भारतीय शेयर बाजार में Domestic Institutional Investors (DIIs) लगातार मजबूत हो रहे हैं। विदेशी निवेशकों (FIIs) के बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों ने Nifty 50 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दी है। Motilal Oswal की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में DIIs ने Nifty के 82% स्टॉक्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
DII Ownership पहुंचा ऑल-टाइम हाई
Motilal Oswal रिपोर्ट (मार्च 2026) के मुख्य आंकड़े:
- Nifty 50 में DIIs की हिस्सेदारी: 25.4% (रिकॉर्ड उच्च स्तर)
- FIIs की हिस्सेदारी: 22.2% (मल्टी-ईयर लो)
- Nifty 500 में DIIs: 20.9% (8वें लगातार तिमाही में बढ़ोतरी)
- FIIs का Nifty 500 में हिस्सा: 17.1% (10 साल का सबसे निचला स्तर)
FII-to-DII ownership ratio अब घटकर 0.8x रह गया है (2016 में 1.7x था)। यह भारतीय बाजार में संरचनात्मक बदलाव (Structural Shift) का संकेत है।
पिछले एक साल में क्या हुआ?
- DIIs ने Nifty 50 के 82% कंपनियों में स्टेक बढ़ाया
- FIIs ने 78% कंपनियों में अपनी पोजीशन घटाई
DIIs ने सबसे ज्यादा खरीदारी की इन स्टॉक्स में (5%+ बढ़ोतरी):
- Infosys
- Kotak Mahindra Bank
- Tech Mahindra
- Asian Paints
- Dr Reddy’s Laboratories
FIIs की सिलेक्टिव खरीदारी
FIIs पूरी तरह बिकवाल नहीं रहे। उन्होंने चुनिंदा स्टॉक्स में पोजीशन बढ़ाई, जैसे:
- Bharti Airtel
- Hindalco Industries
- State Bank of India (SBI)
- Bharat Electronics (BEL)
सेक्टरियल बदलाव
DIIs ने 24 में से 21 सेक्टर्स में अपनी होल्डिंग बढ़ाई। सबसे मजबूत खरीदारी इन सेक्टर्स में:
- प्राइवेट बैंक
- टेक्नोलॉजी (IT)
- टेलीकॉम
- रियल एस्टेट
- हेल्थकेयर
- इंफ्रास्ट्रक्चर
FIIs ने टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपनी एलोकेशन घटाकर 7.3% कर दी (ऑल-टाइम लो)।
क्यों बेच रहे हैं FIIs?
Motilal Oswal के अनुसार, FIIs की बिकवाली का मुख्य कारण ग्लोबल रिस्क एवर्शन है। ईरान-इजराइल-USA तनाव के चलते मार्च 2026 में FIIs ने $14.2 बिलियन की भारी बिकवाली की। वहीं DIIs ने $27.2 बिलियन का निवेश किया, जिसमें SIP फ्लो का बड़ा योगदान रहा।
बाजार के लिए क्या मतलब है?
- भारतीय बाजार अब FII फ्लो पर कम निर्भर
- DIIs बाजार को स्थिरता (Stability) प्रदान कर रहे हैं
- ग्लोबल शॉक्स का असर पहले जितना तेज नहीं पड़ेगा
- मिडकैप और स्मॉलकैप में भी DII ओनरशिप रिकॉर्ड हाई पर
निवेशकों के लिए सलाह
Motilal Oswal का कहना है कि DIIs बाजार की नींव (Bedrock) बने हुए हैं। अगर FII बिकवाली थमी तो बाजार में तेज रैली देखने को मिल सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
Read Also: FIIs ने चुपचाप खरीदे ये 10 शेयर! Hindalco, Bharti Airtel, SBI और ONGC में बढ़ाई हिस्सेदारी (मई 2026)
Read Also: HDFC Defence Fund में SIP और STP लिमिट बढ़ी: ₹25,000 तक नया निवेश संभव
Read Also: म्यूचुअल फंड फोलियो लॉक ऑप्शन 2026: SEBI का नया फीचर अब आपके निवेश को और सुरक्षित बनाएगा
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम वरुण सिंह है, मैं अपने खाली समय में Youtube Channel पर फाइनेंस संबंधी वीडियो अपलोड करता हूं साथ ही ब्लॉगिंग भी कर रहा हूं। हमारी कोशिश है की हम अपने पाठकों के लिए फाइनेंस सम्बंधित विषयों पर उच्च गुणवत्ता से युक्त आर्टिकल प्रकाशित करें।