वेदांता लिमिटेड, भारत की प्रमुख माइनिंग कंपनी, ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के उत्पादन आंकड़े जारी किए हैं। इस तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन में मिश्रित रुझान देखने को मिला है। एल्यूमिनियम उत्पादन, जिंक उत्पादन और आयरन ओर उत्पादन में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई, जबकि स्टील उत्पादन और तेल एवं गैस उत्पादन में कमी आई है। यह अपडेट कंपनी की परिचालन दक्षता और बाजार मांग पर निर्भर करता है।
प्रमुख उत्पादन हाइलाइट्स (Q3 FY26)
- एल्यूमिनियम उत्पादन: कुल उत्पादन में सालाना आधार पर 1% की मामूली बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने रिकॉर्ड स्तर पर एल्यूमिना उत्पादन भी दर्ज किया, जो एल्यूमिनियम निर्माण की आधार सामग्री है।
- जिंक उत्पादन:
- जिंक इंडिया: माइनड मेटल उत्पादन में 4% की वृद्धि, जो अब तक की सबसे ऊंची तिमाही उत्पादन स्तर पर पहुंच गया।
- जिंक इंटरनेशनल: माइनड मेटल उत्पादन में 28% की मजबूत बढ़ोतरी।
- आयरन ओर उत्पादन: बिक्री योग्य आयरन ओर उत्पादन 3% YoY बढ़कर 1.6 मिलियन टन हो गया। तिमाही आधार पर (QoQ) यह 49% की प्रभावशाली वृद्धि के साथ बेहतर परिचालन दक्षता दिखाता है।
- स्टील उत्पादन: बिक्री योग्य स्टील उत्पादन में 1% की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
- तेल एवं गैस उत्पादन: औसत दैनिक सकल संचालित उत्पादन 15% QoQ गिरकर 84,900 बैरल ऑफ ऑयल इक्विवेलेंट प्रति दिन (boepd) रह गया।
कंपनी ने बीएसई फाइलिंग में कहा कि आयरन ओर की बिक्री योग्य उत्पादन में सुधार मुख्य रूप से बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी के कारण हुआ है। वेदांता ग्रुप क्रिटिकल मिनरल्स, ट्रांजिशन मेटल्स, एनर्जी और टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लीडर है, जिसकी ऑपरेशंस भारत के अलावा दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, लाइबेरिया, यूएई, सऊदी अरब, कोरिया, ताइवान और जापान में फैली हुई हैं।
वेदांता उत्पादन अपडेट का महत्व
यह वेदांता Q3 उत्पादन अपडेट निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कंपनी की विभिन्न सेगमेंट्स में ग्रोथ और चुनौतियों को दर्शाता है। एल्यूमिनियम और जिंक जैसे सेगमेंट में बढ़ोतरी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती मांग से जुड़ी है, जबकि तेल-गैस में गिरावट वैश्विक ऊर्जा बाजार की उतार-चढ़ाव को प्रतिबिंबित करती है।
वेदांता के शेयर प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं पर नजर रखें, क्योंकि कंपनी डीमर्जर प्रक्रिया और कॉस्ट रिडक्शन स्ट्रैटेजी पर फोकस कर रही है। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक सूत्रों का अनुसरण करें।
डिस्क्लेमर: बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपना रिसर्च करें या फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।
Groww DP Charges: कब लगते हैं, कितने लगते हैं और कैसे बचें? 2026 में पूरी जानकारी
MCX शेयर प्राइस में 80% गिरावट: स्टॉक स्प्लिट के बाद निवेशकों को क्यों नहीं घबराना चाहिए?
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम वरुण सिंह है, मैं अपने खाली समय में Youtube Channel पर फाइनेंस संबंधी वीडियो अपलोड करता हूं साथ ही ब्लॉगिंग भी कर रहा हूं। हमारी कोशिश है की हम अपने पाठकों के लिए फाइनेंस सम्बंधित विषयों पर उच्च गुणवत्ता से युक्त आर्टिकल प्रकाशित करें।