो किसी भी समय बदल सकता है और यह लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं देता — इस इश्यू में यह पहले ही ₹0 से ₹135 तक बदल चुका है। IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। कोई भी निर्णय लेने से पहले कंपनी के आधिकारिक RHP (Red Herring Prospectus) का अध्ययन करें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

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