FMCG में ITC का प्लान 2026: प्रीमियमाइजेशन + सलेक्टिव एक्विजिशन, महंगे सौदों से दूरी

ITC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हेमंत मलिक ने अधिग्रहण (Acquisitions) पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि कंपनी “किसी भी कीमत पर खरीदारी नहीं करेगी”। यह बयान फूड और पर्सनल केयर बिजनेस की ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर एक महत्वपूर्ण संकेत देता है, जहां ITC वैल्यू-एक्रिटिव डील्स पर फोकस कर रही है।

ITC की अधिग्रहण नीति: वैल्यू पहले, कीमत बाद में

हाल ही में बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए एक वीडियो इंटरव्यू में हेमंत मलिक ने स्पष्ट किया कि ITC अब अधिग्रहणों को लेकर पहले से ज्यादा एक्टिव है, लेकिन यह “ITC Next” स्ट्रैटेजी के तहत हो रहा है। कंपनी पहले मुख्य रूप से अपने ब्रांड्स को ग्राउंड से खड़ा करने पर जोर देती थी, लेकिन अब ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक दोनों रास्तों से फ्यूचर-रेडी पोर्टफोलियो तैयार कर रही है।

मलिक ने कहा, “हम किसी भी कीमत पर खरीदारी नहीं करेंगे। हमारा फोकस हमेशा वैल्यू-एक्रिटिव अधिग्रहणों पर रहा है।” अधिग्रहण तीन मुख्य सिद्धांतों पर आधारित हैं:

  1. हाई-ग्रोथ कैटेगरी में एंट्री जहां काफी ग्रोथ का स्कोप हो।
  2. ITC की एंटरप्राइज स्ट्रेंथ (जैसे एग्री एक्सपर्टाइज) से वैल्यू ऐड करने की क्षमता।
  3. स्ट्रैटेजिक कैपेबिलिटी हासिल करना।

हाल के अधिग्रहण: स्मार्ट और सेलेक्टिव मूव्स

ITC ने पिछले कुछ वर्षों में कुछ चुनिंदा अधिग्रहण किए हैं, जो फ्यूचर ट्रेंड्स से जुड़े हैं:

  • 24 Mantra Organic – ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स में सोर्सिंग एडवांटेज के लिए, ITC की एग्री एक्सपर्टाइज से स्केलिंग।
  • Yoga Bar – प्रोटीन-लेड ऑफरिंग्स पर फोकस, वैल्यू प्रोपोजिशन को रिफाइन किया।
  • Prasuma – फ्रोजेन फूड पोर्टफोलियो को मजबूत किया।
  • Sunrise – मसालों में ग्रोथ पोटेंशियल को टैप करने के लिए।

ये अधिग्रहण बड़े टिकट वाले नहीं हैं, क्योंकि फूड इंडस्ट्री में वैल्यूएशन बहुत हाई चल रहे हैं। मलिक ने जोर दिया कि कंपनी स्केलिंग और वैल्यू क्रिएशन पर फोकस करेगी, न कि महंगे डील्स पर।

FMCG इंडस्ट्री में ग्रोथ: ITC का लक्ष्य मार्केट से तेज बढ़ना

पिछले दो साल FMCG सेक्टर के लिए चुनौतीपूर्ण रहे, जहां वॉल्यूम ग्रोथ सिर्फ 3-5% रही। लेकिन ITC ने मार्केट रेट या उससे ज्यादा ग्रोथ हासिल की है और आज यह देश की टॉप पैकेज्ड फूड कंपनियों में शामिल है।

मलिक का कहना है, “हमारा उद्देश्य इंडस्ट्री से तेज ग्रोथ करना है।” ग्रोथ के मुख्य वेक्टर्स:

  • प्रीमियमाइजेशन – 20% से ज्यादा प्रीमियम और अब सुपर-प्रीमियम (50% हायर) सेगमेंट पर फोकस।
  • हेल्थ एंड वेलनेस, फ्रेश ऑफरिंग्स, सेंसोरियल एक्सपीरियंस, इंडलजेंस और कन्वीनियंस।
  • क्विक कॉमर्स (qcom) से बेहतर एक्सेस।
  • डेटा साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का इस्तेमाल।
  • हाल के GST रेट कट (कई कैटेगरी में 18% से 5%, फूड सेगमेंट में 12% से 5%) से कंजम्पशन रिकवरी, खासकर Q3 (अक्टूबर-दिसंबर) से।

रूरल मार्केट्स बेहतर परफॉर्म कर रहे हैं, जबकि अर्बन में ई-कॉमर्स और qcom से ग्रीन शूट्स दिख रहे हैं।

भविष्य की रणनीति: बैलेंस्ड ग्रोथ

अधिग्रहण ग्रोथ एजेंडा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन एकमात्र नहीं। ITC ऑर्गेनिक ग्रोथ के साथ इनऑर्गेनिक रास्ते को बैलेंस कर रही है। कंपनी का मानना है कि प्रीमियमाइजेशन और कंजम्पशन रिकवरी से FMCG इंडस्ट्री से बेहतर परफॉर्मेंस संभव है।

यह बयान ITC की सतर्क लेकिन आक्रामक स्ट्रैटेजी को दर्शाता है, जहां क्वालिटी और लॉन्ग-टर्म वैल्यू को प्राथमिकता दी जा रही है। निवेशक और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के लिए यह संकेत है कि ITC महंगे सौदों में नहीं फंसेगी, बल्कि स्मार्ट तरीके से आगे बढ़ेगी।

पराग पारिख लार्ज कैप फंड लांच 2026: कम लागत वाला भारत के टॉप कंपनियों में निवेश का बेहतरीन विकल्प

आर्मर सिक्योरिटी इंडिया आईपीओ: अंतिम दिन पर 2 गुना सब्सक्रिप्शन, 22 जनवरी को लिस्टिंग की उम्मीद

विजय केडिया ने अद्वैत एनर्जी ट्रांजिशन्स में नया दांव लगाया, शेयर 9% से ज्यादा उछला!

Leave a Comment