लेंडिंग सेक्टर की जानी-मानी फिनटेक कंपनी Kissht ने अब अपने कारोबार को कर्ज़ (lending) से आगे बढ़ाते हुए वेल्थ मैनेजमेंट सेगमेंट में एंट्री कर ली है। कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई (wholly owned subsidiary), Invincible Minds Private Limited, को Association of Mutual Funds in India (AMFI) से आधिकारिक AMFI Registration Number (ARN) मिल गया है, जिससे Kissht अब म्यूचुअल फंड डिस्ट्रिब्यूशन बिज़नेस में औपचारिक रूप से उतर चुकी है।
क्या हुआ है बिल्कुल नया?
कंपनी ने मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई अपनी जानकारी में बताया कि Invincible Minds को AMFI की ओर से 14 जुलाई को एक ईमेल मिला, जिसमें ARN के अलॉटमेंट की पुष्टि की गई थी। यह रजिस्ट्रेशन 13 जुलाई 2026 से 12 जुलाई 2029 तक — यानी कुल तीन साल के लिए वैध रहेगा।
गौर करने वाली बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम बेहद तेज़ी से हुआ है। Invincible Minds को Kissht ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के तौर पर सिर्फ 17 जून को इनकॉर्पोरेट किया था। यानी कंपनी बनने के एक महीने से भी कम समय के भीतर उसे यह ज़रूरी रेगुलेटरी मंज़ूरी मिल गई। यह सब्सिडियरी खासतौर पर इसी मकसद से बनाई गई थी कि Kissht अपनी कोर लेंडिंग बिज़नेस से आगे बढ़कर फाइनेंशियल सर्विसेज़ में अपनी मौजूदगी को और व्यापक बना सके।
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AMFI Registration मिलने से Kissht को क्या फायदा होगा?
सिर्फ ARN मिल जाने से कोई भी कंपनी सीधे म्यूचुअल फंड बेचना शुरू नहीं कर सकती। ARN मिलने के बाद Invincible Minds को अलग-अलग एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) के साथ ज़रूरी empanelment प्रक्रिया पूरी करनी होगी, उसके बाद ही वह आधिकारिक रूप से म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर के तौर पर काम करना शुरू कर पाएगी। एक बार यह प्रक्रिया पूरी होने पर, Kissht अपने मौजूदा क्रेडिट/लोन प्रोडक्ट्स के साथ-साथ अपने ग्राहकों को इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स भी ऑफर कर सकेगी।
फिलहाल कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि वह म्यूचुअल फंड डिस्ट्रिब्यूशन सर्विस कब लॉन्च करेगी, या किन एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करेगी। लेकिन AMFI रजिस्ट्रेशन को वेल्थ मैनेजमेंट सेगमेंट में कंपनी के पहले औपचारिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
Kissht के बारे में — Lending से Wealth Management तक का सफर
Ranvir Singh और Krishnan Vishwanathan द्वारा 2015 में स्थापित, Kissht शुरुआत में एक डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर सामने आई थी, जो पर्सनल लोन और कंज़्यूमर क्रेडिट प्रोडक्ट्स ऑफर करती थी। समय के साथ कंपनी ने अपने फाइनेंशियल सर्विसेज़ पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए देशभर में एक बड़ा कस्टमर बेस भी तैयार कर लिया।
Kissht को चलाने वाली पैरेंट कंपनी OnEMI Technology Solutions ने हाल ही में शेयर बाज़ार में एंट्री की है। इसका IPO अप्रैल-मई 2026 में आया था, जिसमें ₹850 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल था, और कंपनी ₹191 प्रति शेयर पर लिस्ट हुई थी — जो अपने IPO प्राइस ₹171 से करीब 12% प्रीमियम पर थी। लिस्टिंग के बाद से कंपनी के शेयरों में लगातार मज़बूती देखी गई है।
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फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के लिहाज़ से भी कंपनी का हाल का रिकॉर्ड मज़बूत रहा है। वित्त वर्ष 2026 (मार्च 2026 में समाप्त) में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 63% बढ़कर ₹2,179 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि इससे पिछले साल यह ₹1,337 करोड़ था। इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट भी करीब 75% बढ़कर ₹281 करोड़ हो गया। जनवरी-मार्च तिमाही में अकेले रेवेन्यू ₹619 करोड़ रहा, जो एक साल पहले की समान तिमाही के ₹369 करोड़ से काफी ज़्यादा है।
Kissht आज मार्केट में कहां खड़ी है?
Entrackr की रिपोर्ट के अनुसार, आज सुबह 9:44 बजे तक Kissht का शेयर ₹314.55 पर ट्रेड कर रहा था, जिसके साथ कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन करीब ₹5,304 करोड़ (लगभग $564 मिलियन) आंका गया। कंपनी BSE और NSE, दोनों एक्सचेंजों पर लिस्टेड है, और इसने यह डेवलपमेंट SEBI की Listing Obligations and Disclosure Requirements (LODR) रेगुलेशन के तहत Regulation 30 के अंतर्गत डिस्क्लोज़ किया है।
बड़ा ट्रेंड: फिनटेक कंपनियां अब सिर्फ Lending तक सीमित नहीं
Kissht का यह कदम अकेला उदाहरण नहीं है — यह भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री में एक बड़े और तेज़ी से बढ़ते ट्रेंड का हिस्सा है। पिछले कुछ समय से कई फिनटेक प्लेटफॉर्म अपने कोर बिज़नेस (चाहे वह लेंडिंग हो या पेमेंट्स) से आगे बढ़कर वेल्थ मैनेजमेंट सेगमेंट में कदम रख रहे हैं। इसके पीछे तीन मुख्य वजहें हैं:
- कस्टमर इंगेजमेंट बढ़ाना: निवेश प्रोडक्ट्स जोड़ने से यूज़र्स ऐप पर ज़्यादा समय बिताते हैं और बार-बार लौटते हैं।
- क्रॉस-सेलिंग के मौके: एक ही प्लेटफॉर्म पर लोन और निवेश, दोनों प्रोडक्ट्स होने से कंपनियां मौजूदा कस्टमर बेस को नए प्रोडक्ट्स बेच पाती हैं।
- फीस-बेस्ड रेवेन्यू: ब्याज-आधारित लेंडिंग इनकम के उलट, म्यूचुअल फंड डिस्ट्रिब्यूशन से कमीशन के ज़रिए एक स्थिर और कम जोखिम वाला रेवेन्यू स्ट्रीम भी बनता है।
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इस तरह देखा जाए तो Kissht का यह कदम एक स्वाभाविक रणनीतिक विस्तार है, जो कंपनी को अपने मौजूदा क्रेडिट-केंद्रित बिज़नेस मॉडल के पार, एक व्यापक फाइनेंशियल सर्विसेज़ प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में ले जा सकता है।
निष्कर्ष
AMFI रजिस्ट्रेशन मिलना Kissht के लिए वेल्थ मैनेजमेंट सफर की सिर्फ शुरुआत है, मंज़िल नहीं। असली टेस्ट तब होगा जब कंपनी अलग-अलग AMCs के साथ empanelment पूरा करके अपनी म्यूचुअल फंड डिस्ट्रिब्यूशन सर्विस को आधिकारिक तौर पर लॉन्च करेगी। तब तक के लिए, यह डेवलपमेंट इस बात का साफ संकेत है कि भारत की फिनटेक कंपनियां अब सिर्फ कर्ज़ देने वाले प्लेटफॉर्म बनकर नहीं रहना चाहतीं, बल्कि अपने ग्राहकों के लिए पूरा फाइनेंशियल इकोसिस्टम बनाना चाहती हैं — कर्ज़ से लेकर निवेश तक।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के लिए है और यह कोई निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है। कंपनी के शेयर से जुड़े आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं। किसी भी निवेश फैसले से पहले अपनी रिसर्च करें या किसी SEBI-रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह लें।
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