HDFC Mutual Fund ने एक नई योजना लॉन्च की है – HDFC Gold Silver Passive FOF (Fund of Fund)। यह एक ओपन-एंडेड फंड ऑफ फंड स्कीम है जो सोने (Gold) और चांदी (Silver) के ETF में निवेश करती है। अगर आप सोने और चांदी में निवेश करना चाहते हैं लेकिन सीधे भौतिक धातु खरीदने की झंझट नहीं चाहते, तो यह योजना आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
इस लेख में हम इस स्कीम से जुड़ी हर जरूरी जानकारी – उद्देश्य, निवेश रणनीति, जोखिम, खर्च, और टैक्स – को सरल भाषा में समझाएंगे।
स्कीम का नाम और श्रेणी
स्कीम का नाम: HDFC Gold Silver Passive FOF
श्रेणी: Commodity Based FOF (Domestic) – यानी यह फंड घरेलू स्तर पर कमोडिटी आधारित ETF में निवेश करता है।
स्कीम का प्रकार: ओपन-एंडेड – इसका मतलब है कि आप किसी भी कार्यदिवस पर इसमें निवेश कर सकते हैं और अपनी यूनिट्स वापस भी ले सकते हैं।
HDFC Gold Silver Passive FOF NFO की जानकारी
यह स्कीम आज यानी 15 मई 2026 को खुली है और 29 मई 2026 को बंद होगी।
NFO मूल्य प्रति यूनिट ₹10 रखा गया है। NFO बंद होने के 5 कार्यदिवसों के भीतर स्कीम दोबारा खुल जाएगी, जिसके बाद आप NAV आधारित मूल्य पर खरीद और बिक्री कर सकते हैं।
न्यूनतम सब्सक्रिप्शन राशि: ₹100 और उसके बाद कोई भी राशि।
निवेश का उद्देश्य (Investment Objective)
इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य Gold ETF और Silver ETF की यूनिट्स में निवेश करके रिटर्न उत्पन्न करना है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस स्कीम का निवेश उद्देश्य हासिल होने की कोई गारंटी नहीं है, और न ही किसी निश्चित रिटर्न का आश्वासन दिया जाता है।
पैसा कहाँ लगाया जाएगा? (Asset Allocation)
| निवेश का माध्यम | न्यूनतम (%) | अधिकतम (%) |
|---|---|---|
| HDFC Gold ETF और HDFC Silver ETF की यूनिट्स | 95% | 100% |
| डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स | 0% | 5% |
यानी फंड का कम से कम 95% हिस्सा Gold और Silver ETF में लगाया जाएगा। बाकी 5% तक की राशि नकदी जरूरतों के लिए सरकारी प्रतिभूतियों, T-Bills, और Repo जैसे सुरक्षित साधनों में लगाई जा सकती है।
इस स्कीम में डेरिवेटिव, विदेशी प्रतिभूतियाँ, स्टॉक लेंडिंग, या इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट में कोई निवेश नहीं किया जाएगा।
बेंचमार्क (Benchmark)
इस स्कीम का बेंचमार्क है:
घरेलू भौतिक सोने की कीमत (70%) + घरेलू भौतिक चांदी की कीमत (30%)
यह बेंचमार्क नियामक नियमों के अनुसार निर्धारित किया गया है और स्कीम की परफॉर्मेंस की तुलना इसी से की जाएगी।
फंड मैनेजर कौन हैं? (Fund Managers)
मुख्य फंड मैनेजर: श्री भाग्येश कागलकर (58 वर्ष) ये HDFC AMC में जनवरी 2007 से कार्यरत हैं और इन्हें 31 वर्षों का अनुभव है। ये पहले से HDFC Gold ETF और HDFC Silver ETF भी संभालते हैं।
सह-फंड मैनेजर: सुश्री नंदिता मेनेजेस (30 वर्ष) ये CA हैं और दिसंबर 2021 से HDFC AMC में कार्यरत हैं। ये 30 से अधिक अन्य इंडेक्स और पैसिव फंड्स का सह-प्रबंधन करती हैं।
प्लान और विकल्प (Plans and Options)
इस स्कीम में दो प्लान उपलब्ध हैं:
1. Regular Plan – जो निवेशक किसी डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से निवेश करते हैं।
2. Direct Plan – जो निवेशक सीधे AMC के माध्यम से निवेश करते हैं। Direct Plan में कोई डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन नहीं होता, इसलिए इसका Expense Ratio कम होता है।
दोनों प्लान में केवल Growth Option उपलब्ध है। इसमें अर्जित आय और मुनाफा दोबारा निवेशित रहता है और NAV में परिलक्षित होता है।
Exit Load (निकासी शुल्क)
अगर आप यूनिट आवंटन के 15 दिनों के भीतर रिडीम करते हैं तो 1% Exit Load लगेगा।
15 दिनों के बाद रिडीम करने पर कोई Exit Load नहीं लगेगा।
बोनस यूनिट्स और IDCW के पुनर्निवेश पर कोई Exit Load नहीं है।
खर्च अनुपात (Expense Ratio / TER)
इस स्कीम में कुल दैनिक NAV का अधिकतम 0.90% प्रति वर्ष बेस Expense Ratio के रूप में लिया जाएगा।
एक महत्वपूर्ण बात – चूंकि यह Fund of Fund है, इसलिए निवेशक को दोहरा खर्च वहन करना होगा – पहला इस फंड का, और दूसरा अंतर्निहित (Underlying) ETF का।
Direct Plan बनाम Regular Plan का उदाहरण:
| विवरण | Regular Plan | Direct Plan |
|---|---|---|
| निवेश राशि (₹) | 10,000 | 10,000 |
| खर्च से पहले रिटर्न (₹) | 1,500 | 1,500 |
| वितरण खर्च (₹) | 50 | 0 |
| खर्च बाद रिटर्न (₹) | 1,300 | 1,350 |
| रिटर्न (%) | 13% | 13.5% |
NAV की जानकारी
स्कीम का NAV हर कार्यदिवस को कैलकुलेट और घोषित किया जाएगा। NAV का फॉर्मूला इस प्रकार है:
NAV = (बाजार मूल्य पर निवेश + चालू संपत्तियाँ – चालू देनदारियाँ) ÷ कुल बकाया यूनिट्स
NAV को 4 दशमलव तक कैलकुलेट किया जाएगा और यूनिट्स 3 दशमलव तक आवंटित होंगी।
NAV हर कार्यदिवस के अगले दिन सुबह 10 बजे तक AMC की वेबसाइट (www.hdfcfund.com) और AMFI की वेबसाइट पर अपडेट किया जाएगा।
कट-ऑफ टाइमिंग (Cut-off Timing)
खरीद (Purchase) के लिए: दोपहर 3 बजे तक मान्य आवेदन आने पर उसी दिन का क्लोजिंग NAV लागू होगा।
रिडेम्पशन के लिए: दोपहर 3 बजे तक आवेदन आने पर उसी दिन का NAV लागू होगा।
जोखिम (Risk Factors)
यह स्कीम “Very High Risk” श्रेणी में आती है। मुख्य जोखिम इस प्रकार हैं:
1. सोने और चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव: कीमतें मांग-आपूर्ति, मुद्रा विनिमय दर, ब्याज दर, आयात-निर्यात नियमों, और वैश्विक बाजार पर निर्भर करती हैं।
2. ट्रैकिंग एरर (Tracking Error): ETF, सोने और चांदी की असली कीमत को पूरी तरह ट्रैक नहीं कर पाता। बड़े ऑर्डर, नकदी की स्थिति, या लेनदेन लागत के कारण अंतर आ सकता है।
3. करेंसी जोखिम: सोने की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डॉलर में तय होती है, इसलिए रुपये और डॉलर की विनिमय दर में बदलाव NAV को प्रभावित करता है।
4. लिक्विडिटी जोखिम: द्वितीयक बाजार में Gold/Silver ETF की सक्रिय ट्रेडिंग हमेशा संभव नहीं होती, जिससे रिडेम्पशन में देरी हो सकती है।
5. रेगुलेटरी जोखिम: सरकार या SEBI द्वारा ट्रेडिंग नियमों में बदलाव से ETF की कीमत और NAV में अंतर आ सकता है।
6. फिजिकल गोल्ड/सिल्वर का जोखिम: चोरी, क्षति, या अपर्याप्त बीमा से भी ETF के अंतर्निहित मूल्य पर असर पड़ सकता है।
7. ब्याज दर जोखिम: डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश किए गए 5% हिस्से पर ब्याज दर के उतार-चढ़ाव का असर पड़ सकता है।
टैक्स की जानकारी (Taxation)
यह स्कीम “Other than Equity Oriented Fund” श्रेणी में आती है।
दीर्घकालिक पूंजी लाभ (LTCG): सूचीबद्ध यूनिट्स के लिए 12 महीने से अधिक और असूचीबद्ध यूनिट्स के लिए 24 महीने से अधिक होल्ड करने पर 12.5% की दर से (बिना इंडेक्सेशन के) टैक्स लगेगा।
अल्पकालिक पूंजी लाभ (STCG): निवेशक की लागू आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स देय होगा।
महत्वपूर्ण नोट: यदि यह फंड “Specified Mutual Fund” की परिभाषा में आता है (जो 65% से अधिक डेट में निवेश करे), तो लाभ को Deemed Short Term माना जाएगा। लेकिन इस स्कीम में 95-100% Gold/Silver ETF में निवेश है, इसलिए यह इस श्रेणी में नहीं आता।
स्टाम्प ड्यूटी: खरीद पर 0.005% और ट्रांसफर पर 0.015% स्टाम्प ड्यूटी लागू है।
कौन निवेश कर सकता है?
निम्नलिखित व्यक्ति इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं:
व्यक्तिगत निवेशक (एकल या संयुक्त), HUF, नाबालिग (अभिभावक के माध्यम से), कंपनियाँ, बैंक, वित्तीय संस्थान, NRI/PIO/OCI, SEBI पंजीकृत FPI, ट्रस्ट, और अन्य पात्र संस्थाएं।
निवेश नहीं कर सकते: अमेरिकी नागरिक (कुछ अपवादों को छोड़कर), कनाडा के निवासी, और FATF द्वारा चिह्नित उच्च-जोखिम देशों के निवेशक।
निवेश कैसे करें?
आप इन माध्यमों से निवेश कर सकते हैं:
1. ऑफलाइन: AMC/RTA की शाखाओं में जाकर।
2. ऑनलाइन: www.hdfcfund.com पर या HDFC MF App के माध्यम से।
3. स्टॉक एक्सचेंज: NSE/BSE के म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म से।
4. MF Utilities (MFU): www.mfuindia.com पर।
5. MF Central: KFintech और CAMS का संयुक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म।
6. ASBA: NFO के दौरान बैंक के माध्यम से ASBA फॉर्म भरकर।
7. डिस्ट्रीब्यूटर/RIA: अधिकृत म्यूचुअल फंड वितरक के जरिए।
NFO के दौरान SIP की सुविधा भी उपलब्ध है। NFO बंद होने के 15 दिन बाद पहली SIP किस्त शुरू होगी।
न्यूनतम लक्ष्य राशि
NFO के दौरान न्यूनतम ₹10 करोड़ जुटाना आवश्यक है। यदि यह राशि नहीं जुट पाई, तो निवेशकों को उनकी राशि वापस कर दी जाएगी।
रिफंड नीति
NFO बंद होने के 5 कार्यदिवसों के भीतर रिफंड किया जाएगा। देरी होने पर AMC को 15% प्रति वर्ष की दर से ब्याज देना होगा।
SIP और अन्य सुविधाएं
स्कीम में निरंतर निवेश काल में निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध हैं:
SIP (Systematic Investment Plan) – नियमित अंतराल पर एक निश्चित राशि का निवेश।
SIP Top-Up – SIP राशि को पूर्व-निर्धारित अंतराल पर बढ़ाने की सुविधा।
Micro SIP – PAN से मुक्त निवेशकों के लिए ₹50,000 प्रति वर्ष तक की SIP
SIP Pause – SIP को अस्थायी रूप से रोकने की सुविधा।
STP (Systematic Transfer Plan) – एक स्कीम से दूसरी में नियमित ट्रांसफर।
SWAP (Systematic Withdrawal Advantage Plan) – नियमित निकासी की सुविधा।
Auto Trigger – एक निश्चित लाभ या मूल्य पर स्वचालित निकासी/स्विच।
इस स्कीम में निवेश क्यों करें? (क्या यह आपके लिए सही है?)
यह स्कीम उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो:
सोने और चांदी दोनों में एकसाथ निवेश करना चाहते हैं, लेकिन भौतिक धातु खरीदने और सुरक्षित रखने की जटिलता से बचना चाहते हैं। इसके अलावा, जो लंबी अवधि में पूंजी वृद्धि चाहते हैं और “Very High Risk” उठाने में सक्षम हैं, उनके लिए यह एक विचारणीय विकल्प है।
हालांकि, यह स्कीम उन लोगों के लिए नहीं है जो स्थिर या गारंटीशुदा रिटर्न की तलाश में हैं।
संपर्क जानकारी
HDFC Asset Management Company Limited HDFC House, 2nd Floor, H.T. Parekh Marg, 165-166, Backbay Reclamation, Churchgate, Mumbai – 400 020
टोल फ्री नंबर: 1800 3010 6767 / 1800 419 7676 ईमेल: hello@hdfcfund.com वेबसाइट: www.hdfcfund.com
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले Scheme Information Document (SID) और Statement of Additional Information (SAI) ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।
Read Also: HDFC Flexi Cap Fund Top Holdings 2026: फंड रिटर्न्स, पोर्टफोलियो और विस्तृत विश्लेषण
Read Also: ITC Share Price Forecast May 2027: ITC स्टॉक प्राइस टारगेट 2027 में कितना होगा?
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम वरुण सिंह है, मैं अपने खाली समय में Youtube Channel पर फाइनेंस संबंधी वीडियो अपलोड करता हूं साथ ही ब्लॉगिंग भी कर रहा हूं। हमारी कोशिश है की हम अपने पाठकों के लिए फाइनेंस सम्बंधित विषयों पर उच्च गुणवत्ता से युक्त आर्टिकल प्रकाशित करें।