शेयर बाजार में जहां कुल मिलाकर FIIs (Foreign Institutional Investors) अपनी पोजीशन घटा रहे हैं, वहीं कुछ चुनिंदा कंपनियों में उन्होंने चुपचाप अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। Motilal Oswal की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 तक Nifty-500 कंपनियों में FIIs की कुल हिस्सेदारी घटकर 17.1% रह गई है (पिछले साल 18.9% थी)। लेकिन कुछ स्टॉक्स में उन्होंने मजबूत खरीदारी दिखाई है।
FIIs ने इन 10 स्टॉक्स में बढ़ाई हिस्सेदारी (Top 10 Stocks)
| रैंक | कंपनी का नाम | पहले की हिस्सेदारी | नई हिस्सेदारी | बढ़ोतरी | सेक्टर |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | Bharti Airtel | 25.4% | 27.8% | +2.4% | टेलीकॉम |
| 2 | Hindalco Industries | 32.3% | 34.6% | +2.3% | मेटल्स |
| 3 | Bharat Electronics | 17.6% | 19.5% | +1.9% | डिफेंस |
| 4 | Eicher Motors | 25.0% | 26.8% | +1.8% | ऑटोमोबाइल |
| 5 | State Bank of India (SBI) | 10.8% | 12.2% | +1.4% | बैंकिंग (PSU) |
| 6 | ONGC | 7.1% | 8.0% | +0.9% | ऑयल & गैस |
| 7 | Jio Financial Services | 11.5% | 12.2% | +0.7% | फाइनेंशियल सर्विसेज |
| 8 | Coal India | 7.8% | 8.4% | +0.6% | माइनिंग |
| 9 | Tata Steel | 18.8% | 19.1% | +0.3% | स्टील |
सोर्स: Motilal Oswal Report (मार्च 2026 डेटा)
स्टॉक-वाइज विस्तृत जानकारी
1. Bharti Airtel टेलीकॉम सेक्टर में FIIs का सबसे बड़ा दांव। 5G, एंटरप्राइज सर्विसेज और डेटा ग्रोथ के चलते विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
2. Hindalco Industries मेटल्स सेक्टर में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी। ग्लोबल कमोडिटी डिमांड और मजबूत एल्युमिनियम बिजनेस ने FIIs को आकर्षित किया।
3. Bharat Electronics (BEL) डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती सरकारी ऑर्डर्स के कारण FIIs ने पोजीशन मजबूत की।
4. Eicher Motors प्रीमियम मोटरसाइकिल (Royal Enfield) और कमर्शियल वाहन सेगमेंट में अच्छा प्रदर्शन।
5. State Bank of India (SBI) PSU बैंकिंग में FIIs की वापसी का संकेत। मजबूत नेट प्रॉफिट और एसेट क्वालिटी सुधार ने आकर्षित किया।
6. ONGC ऑयल एंड गैस सेक्टर में क्रूड ऑयल प्राइस और प्रोडक्शन बढ़ोतरी से फायदा।
7. Jio Financial Services रिलायंस ग्रुप की नई फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी में FIIs का भरोसा कायम।
8. Coal India एनर्जी सेक्टर और कोयला डिमांड के कारण हल्की लेकिन पॉजिटिव खरीदारी।
9. Tata Steel स्टील सेक्टर में धीरे-धीरे रिकवरी के संकेत।
FIIs का ओवरऑल रुख क्यों बदला?
- कुल FII होल्डिंग में कमी (17.1%)
- लेकिन सेलेक्टिव बेटिंग — केवल मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स और सेक्टर्स में निवेश
- DIIs (घरेलू निवेशक) अभी भी बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं
निवेशकों के लिए क्या मतलब है?
- FII Buying को पॉजिटिव संकेत माना जाता है, लेकिन शॉर्ट टर्म वोलेटिलिटी रह सकती है।
- लंबी अवधि के निवेशक इन स्टॉक्स पर नजर रख सकते हैं, खासकर Bharti Airtel, Hindalco, BEL और SBI पर।
- हमेशा अपनी रिस्क प्रोफाइल और फंडामेंटल रिसर्च के आधार पर निवेश करें।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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