एक ऐसी बिस्किट की कल्पना कीजिए जो भारत के हर घर में मौजूद है — चाहे मुंबई की चालों में हो, बिहार के गांवों में या दिल्ली के दफ्तरों में। Parle-G सिर्फ एक बिस्किट नहीं, यह पीढ़ियों की यादों का हिस्सा है। और अब इसे बनाने वाली कंपनी Parle Products भारतीय शेयर बाज़ार की चौखट पर खड़ी है।
खबर है कि Parle Products $1 अरब से अधिक के IPO की योजना बना रही है, जिसमें कंपनी का मूल्यांकन $10.5 अरब से अधिक आंका जा सकता है। इसके लिए कंपनी ने Kotak Mahindra Capital, Axis Capital और HSBC Securities को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है।
97 साल बाद पहली बार सार्वजनिक होगी कंपनी
1929 में स्थापित Parle Products मुंबई की एक प्रमुख FMCG कंपनी है, जिसे Chauhan परिवार संचालित करता है। लगभग एक सदी तक परिवार की निजी थाती रहने के बाद, यह पहली बार होगा जब आम निवेशकों को इस ब्रांड में हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिलेगा।
प्रस्तावित IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) के रूप में होने की संभावना है, यानी कंपनी को सीधे कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी। इसके बजाय Chauhan परिवार अपनी कुछ हिस्सेदारी बाज़ार में बेचेगा, और परिवार का कंपनी पर नियंत्रण बना रहेगा। Bigul
कंपनी की वित्तीय सेहत कैसी है?
Parle Products ने FY2024-25 में अपना परिचालन राजस्व 8.5% बढ़ाकर ₹15,568 करोड़ दर्ज किया। हालांकि इसी अवधि में मुनाफा 39% गिरकर ₹979 करोड़ रह गया।
कंपनी की बैलेंस शीट काफी मज़बूत है — कुल इक्विटी करीब ₹9,727 करोड़ है, कर्ज लगभग शून्य है, और ब्याज कवरेज अनुपात 46 गुना है। बैलेंस शीट पर करीब ₹6,000 करोड़ की निवेश योग्य नकदी बैठी है। यह तस्वीर एक ऐसे पारिवारिक व्यवसाय की है जो दशकों से शांत मगर ठोस तरीके से बढ़ता रहा है।
Britannia से तुलना — अब सीधा मुकाबला
Parle Products के सार्वजनिक होने पर निवेशक पहली बार सीधे इसकी तुलना सूचीबद्ध प्रतिद्वंद्वी Britannia Industries से कर सकेंगे। भारत के दो सबसे बड़े बिस्किट ब्रांड अब शेयर बाज़ार में भी आमने-सामने होंगे — यह निवेशकों के लिए एक ऐतिहासिक विकल्प होगा।
2025 Burgundy Private Hurun India 500 रिपोर्ट ने Parle Products को भारत की सातवीं सबसे मूल्यवान अनलिस्टेड कंपनी का दर्जा दिया है, जिसका अनुमानित मूल्य करीब ₹75,420 करोड़ ($8 अरब) आंका गया है।
Parle का पोर्टफोलियो — सिर्फ Parle-G नहीं
Parle-G तो इस कंपनी का सिर्फ एक चेहरा है। कंपनी के उत्पादों में Parle-G के अलावा 20-20 Cookies, KrackJack, Monaco, Hide & Seek, 2-in-1 Eclairs, Kaccha Mango Bite और Parle Rusk जैसे दर्जनों लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं। यह विविधता ही Parle को एक मज़बूत FMCG खिलाड़ी बनाती है।
बाज़ार का माहौल — सही वक्त पर सही कदम?
भारत में बिस्किट, कुकीज़ और क्रैकर्स का बाज़ार 2025 में ₹1.16 लाख करोड़ का था, जो 2030 तक करीब 6.8% सालाना की दर से बढ़कर ₹1.64 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसी के साथ प्रीमियम, हेल्थ-कॉन्शियस और ऑन-द-गो फॉर्मेट की मांग भी तेज़ी से बढ़ रही है — जो Parle की रणनीति के बिल्कुल अनुकूल है।
कंपनी ने क्या कहा?
Parle Products के CMO Mayank Shah ने IPO की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी बाज़ार की अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती। उन्होंने कहा, “हम अपने व्यवसाय को चलाने और बढ़ाने पर केंद्रित हैं। अपने आकार की हर कंपनी की तरह, हम उन विकल्पों का मूल्यांकन करते रहते हैं जो हमारी विकास यात्रा को आगे बढ़ा सकें।”
निष्कर्ष — एक ऐतिहासिक मौके की दस्तक
Parle-G का IPO सिर्फ एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं होगी — यह भारत के उस ब्रांड का सार्वजनिक होना होगा जिसे करोड़ों भारतीयों ने बचपन से जाना है। अगर यह IPO आता है, तो यह उन लोगों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा जो दशकों से Parle-G खाते आए हैं — अब उसके हिस्सेदार भी बन सकते हैं।
हालांकि अभी यह प्रक्रिया शुरुआती दौर में है और अंतिम फैसला बाज़ार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। मगर एक बात तय है — जिस तरह Parle-G ने चाय की प्याली का साथ कभी नहीं छोड़ा, वैसे ही यह IPO भारतीय निवेशकों की चर्चा से दूर नहीं रहने वाला।
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