Edelweiss Nifty REITs & Realty Index Fund: भारत की पहली REITs आधारित इंडेक्स फंड

Edelweiss Nifty REITs & Realty Index Fund भारत की पहली REITs आधारित इंडेक्स फंड है। NFO 5-19 अगस्त 2026, इंडेक्स मेथडोलॉजी, टैक्सेशन, रिस्क और निवेश से जुड़ी हर जानकारी यहां पढ़ें।

रियल एस्टेट में निवेश की बात आते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में सीधे फ्लैट या प्लॉट खरीदने का खयाल आता है — भारी-भरकम पूंजी, लंबी कागजी प्रक्रिया और सालों तक पैसा फंसा रहने का डर। Edelweiss Mutual Fund ने अब इसी समस्या का एक नया समाधान पेश किया है: Edelweiss Nifty REITs & Realty Index Fund, जो कंपनी के दावे के अनुसार भारत की पहली REITs आधारित इंडेक्स फंड है।

इस आर्टिकल में हम इस फंड की पूरी जानकारी — इंडेक्स कैसे बना है, किन कंपनियों में पैसा लगेगा, टैक्स कैसे लगेगा, और यह किसके लिए सही है — विस्तार से समझेंगे।

NFO की मुख्य जानकारी एक नजर में

विवरणजानकारी
स्कीम टाइपओपन-एंडेड, Nifty REITs & Realty Total Return Index को ट्रैक करने वाली
कैटेगरीइंडेक्स फंड
NFO अवधि5 अगस्त 2026 से 19 अगस्त 2026
फंड मैनेजरभरत लाहोटी और मानसी जलगांवकर
एग्जिट लोडशून्य (Nil)
एक्सपेंस रेशियोअधिकतम 0.90% तक
न्यूनतम NFO निवेश₹100 और उसके बाद ₹1 के गुणकों में

REIT क्या है, और यह फंड क्यों बनाया गया?

REIT (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) एक SEBI-रेगुलेटेड ढांचा है जो किराए से आमदनी देने वाली प्रॉपर्टी को लिस्टेड, ट्रेड होने वाली यूनिट्स में बदल देता है। सीधे शब्दों में कहें तो REIT असल में किसी बड़े ऑफिस पार्क या मॉल का एक “शेयर” खरीदने जैसा है — आप उस बिल्डिंग के मालिक नहीं बनते, लेकिन उससे मिलने वाले किराये और वैल्यू ग्रोथ में हिस्सेदार जरूर बन जाते हैं।

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भारत में REIT की शुरुआत 2014 में नियम बनने के बाद 2019 में Embassy Office Parks REIT की लिस्टिंग से हुई। आज देश में 6 लिस्टेड REITs हैं — Embassy, Mindspace, Brookfield, Nexus Select, Knowledge Realty और सबसे नया Bagmane (मई 2026 में लिस्ट हुआ)। इन छह ट्रस्ट्स के पास मिलाकर करीब ₹3.1 लाख करोड़ की ग्रेड-A ऑफिस और रिटेल प्रॉपर्टी है, जिनका पोर्टफोलियो ऑक्युपेंसी 90-99% के बीच है, और जिन्होंने 2019 से अब तक ₹31,700 करोड़ से ज्यादा का डिस्ट्रीब्यूशन दिया है।

फिर भी दिलचस्प बात यह है कि भारत के कुल Grade-A ऑफिस स्टॉक का सिर्फ करीब 13% हिस्सा ही अभी REIT के रूप में लिस्ट हुआ है — जबकि अमेरिका जैसे विकसित बाजार में यह आंकड़ा करीब 98% है। यानी भारत में REIT मार्केट अभी शुरुआती दौर में है और इसके बढ़ने की काफी गुंजाइश बाकी है।

फंड किन एसेट्स में निवेश करेगा?

Edelweiss Nifty REITs & Realty Index Fund, Nifty REITs & Realty Total Return Index को ट्रैक करने की कोशिश करेगा (यह ट्रैकिंग एरर के अधीन है)। मौजूदा इंडेक्स संरचना कुछ इस तरह है:

  • करीब 60% हिस्सा — भारत में लिस्टेड REITs में
  • करीब 40% हिस्सा — रियल्टी सेक्टर के लिस्टेड शेयरों (जैसे रियल एस्टेट डेवलपर कंपनियां) में

एक जरूरी बात यह है कि जैसे-जैसे भविष्य में और नए REITs लिस्ट होंगे और इंडेक्स की पात्रता शर्तें पूरी करेंगे, वैसे-वैसे इंडेक्स में REITs का हिस्सा समय के साथ बढ़ सकता है।

इंडेक्स कैसे बनता है — पूरी मेथडोलॉजी

Nifty REITs & Realty Index कुल 15 सिक्योरिटीज का एक पोर्टफोलियो है, जिसे बनाने के लिए सख्त नियम अपनाए जाते हैं:

REITs की पात्रता — कम से कम 1 महीने की लिस्टिंग हिस्ट्री और पिछले 6 महीनों में कम से कम 90% ट्रेडिंग फ्रीक्वेंसी जरूरी है।

रियल्टी शेयरों की पात्रता — कम से कम 1 साल की लिस्टिंग हिस्ट्री, मार्केट कैप और एवरेज डेली टर्नओवर के हिसाब से टॉप 1000 कंपनियों में शामिल होना जरूरी है, कंपनी रियल्टी सेक्टर की होनी चाहिए, और सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले टॉप 10 पर्सेंटाइल शेयरों को बाहर रखा जाता है।

चयन — फ्री-फ्लोट मार्केट कैप के आधार पर टॉप 15 REITs चुने जाते हैं। अगर योग्य REITs की संख्या 15 से कम हो, तो बाकी स्लॉट टॉप रियल्टी शेयरों से भरे जाते हैं।

वेटेज (भार) — यह फ्री-फ्लोट मार्केट कैप पर आधारित होता है, जिसमें REITs को न्यूनतम 60% एलोकेशन दिया जाता है और किसी भी एक सिक्योरिटी का वेटेज अधिकतम 15% तक सीमित रखा जाता है। एक ही स्पॉन्सर/प्रमोटर ग्रुप की REITs और रियल्टी शेयरों का कुल वेटेज मिलाकर 32% से ज्यादा नहीं हो सकता।

रीबैलेंसिंग — हर तिमाही (मार्च, जून, सितंबर, दिसंबर) में इंडेक्स की समीक्षा होती है। इस दौरान REITs को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाता है, जरूरत पड़ने पर सबसे छोटी सिक्योरिटी को हटाकर जगह बनाई जाती है, ताकि SEBI के कंसंट्रेशन नियमों का पालन हो सके।

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इंडेक्स पोर्टफोलियो में फिलहाल कौन-कौन शामिल है?

31 जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, इंडेक्स की टॉप होल्डिंग्स इस प्रकार हैं:

REITs (कुल वेटेज: 58.8%)

  • Brookfield India Real Estate Trust — 15.7%
  • Embassy Office Parks REIT — 14.4%
  • Nexus Select Trust — 13.5%
  • Knowledge Realty Trust — 7.8%
  • Mindspace Business Parks REIT — 7.3%

रियल्टी इक्विटी शेयर (कुल वेटेज: 41.2%)

  • DLF Ltd. — 7.8%
  • Phoenix Mills Ltd. — 6.5%
  • Lodha Developers Ltd. — 6.4%
  • Godrej Properties Ltd. — 5.3%
  • Prestige Estates Projects Ltd. — 5.0%
  • Oberoi Realty Ltd. — 4.0%
  • Brigade Enterprises Ltd. — 2.0%
  • Anant Raj Ltd. — 1.8%
  • Aditya Birla Real Estate Ltd. — 1.4%
  • Sobha Ltd. — 1.1%

ध्यान रहे, यह पोर्टफोलियो स्थिर नहीं है — हर तिमाही रीबैलेंसिंग के साथ इसमें बदलाव होता रहता है। पिछले पांच रीबैलेंसिंग साइकिल में REITs का कुल हिस्सा लगातार 59-60% के आसपास बना रहा है, जो इंडेक्स की स्थिरता को दर्शाता है।

छह लिस्टेड REITs की तुलना — इंडेक्स के पीछे की असल संपत्ति

REITलिस्टिंगस्पॉन्सरGAV/मार्केट कैप (₹ करोड़)ऑक्युपेंसी
Embassyअप्रैल 2019Embassy Group70,540 / 39,90090%
Mindspaceअगस्त 2020K Raheja Corp47,635 / 32,76094%
Brookfieldफरवरी 2021Brookfield56,528 / 28,05093%
Nexus Selectमई 2023Blackstone30,558 / 23,50097%
Knowledge Realtyअगस्त 2025Blackstone + Sattva67,411 / 51,40092%
Bagmaneमई 2026Bagmane + Blackstone38,790 / 35,50099%

दिलचस्प बात यह है कि इन सभी छह ट्रस्ट्स का कुल मार्केट कैप उनकी असल संपत्ति (GAV) से करीब 32% कम है — यानी बाजार में ये REITs अपनी वास्तविक प्रॉपर्टी वैल्यू से डिस्काउंट पर ट्रेड हो रहे हैं। इसके अलावा इनका लोन-टू-वैल्यू (कर्ज का अनुपात) 18-32% के बीच है, जो SEBI की 49% की सीमा से काफी कम है — यानी इनके पास आगे और प्रॉपर्टी खरीदने की गुंजाइश भी बनी हुई है।

REIT में सीधे निवेश बनाम REIT इंडेक्स फंड — क्या फर्क है?

अगर आप सोच रहे हैं कि सीधे किसी एक REIT में पैसा लगाना बेहतर है या इस इंडेक्स फंड में, तो यह तुलना समझना जरूरी है:

पहलूसीधे REIT में निवेशREIT इंडेक्स फंड (म्यूचुअल फंड)
न्यूनतम निवेशकम (₹100-450 प्रति यूनिट)*बहुत कम — ₹100 में पूरी बास्केट
डीमैट अकाउंटजरूरीजरूरी नहीं
डाइवर्सिफिकेशनएक ही REIT तक सीमितसभी लिस्टेड REITs में इंडेक्स आधारित डाइवर्सिफिकेशन
रीबैलेंसिंग पर टैक्सहर बार बेचने पर टैक्स लगता हैफंड लेवल पर रीबैलेंसिंग पर कोई टैक्स नहीं
टैक्सेशनडिविडेंड/ब्याज इनकम पर स्लैब रेट से टैक्सरिडेम्पशन पर कैपिटल गेन टैक्स — LTCG 12.5% (24 महीने से ज्यादा होल्डिंग), STCG स्लैब रेट पर

*31 जुलाई 2026 के बाजार भाव पर आधारित

यानी अगर आप बार-बार अलग-अलग REITs में पैसा घुमाना (rebalance करना) चाहते हैं, तो सीधे REIT में हर बार टैक्स लगेगा और मिलने वाला डिस्ट्रीब्यूशन आपको खुद दोबारा निवेश करना होगा। वहीं इंडेक्स फंड में यह पूरा काम फंड मैनेजर संभालता है और आपको सिर्फ अंतिम रिडेम्पशन पर ही टैक्स देना होता है।

REIT फंड से रिटर्न कहां से आता है?

REIT आधारित फंड में रिटर्न तीन चीजों से मिलकर बनता है:

  1. किराया (Rent): REITs के पास मौजूद ऑफिस और मॉल हर तिमाही किराया कमाते हैं — आमतौर पर सालाना करीब 5-7%।
  2. किराए में बढ़ोतरी (Rent Growth): लीज एग्रीमेंट्स में हर साल करीब 4-6% की तय बढ़ोतरी (escalation) होती है, और नए टेनेंट अक्सर पुराने से ज्यादा किराया देते हैं।
  3. ब्याज दरों से जुड़ा प्राइस मूवमेंट: REIT की कीमतें ब्याज दरों से उलटा रिश्ता रखती हैं। जब ब्याज दरें घटती हैं तो REIT की कीमतें आमतौर पर बढ़ती हैं, और जब दरें बढ़ती हैं तो कीमतें दबाव में आती हैं। उदाहरण के लिए, जब 2022-23 में ब्याज दरें बढ़ीं तो REIT कीमतों में तेज गिरावट आई, और 2025 में जब दरें घटीं तो कीमतें करीब 20-25% तक उछल गईं।

एक जरूरी बात समझनी होगी — फंड को मिलने वाला तिमाही कैश अपने आप आपके अकाउंट में क्रेडिट नहीं होता, बल्कि वह फंड के भीतर ही कंपाउंड होता रहता है, जब तक आप निवेश नहीं बेच देते।

परफॉर्मेंस के आंकड़े

Nifty REITs & Realty TRI, इंसेप्शन (1 जुलाई 2021) से अब तक 18.4% सालाना रिटर्न दे चुका है, जबकि पिछले 3 साल में यह 20.4% रहा है। तुलना के लिए, Nifty Realty TRI ने इसी अवधि में क्रमशः 21.4% और 20.0% रिटर्न दिया, जबकि सिर्फ REITs (बराबर वेटेज पर) ने 14.4% और 20.9% रिटर्न दिया।

कैलेंडर ईयर के हिसाब से देखें तो रिटर्न में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है — 2022 में सिर्फ 1.0%, जबकि 2023 में 28.9% और 2025 में 9.1% रहा। यह उतार-चढ़ाव दिखाता है कि इस सेगमेंट में शॉर्ट टर्म वोलैटिलिटी काफी ज्यादा हो सकती है, हालांकि REITs वाला हिस्सा तुलनात्मक रूप से कम अस्थिर (standard deviation में) रहा है — REITs की स्टैंडर्ड डेविएशन इंसेप्शन से 10.9% रही, जबकि पूरे इंडेक्स की 13.9% और सिर्फ रियल्टी शेयरों की 28.0%।

किसे यह फंड सूट करता है?

फंड के रिस्क-ओ-मीटर के अनुसार, यह स्कीम “बहुत ज्यादा जोखिम” (Very High Risk) कैटेगरी में आती है, और इसका बेंचमार्क — Nifty REITs & Realty Total Return Index — भी इसी कैटेगरी में है। यह फंड उन निवेशकों के लिए उपयुक्त हो सकता है जो:

  • लंबी अवधि में पूंजी वृद्धि चाहते हैं
  • Nifty REITs & Realty Total Return Index के अनुरूप रिटर्न चाहते हैं (ट्रैकिंग एरर की सीमा के भीतर)
  • अपने पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट एक्सपोजर जोड़ना चाहते हैं, लेकिन सीधे प्रॉपर्टी खरीदने की भारी पूंजी, लो-लिक्विडिटी और मैनेजमेंट की झंझट से बचना चाहते हैं

चूंकि यह एक “बहुत ज्यादा जोखिम” वाली स्कीम है, इसमें निवेश से पहले अपने रिस्क प्रोफाइल और फाइनेंशियल गोल्स के हिसाब से वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • यह फंड ब्याज दरों में बदलाव के प्रति संवेदनशील है — दरें बढ़ने पर REIT/रियल्टी कीमतों पर दबाव आ सकता है।
  • रियल्टी सेक्टर के शेयर (जैसे डेवलपर कंपनियां) REITs की तुलना में ज्यादा वोलैटाइल होते हैं — ऊपर के आंकड़ों में Nifty Realty TRI की स्टैंडर्ड डेविएशन REITs से लगभग तीन गुना ज्यादा रही है।
  • पिछला प्रदर्शन भविष्य में दोहराया जाए, यह जरूरी नहीं।
  • फंड का लक्ष्य इंडेक्स को ट्रैक करना है, लेकिन ट्रैकिंग एरर की वजह से वास्तविक रिटर्न इंडेक्स रिटर्न से थोड़ा अलग हो सकता है।

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निष्कर्ष

Edelweiss Nifty REITs & Realty Index Fund एक ऐसा प्रयास है जो भारत के अभी भी अंडर-पेनेट्रेटेड REIT मार्केट को आम निवेशकों के लिए आसान, कम पूंजी वाला और डीमैट-फ्री रास्ता देता है। REITs में संस्थागत ग्रेड की प्रॉपर्टी, कम कर्ज, नियमित डिस्ट्रीब्यूशन और SEBI का सख्त रेगुलेशन जैसी खूबियां हैं — और यह फंड एक ही झटके में छह REITs और टॉप रियल्टी शेयरों में डाइवर्सिफाइड एक्सपोजर देता है।

फिर भी यह याद रखना जरूरी है कि यह “बहुत ज्यादा जोखिम” वाली स्कीम है, जिसका प्रदर्शन काफी हद तक ब्याज दरों की चाल पर निर्भर करता है। किसी भी निवेश की तरह, अपनी जोखिम क्षमता, निवेश अवधि और पोर्टफोलियो में पहले से मौजूद एसेट एलोकेशन को ध्यान में रखते हुए ही फैसला लें।


डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं, स्कीम से जुड़े सभी दस्तावेज ध्यान से पढ़ें। यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने स्वतंत्र वित्तीय, कर या कानूनी सलाहकार से परामर्श जरूर करें।

स्रोत: Edelweiss Mutual Fund की आधिकारिक NFO प्रेजेंटेशन “Edelweiss Nifty REITs & Realty Index Fund” (SEBI पंजीकरण संख्या MF/057/08/02) पर आधारित।

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